राजस्थान भाजपा ने 154 सदस्यों की नई प्रदेश कार्यसमिति सूची जारी की है। इसमें मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ जिलावार नेता शामिल हैं। पार्टी ने अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक सक्रियता को ध्यान में रखा है।
Rajastha Politics: राजस्थान की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए एक मार्च 2026, रविवार को प्रदेश कार्यसमिति की नई सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 154 नाम शामिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और विभिन्न जिलों के वरिष्ठ नेताओं को इसमें स्थान दिया गया है। इस निर्णय को आगामी चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पार्टी की ओर से जारी इस सूची ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि सत्ता और संगठन के बीच संतुलन साधने की कोशिश की गई है। अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक सक्रियता को प्राथमिकता देते हुए टीम तैयार की गई है। इससे यह भी संदेश देने का प्रयास किया गया है कि पार्टी सभी वर्गों और क्षेत्रों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है।
स्थायी आमंत्रित सदस्यों में बड़े नाम
राज्य स्तर पर स्थायी आमंत्रित सदस्यों की सूची में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, अरुण चतुर्वेदी, सतीश पूनियां और सी पी जोशी को शामिल किया गया है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल गजेंद्र सिंह शेखावत, भूपेंद्र यादव, अर्जुन राम मेघवाल, भागीरथ चौधरी और रवनीत सिंह बिट्टू को भी स्थान दिया गया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का नाम भी सूची में शामिल है।

इन नामों को शामिल करने से यह संकेत मिलता है कि पार्टी ने वरिष्ठता और अनुभव को महत्व दिया है। संगठन के पुराने और प्रभावशाली चेहरों को साथ रखकर एक मजबूत नेतृत्व संरचना तैयार करने की कोशिश की गई है।
जिलावार कार्यसमिति में संतुलन
प्रदेश कार्यसमिति के 90 सदस्यों की सूची में विभिन्न जिलों से नेताओं को शामिल किया गया है। बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा, टोंक, जोधपुर, पाली, जालौर, सिरोही, बाड़मेर, जैसलमेर, उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जैसे जिलों से वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
पूर्व विधायक, पूर्व जिलाध्यक्ष, जिला महामंत्री, महिला मोर्चा और किसान मोर्चा से जुड़े पदाधिकारियों को भी सूची में शामिल किया गया है। इससे साफ है कि पार्टी ने संगठन के अलग-अलग मोर्चों पर सक्रिय रहे नेताओं को आगे लाने की रणनीति अपनाई है।
विशेष आमंत्रित सदस्यों को भी अवसर
कार्यसमिति में 52 विशेष आमंत्रित सदस्यों को भी जगह दी गई है। इनमें पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री, पूर्व जिलाध्यक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े चेहरे शामिल हैं। जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, अलवर, धौलपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, जोधपुर, जालौर, बाड़मेर, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित कई जिलों से नाम शामिल किए गए हैं।
विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची यह दर्शाती है कि पार्टी ने उन नेताओं को भी महत्व दिया है जो संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं लेकिन वर्तमान में किसी पद पर नहीं हैं। इससे संगठन में समन्वय और संवाद को मजबूती मिलने की संभावना है।












