भारत में पहली बार हुआ सी-प्लेन मॉडिफिकेशन, हरिद्वार में डीएचसी-6 ट्विन ऑटर का सफल ट्रायल

भारत में पहली बार सी-प्लेन का मॉडिफिकेशन किया गया। हरिद्वार में डीएचसी-6 ट्विन ऑटर का सफल ट्रायल संपन्न हुआ। जानें इस तकनीकी सफलता का महत्व और आगे के संभावित

भारत में नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। सोमवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में पहली बार किसी गैर-संचालित एयरलाइन के डीएचसी-6 ट्विन ऑटर विमान को भारत में ही सी-प्लेन में मॉडिफाई किया गया और सफल टेस्ट फ्लाइट कराई गई। 

नई दिल्ली: भारत के सिविल एविएशन सिस्टम में एक नई पहल हुई है। सोमवार को उत्तराखंड के Haridwar में पहली बार किसी गैर-संचालित एयरलाइन के टर्बोप्रॉप विमान को भारत में ही C-Plane में परिवर्तित किया गया और इसकी सफल टेस्टिंग भी की गई। सोमवार को कनाडा का De Havilland DHC-6 Twin Otter विमान हरिद्वार स्थित गंगा बैराज ट्रायल के लिए उड़ान भरकर सुरक्षित लौट आया। यह विमान अब SkyHop Aviation के पास है, जिसका नेतृत्व Avni Singh कर रही हैं।

डीजीसीए से अंतिम लाइसेंस मिलने के बाद यह विमान अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में संचालन के लिए तैनात किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा और छोटे द्वीपों और दूरस्थ इलाकों तक विमान सेवा की सुविधा उपलब्ध होगी।

डीएचसी-6 ट्विन ऑटर का सफल ट्रायल

कनाडा का डी हैविलैंड डीएचसी-6 ट्विन ऑटर विमान गंगा बैराज, हरिद्वार से उड़ान भरते हुए सफलतापूर्वक टेस्टिंग पूरी की। इस परीक्षण का उद्देश्य विमान को पानी पर उतरने योग्य फ्लोट्स के साथ उड़ान क्षमता का मूल्यांकन करना था। इस ट्रायल के बाद विमान ने बिना किसी तकनीकी समस्या के सुरक्षित लैंडिंग की।

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भारत में पहली बार किसी विमान को फ्लोट्स लगाकर सी-प्लेन में मॉडिफाई किया गया। इससे पहले भारत में सी-प्लेन सेवाएं केवल विदेश से लाए गए तैयार सी-प्लेन के जरिए ही चल रही थीं। विमान पहले फ्लाई बिग एयरलाइन का हिस्सा था, जिसने संचालन बंद कर दिया था। अब इसे स्काईहॉप एविएशन द्वारा अंडमान-निकोबार में परिचालन के लिए तैयार किया जा रहा है।

DGCA ने जारी किया उड़ान योग्यता प्रमाण पत्र

इस परियोजना के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA ने मिलकर विमान को फ्लोट्स के साथ उड़ान योग्यता प्रमाण पत्र प्रदान किया। केंद्रीय विमानन सचिव समीर सिन्हा ने DGCA से प्रमाण पत्र जारी करने का अनुरोध किया, जिससे विमान को आधिकारिक संचालन के लिए अनुमोदन मिल गया। DGCA की मंजूरी के बाद विमान अब अंडमान-निकोबार में पर्यटन और यात्री उड़ानों के लिए तैनात किया जाएगा। यदि आगे के परीक्षण सफल रहते हैं, तो यह विमान जल्द ही द्वीप समूह में नियमित उड़ान सेवाएं शुरू करेगा।

भारत सरकार ने हाल ही में अपने बजट भाषण में सी-प्लेन संचालन को बढ़ावा देने की बात कही थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सी-प्लेन सेवाएं दूरदराज के इलाकों की कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और पर्यटन को बढ़ावा देंगी।

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