भारत की GDP में 8.2% की वृद्धि, जल्द बनेगा दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा आर्थिक महाशक्ति

भारत ने 4.8 ट्रिलियन डॉलर की नॉमिनल GDP के साथ जापान को पीछे छोड़ा। 8.2% विकास दर के साथ देश जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।

भारत ने 4.8 ट्रिलियन डॉलर की GDP हासिल कर जापान को पीछे छोड़ा और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई। 8.2% विकास दर के साथ देश जल्द विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है।

India GDP: एनएक्सटी फाउंडेशन द्वारा जारी भारत प्रोग्रेस रिपोर्ट 2025-26 में सामने आया है कि भारत ने जापान को पीछे छोड़कर 4.8 ट्रिलियन डॉलर की नॉमिनल जीडीपी के साथ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। 8.2 प्रतिशत की विकास दर के साथ भारत अब सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी बन चुका है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसी रफ्तार के साथ भारत बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी जीडीपी वाला देश बन जाएगा।

इस आर्थिक सफलता के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक हैं। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, ट्रंप टैरिफ जैसी बाधाओं और मिडिल ईस्ट संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत ने निरंतर विकास के संकेत दिखाए हैं। यह बताता है कि देश की मौलिक आर्थिक नीतियां और विकास रणनीतियां स्थिर और प्रभावशाली रही हैं।

रिकॉर्ड स्तर पर जीएसटी कलेक्शन

रिपोर्ट के अनुसार भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, राजमार्ग, रेलवे, अंतरिक्ष और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में इस वर्ष 101 प्रमुख उपलब्धियां हासिल की हैं। इनसे देश की आर्थिक और तकनीकी प्रगति को बल मिला है।

जीएसटी कलेक्शन का रिकॉर्ड स्तर इसका एक प्रमुख उदाहरण है। अप्रैल 2025 में जीएसटी संग्रह 2.17 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह दर्शाता है कि देश में कर आधार मजबूत हुआ है और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आई है।

म्यूचुअल फंड और एफडीआई में वृद्धि

भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एयूएम 80 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है। इसके साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी FDI ने भी 1.15 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को छू लिया है। यह निवेशकों के भारत में विश्वास और आर्थिक स्थिरता का संकेत है।

भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास अन्य देशों के लिए भी मॉडल बन रहा है। UPI के माध्यम से मासिक लेनदेन अब 21 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है और आधार प्रमाणीकरण 1 अरब से ज्यादा हो गया है। इससे वित्तीय समावेशन मजबूत हुआ और गरीब और वंचित वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचने लगा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर में नई ऊंचाइयां

इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में भारत ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। देश ने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे मेहराब पुल, चेनाब रेल पुल का निर्माण किया है। वंदे भारत रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार भी जारी है, जिससे उच्च गति रेल संपर्क में वृद्धि हुई है।

राष्ट्रीय राजमार्ग और रसद नेटवर्क का विस्तार आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत कर रहा है और परिवहन लागत को कम कर रहा है। इन सुधारों से व्यापार और उद्योग दोनों को लाभ मिला है।

नवीकरणीय ऊर्जा में भारत का मजबूत कदम

जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयास में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पहले ही हासिल करना शुरू कर दिया है। सौर, पवन और जलविद्युत ऊर्जा में मजबूत वृद्धि के कारण देश की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत क्षमता 2030 के लक्ष्य से पांच साल पहले ही 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह भारत को वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी बनाता है।

इन उपलब्धियों के चलते भारत को अब नई विश्व व्यवस्था में वैश्विक विकास का प्रमुख चालक माना जा रहा है। देश आर्थिक वृद्धि, तकनीकी प्रगति और स्थिर नीति के कारण निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन चुका है।

वित्तीय समावेशन

भारत की डिजिटल पहल ने देश के विकास को और मजबूती दी है। UPI लेनदेन और आधार प्रमाणीकरण की मदद से वित्तीय समावेशन बढ़ा है। अब सरकारी लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचते हैं। इससे भ्रष्टाचार कम हुआ और पारदर्शिता बढ़ी।

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