भोजपुर के शिक्षक सौरभ गुप्ता ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। वे यूपी स्टेट की तैयारी कर रहे थे और नौकरी को लेकर थोड़े परेशान थे। सुसाइड नोट और मोबाइल पुलिस ने जब्त कर जांच शुरू की है।
Bihar: सौरभ गुप्ता पीरो नगर वार्ड नंबर 11 में किराए के मकान में रह रहे थे। सोमवार को काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर मकान मालिक को संदेह हुआ। जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर गई। वहां सौरभ की लाश पंखे से लटकी हुई मिली। कमरे में किसी भी चीज़ का गड़बड़ नहीं था, सभी सामान अपनी जगह पर थे। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली और बेड पर रखा सुसाइड नोट जब्त कर लिया। सौरभ का मोबाइल भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस को मिला सुसाइड नोट
सुसाइड नोट में सौरभ ने लिखा था, "बस अब मन नहीं है किसी चीज का SORRY।" उनके साथी शिक्षक बताते हैं कि सौरभ बहुत ही शांत स्वभाव का और पढ़ाई में रुचि रखने वाला छात्र था।
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सौरभ यूपी स्टेट की तैयारी भी कर रहे थे और नौकरी को लेकर थोड़े परेशान थे। परिजनों के अनुसार, उन्होंने रविवार देर शाम फोन पर अपनी मां और भाई से बात की थी और सब ठीक बताया। लेकिन अचानक उन्होंने यह कदम उठाया। परिवार के लोग और साथी शिक्षक सौरभ की अचानक आत्महत्या से स्तब्ध हैं।
परिवार में पढ़ाई के लिए मशगूल
सौरभ परिवार में पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके परिजनों ने बताया कि सौरभ पढ़ाई के अलावा किसी चीज़ में ध्यान नहीं देते थे और परिवार के साथ मिलकर रहते थे। चाचा नीरज कुमार गुप्ता ने बताया कि सौरभ कोई झंझट या लड़कियों से उलझा नहीं था। वह हमेशा अपने काम और पढ़ाई में ही व्यस्त रहते थे। अचानक यह कदम उठाने का कारण अभी तक समझ में नहीं आया। पुलिस ने घटना की छानबीन शुरू कर दी है।
सौरभ की पोस्टिंग पीरो प्रखंड के तार मध्य विद्यालय में हुई थी और उन्होंने पिछले साल ही नौकरी जॉइन की थी। पुलिस परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।









