भारत में पेट्रोल पंप की संख्या 1,00,266 तक पहुँच गई है। अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फ्यूल रिटेल मार्केट बन गया है। सार्वजनिक कंपनियों का दबदबा मजबूत है।
New Delhi: भारत अब दुनिया के सबसे बड़े फ्यूल रिटेल मार्केट में तीसरे नंबर पर है। देश में पेट्रोल पंप की संख्या 2015 से लगातार बढ़ती रही है और अब यह 1,00,000 के पार पहुंच चुकी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2025 तक देश में कुल 1,00,266 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। यह संख्या अमेरिका और चीन के बाद तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बनाती है।
देश में ईंधन वितरण में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का दबदबा है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के पास कुल पेट्रोल पंपों का 90 फीसदी से अधिक हिस्सा है। इन कंपनियों ने ग्रामीण क्षेत्रों और राजमार्गों तक ईंधन की पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार नेटवर्क का विस्तार किया है।
पेट्रोल पंप की संख्या एक दशक में दोगुनी
2015 में भारत में कुल पेट्रोल पंप की संख्या 50,451 थी। इसके बाद दस साल में यह लगभग दोगुना होकर 1,00,266 तक पहुंच गई। इस दौरान निजी क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की संख्या भी बढ़ी है। 2015 में निजी कंपनियों के पास केवल 2,967 पेट्रोल पंप थे, जो कुल बाजार का 5.9 प्रतिशत था। अब यह संख्या बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गई है।
सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा कंपनी नायरा एनर्जी लिमिटेड है, जिसके पास 6,921 पेट्रोल पंप हैं। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी के ज्वॉइंट वेंचर के 2,114 पंप हैं। शेल के 346 पेट्रोल पंप भारत में संचालित हैं।
दुनिया में भारत की स्थिति
वैश्विक स्तर पर भारत का पेट्रोल पंप नेटवर्क अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। अमेरिका में 2024 के आंकड़ों के अनुसार लगभग 1,96,643 पेट्रोल पंप थे। चीन में 2024 तक कुल 1,15,228 पेट्रोल पंप थे, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा चाइना पेट्रोकेमिकल कॉरपोरेशन (Sinopec) के पास है। हालांकि भारतीय कंपनियों की तुलना में चीन में संचालित पेट्रोल पंप की संख्या कम है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की अग्रणी स्थिति
भारत में ईंधन वितरण में अग्रणी भूमिका सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के पास 41,664 पेट्रोल पंप हैं। BPCL के पास 24,605 और HPCL के पास 24,418 पेट्रोल पंप हैं। इन कंपनियों ने नेटवर्क का विस्तार करके ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों तक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की है।
पेट्रोल पंप नेटवर्क के फायदे
देश में पेट्रोल पंपों की संख्या बढ़ने से न केवल ईंधन की उपलब्धता बढ़ी है बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिला है। लंबी दूरी की यात्रा, लॉजिस्टिक ऑपरेशन और कृषि गतिविधियों में भी इसका सीधा असर पड़ा है।








