इस हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है। FII की भारी बिकवाली, फेड मीटिंग, कच्चे तेल की कीमतें और Q4 नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। निफ्टी के 23,500 तक गिरने की आशंका जताई गई है।
बिजनेस: भारतीय शेयर बाजार में आने वाला सप्ताह निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ग्लोबल और घरेलू संकेतों के मिश्रण के चलते निफ्टी 50 पर दबाव बना रह सकता है और यह 23,500 के स्तर तक फिसल सकता है।
अमेरिकी नीतियों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक इस सप्ताह बाजार की चाल तय करेंगे।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस: कहां मिल सकता है सहारा?
टेक्निकल एनालिसिस के मुताबिक, निफ्टी के लिए प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर इस प्रकार हैं:
- सपोर्ट जोन: 23,870 | 23,815 | 23,466 | 23,344 | 23,320 | 22,860
- रेजिस्टेंस जोन: 23,935 | 24,140 | 24,380 | 24,450 | 24,480 | 24,540
सपोर्ट वह स्तर होता है जहां गिरावट रुक सकती है, जबकि रेजिस्टेंस वह स्तर है जहां से बाजार में बिकवाली बढ़ सकती है।
1. ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की कीमतें
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच टकराव, वैश्विक बाजारों पर असर डाल रहे हैं।
ब्रेंट क्रूड की कीमतें हाल ही में 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई थीं, हालांकि सप्लाई से जुड़ी खबरों के बाद इसमें गिरावट भी आई। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय बाजार, खासकर ऑयल और एनर्जी सेक्टर को सीधे प्रभावित करता है।
2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति बैठक
इस सप्ताह वैश्विक निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर रहेगी। विश्लेषकों का मानना है कि ब्याज दरें 3.50% से 3.75% के दायरे में स्थिर रह सकती हैं। हालांकि, किसी भी अप्रत्याशित संकेत से वैश्विक बाजारों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।

3. विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली
अप्रैल महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से लगभग ₹56,000 करोड़ की निकासी की है। हालांकि, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹39,000 करोड़ से अधिक निवेश कर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया है।
लगातार FII आउटफ्लो बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि इससे इंडेक्स पर दबाव बढ़ता है।
4. Q4 रिजल्ट सीजन: 200 से ज्यादा कंपनियों के नतीजे
इस सप्ताह 200 से अधिक कंपनियां अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी करेंगी। कोल इंडिया, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, अडाणी पोर्ट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर और कोटक महिंद्रा बैंक जैसी प्रमुख कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।
इन कंपनियों के प्रदर्शन का सीधा असर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।
5. टेक्निकल संकेत: 23,500 तक गिरावट संभव
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी अपने अहम सपोर्ट 23,900 के नीचे आ चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगला मजबूत सपोर्ट 23,500 के आसपास है, जबकि ऊपर की तरफ 24,200–24,500 का जोन मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।
जब तक ग्लोबल संकेत मजबूत नहीं होते और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में दबाव बना रह सकता है।
वोलैटिलिटी के संकेत: किन दिनों पर नजर रखें?
विश्लेषकों के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को बाजार में तेज इंट्राडे मूवमेंट देखने को मिल सकता है।
गुरुवार का सेशन खासतौर पर महत्वपूर्ण रहेगा:
यदि बाजार उस दिन के हाई को पार करता है, तो तेजी का ट्रेंड बन सकता है यदि लो के नीचे जाता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है
पिछले हफ्ते का प्रदर्शन
पिछले सप्ताह निफ्टी लगभग 2% गिरकर 23,898 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स में करीब 1,000 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
आईटी, ऑटो और कंज्यूमर सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।









