बाईपास पर खड़ी ट्रक से भीषण टक्कर, 15 मिनट तक तड़पता रहा ड्राइवर: मदद का इंतजार करता रहा, फिर तोड़ दिया दम

भागलपुर बाईपास पर खड़ी ट्रक से तेज रफ्तार वाहन की टक्कर में एक ड्राइवर की मौत हो गई। घायल चालक करीब 15 मिनट तक मदद की गुहार लगाता रहा।
बाईपास पर खड़ी ट्रक से भीषण टक्कर, 15 मिनट तक तड़पता रहा ड्राइवर: मदद का इंतजार करता रहा, फिर तोड़ दिया दम
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भागलपुर में सोमवार को बाईपास पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार से जा रहा एक मालवाहक वाहन सड़क किनारे खड़ी ट्रक से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक उसमें बुरी तरह फंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद घायल चालक करीब 15 मिनट तक दर्द से तड़पता रहा और लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में उसे वाहन से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

हादसे के बाद बाईपास पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। दुर्घटनाग्रस्त वाहन का अगला हिस्सा ट्रक में बुरी तरह धंस गया था, जिससे चालक केबिन के अंदर फंस गया। स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया और साथ ही पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ लोगों ने लोहे के औजारों की मदद से वाहन का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण इसमें काफी समय लगा।

सूचना मिलने के बाद पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद चालक को वाहन से बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई। हालांकि, गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सड़क किनारे एक ट्रक खड़ी थी, जिससे पीछे से आ रहे वाहन की सीधी टक्कर हो गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ट्रक निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार खड़ी की गई थी या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दुर्घटना के समय ट्रक पर रिफ्लेक्टर, पार्किंग लाइट या अन्य चेतावनी संकेत मौजूद थे या नहीं। इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

घटना के बाद कुछ समय के लिए बाईपास पर यातायात प्रभावित रहा। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।

पुलिस ने मृतक चालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उसके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। परिवार के लोग सूचना मिलते ही अस्पताल और बाद में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था।

जांच अधिकारी आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जुटा रहे हैं, ताकि दुर्घटना के क्रम को स्पष्ट रूप से समझा जा सके। यदि जांच में किसी चालक की लापरवाही या सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर वाहन खड़ा करते समय पार्किंग लाइट, रिफ्लेक्टर, चेतावनी त्रिकोण (वार्निंग ट्रायंगल) और अन्य सुरक्षा संकेतों का उपयोग करना बेहद जरूरी है। वहीं तेज रफ्तार, थकान की स्थिति में ड्राइविंग और सड़क पर पर्याप्त दूरी न बनाए रखना भी ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनते हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना के कारणों का अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं और सड़क किनारे खड़े वाहनों के पास विशेष सतर्कता बरतें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

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