बिग बैश लीग (BBL) अगले सीजन से एक नया नियम लागू करने जा रही है, जिसे ‘डेजिग्नेटेड बैटर और फील्डर रूल’ कहा जाएगा। इस नियम के तहत टीमें एक ऐसे विशेष खिलाड़ी को चुन सकेंगी, जो सिर्फ बल्लेबाजी करेगा और गेंदबाजी या फील्डिंग नहीं कर पाएगा।
स्पोर्ट्स न्यूज़: ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) अगले सीजन से क्रिकेट फैंस के लिए एक नया और अनोखा नियम लेकर आने जा रही है। इस नए नियम का नाम रखा गया है ‘डेजिग्नेटेड बैटर और फील्डर रूल’, जो टीमों को एक खास खिलाड़ी चुनने की सुविधा देगा। इस नियम के तहत टीम का एक खिलाड़ी केवल बल्लेबाजी करेगा और गेंदबाजी या फील्डिंग में हिस्सा नहीं लेगा। वहीं, टीम को एक डेजिग्नेटेड फील्डर भी चुनना होगा, जो केवल फील्डिंग और विकेटकीपिंग करेगा, लेकिन गेंदबाजी नहीं करेगा।
नया नियम कैसे काम करेगा
डेजिग्नेटेड बैटर और फील्डर नियम टीमों को रणनीतिक फायदा देने के लिए लाया गया है। टॉस के समय टीमें तय करेंगी कि कौन सा खिलाड़ी सिर्फ बल्लेबाजी करेगा और कौन फील्डिंग में रहेगा। अगर कोई टीम डेजिग्नेटेड बैटर चुनती है, तो वह खिलाड़ी केवल बल्ले से योगदान देगा। वह गेंदबाजी नहीं कर पाएगा और न ही फील्डिंग में हिस्सा लेगा।
साथ ही टीम को डेजिग्नेटेड फील्डर चुनना होगा। यह खिलाड़ी केवल मैदान पर फील्डिंग करेगा और विकेटकीपिंग कर सकता है, लेकिन गेंदबाजी नहीं करेगा। इस तरह टीम अपनी रणनीति के अनुसार बल्लेबाजी और फील्डिंग में विशेषज्ञता का फायदा उठा सकेगी।

नियम वैकल्पिक होगा
BBL का यह नया नियम वैकल्पिक है। टीमें चाहें तो इसे अपना सकती हैं या पारंपरिक प्लेइंग इलेवन के साथ खेल सकती हैं। इससे टीमों को अपनी रणनीति बनाने की स्वतंत्रता मिलेगी और खेल में नवाचार और रोमांच बढ़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह नियम इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम जैसा है। हालांकि IPL में यह नियम खिलाड़ियों के खेल के हर पहलू पर असर डालता है, जबकि BBL में यह नियम केवल बल्लेबाजी और फील्डिंग पर केंद्रित रहेगा।
- बीबीएल के पुराने नियम और उनका अनुभव
- BBL ने पहले भी नए और रोमांचक नियमों का प्रयोग किया है।
- पावर सर्ज: यह नियम काफी सफल रहा और मैच में टकराव और रणनीति को बढ़ावा दिया।
X-फैक्टर रूल: 2020 से 2022 तक लागू किया गया। इस नियम में टीमें अपनी प्लेइंग इलेवन के साथ दो सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी चुन सकती थीं। पहले ओवर के 10 ओवर बाद ये खिलाड़ी मैदान पर आ सकते थे, बशर्ते कि मूल खिलाड़ी ने बल्लेबाजी न की हो या एक ओवर से कम गेंदबाजी की हो। हालांकि, इसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं हुआ और इसे 2021-22 सीजन के बाद बंद कर दिया गया।












