भागलपुर में एक दूल्हे की गुहार सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। दूल्हे ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा, “डीएम साहब शादी करा दीजिए, नाव छूट गई है।”
दरअसल, शाम 5 बजे के बाद नाव परिचालन बंद होने के कारण दूल्हा और बाराती घाट पर ही फंस गए। दूल्हे का कहना है कि वह सिर्फ 10 मिनट देरी से पहुंचा था, लेकिन तब तक आखिरी नाव जा चुकी थी।
बताया जा रहा है कि विक्रमशिला पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद इलाके में लोगों की आवाजाही काफी हद तक नावों पर निर्भर हो गई है। ऐसे में शाम के बाद नाव सेवा बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
भागलपुर के घाट पर फंसे दूल्हे और बारातियों ने काफी देर तक इंतजार किया, लेकिन नाव नहीं मिली। इसके बाद दूल्हे ने प्रशासन से मदद की अपील की।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शाम होते ही घाटों पर आवाजाही रोक दी जाती है। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने समय सीमा तय की हुई है।
दूल्हे की परेशानी देखकर घाट पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। कई लोगों ने कहा कि शादी जैसे जरूरी अवसरों पर प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए।
बिहार में कई नदी क्षेत्रों में अब भी नावें लोगों के लिए प्रमुख यातायात साधन हैं। बारिश और पुलों की समस्या के कारण लोगों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
सोशल मीडिया पर दूल्हे का बयान तेजी से वायरल हो रहा है। लोग मजाकिया अंदाज में भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जबकि कई यूजर्स ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की चुनौती बताया है।
कुछ लोगों ने कहा कि शादी का मुहूर्त निकल जाने की चिंता में दूल्हा काफी परेशान नजर आ रहा था। वहीं बाराती भी घाट पर बैठे इंतजार करते रहे।
भागलपुर प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नाव संचालन का समय तय किया गया है। रात में नाव चलाने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन इलाकों में नदी परिवहन पर निर्भरता अधिक है, वहां आपात और विशेष परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी होती है।
फिलहाल दूल्हे की यह गुहार पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर शादी कैसे संपन्न हुई।











