भागलपुर में डाक भर्ती में घूस का आरोप: ‘₹25 हजार दो तभी होगा वेरिफिकेशन’, अभ्यर्थियों का हंगामा, कर्मचारियों से हाथापाई

भागलपुर में ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में ₹25 हजार रिश्वत मांगने का आरोप। डाक अधीक्षक कार्यालय में अभ्यर्थियों का हंगामा, कर्मचारियों से हाथापाई।
भागलपुर में डाक भर्ती में घूस का आरोप: ‘₹25 हजार दो तभी होगा वेरिफिकेशन’, अभ्यर्थियों का हंगामा, कर्मचारियों से हाथापाई
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बिहार के  भागलपुर में ग्रामीण डाक सेवक भर्ती को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है, जहां अभ्यर्थियों ने डाक अधीक्षक कार्यालय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर ₹25 हजार की मांग की जा रही थी, और बिना पैसे दिए प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी।

अभ्यर्थियों के मुताबिक, वे सभी जरूरी कागजात लेकर वेरिफिकेशन के लिए पहुंचे थे, लेकिन वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों ने सीधे तौर पर पैसे की मांग की। आरोप है कि उनसे कहा गया कि “अगर ₹25 हजार दोगे तभी दस्तावेजों का सत्यापन होगा, नहीं तो फाइल आगे नहीं बढ़ेगी।” इस कथित मांग से नाराज होकर अभ्यर्थियों ने विरोध शुरू कर दिया।

देखते ही देखते मामला बढ़ गया और कार्यालय परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। गुस्साए अभ्यर्थियों और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो बाद में हाथापाई तक पहुंच गई। कुछ देर के लिए पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया और अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति इतनी बिगड़ गई कि लोगों को बीच-बचाव करना पड़ा। बाद में किसी तरह दोनों पक्षों को अलग किया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से इस भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे और पूरी तैयारी के साथ आए थे, लेकिन इस तरह की मांग ने उनके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

वहीं, दूसरी ओर कार्यालय के कुछ कर्मचारियों ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि अभ्यर्थियों ने बिना वजह हंगामा किया और स्थिति को बिगाड़ा। हालांकि, सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।

इस घटना के बाद भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी बाधा के मौका मिल सके।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है और अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

कुल मिलाकर, भागलपुर में ग्रामीण डाक सेवक भर्ती को लेकर सामने आया यह विवाद युवाओं के भविष्य और सिस्टम की पारदर्शिता दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब सभी की नजरें जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

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