केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की जानकारी साझा की। डील के तहत अमेरिकी टैरिफ घटकर 18% हुए। इससे भारतीय उद्योग, एक्सपोर्ट और रोजगार पर सकारात्मक असर पड़ेगा। विदेश मंत्री जयशंकर अमेरिका में डील पर चर्चा कर रहे हैं।
India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर अहम जानकारी साझा की। गोयल ने इसे “बहुत अच्छी डील” बताया और कहा कि यह समझौता भारत के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। उन्होंने बताया कि यह डील राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन वार्ता के बाद अंतिम रूप दी गई।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह डील भारत के लिए सबसे अच्छा समझौता है, जो किसी भी पड़ोसी या प्रतिस्पर्धी देश की तुलना में अधिक लाभकारी है। उन्होंने बताया कि इसके पीछे दोनों देशों की टीमें महीनों से लगातार बातचीत और चर्चा कर रही थीं।
ट्रेड डील में टैरिफ में कमी
ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को तत्काल प्रभाव से 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर रहा है। इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्विटर पर अपनी खुशी जाहिर की और अमेरिका को 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से धन्यवाद दिया। हालांकि, पीएम मोदी ने अपने बयान में सीधे तौर पर किसी ट्रेड डील का जिक्र नहीं किया।
पीयूष गोयल ने बताया कि यह डील दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल भारतीय उद्योग और व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे आम जनता और रोजगार के अवसरों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
विपक्ष पर भी उठाए सवाल

वाणिज्य मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की लीडरशिप में विपक्ष ने संसद में अनुचित व्यवहार किया। गोयल ने आरोप लगाया कि विपक्ष के सांसदों ने स्पीकर का अपमान किया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वे संसद में बोलने के बजाय जनता को इस डील की जानकारी देने आए हैं।
गोयल ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री के अपने दोस्त ट्रंप के साथ घनिष्ठ संबंधों के कारण यह डील हमारे लिए सबसे अच्छा समझौता साबित हुई है। यह देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए संकेत देता है।”
विदेश मंत्री जयशंकर की अमेरिका यात्रा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर सोमवार से अमेरिका यात्रा पर हैं। वह दो से चार फरवरी तक वाशिंगटन में रहेंगे और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो द्वारा आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्ट्रीयल में भाग लेंगे।
जयशंकर की इस बैठक का उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना, स्वच्छ ऊर्जा पर सहयोग बढ़ाना और क्रिटिकल मिनरल्स में रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करना है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार और आर्थिक सहयोग के और पहलुओं पर भी चर्चा होगी।
डील का भारत के उद्योग पर असर
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भारतीय उद्योग और एक्सपोर्टर्स को लाभ मिलेगा। भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की पहुंच आसान होगी। इसके अलावा, टैरिफ घटाने से भारतीय उत्पादों की कीमत कम होगी, जिससे उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि यह डील भारतीय व्यवसायों के लिए एक बड़ा अवसर है और इससे नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। गोयल ने स्पष्ट किया कि यह समझौता देश के आर्थिक विकास और वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका को मजबूत करने वाला है।










