बिहार के हिजाब विवाद ने राजनीतिक ताप बढ़ा दिया है। संजय निषाद के बयान पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि मंत्री ने सफाई में अपमान के इरादे से इनकार किया।
Nitish Kumar Hijab Controversy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब (Hijab) विवाद ने देश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बहस छेड़ दी है। पटना में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान एक मुस्लिम महिला का हिजाब हटाने के कथित मामले के बाद यह मुद्दा लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस विवाद में अब उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद का बयान भी जुड़ गया है, जिसने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
नीतीश कुमार के समर्थन में बयान बना विवाद की वजह
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कथित कृत्य का बचाव करते हुए बयान दिया था। इसी बयान के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया और मंत्री से बिना शर्त माफी की मांग शुरू कर दी। विपक्ष का आरोप है कि यह बयान न सिर्फ आपत्तिजनक है, बल्कि महिलाओं की गरिमा और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला भी है।
संजय निषाद की सफाई
बयान पर विवाद बढ़ने के बाद संजय निषाद ने बुधवार को अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। मंत्री के अनुसार, शोर-शराबे और अनुवाद की वजह से उनके बयान का असली मतलब लोगों तक सही रूप में नहीं पहुंच पाया।
उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी महिला, समुदाय या धर्म का अपमान करना नहीं था। संजय निषाद ने जोर देकर कहा कि उनका बयान हल्के-फुल्के अंदाज़ में और स्थानीय भाषा के प्रभाव में दिया गया था, जिसे गलत अर्थों में लिया गया।
संजय निषाद ने अपनी सफाई में भाषाई विविधता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह गोरखपुर और भोजपुरी भाषी क्षेत्र से आते हैं, जहां बोलने का तरीका और बातचीत का अंदाज़ अलग होता है। उनके अनुसार, भोजपुरी भाषा में किसी मुद्दे को ज्यादा तूल न देने और संयम बरतने की सलाह देने का यह एक आम तरीका है।
मंत्री ने कहा कि जैसे हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र या तमिलनाडु में बोलने का अंदाज़ अलग-अलग होता है, वैसे ही उत्तर भारत और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भाषाई शैली अलग है। इसका मतलब यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि किसी का अपमान करने का इरादा था।
महिला या धर्म के खिलाफ इरादे से इनकार

संजय निषाद ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी टिप्पणी किसी महिला, समुदाय या धर्म के खिलाफ नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला का हिजाब हटाया नहीं था, बल्कि केवल यह जांचने के लिए हटाया गया था कि सरकारी योजना का असली लाभार्थी मौके पर मौजूद है या नहीं।
उन्होंने इस मामले में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्यक्रम से पहले अधिकारियों को उचित इंतजाम करने चाहिए थे। मंत्री के मुताबिक, यह जिम्मेदारी प्रशासन की थी, न कि मंच पर मौजूद किसी व्यक्ति की।
समाजवादी पार्टी का तीखा विरोध
इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी की प्रवक्ता सुमैया राना ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद के खिलाफ लखनऊ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
सुमैया राना ने कहा कि वीडियो क्लिप देखने के बाद महिलाओं में गहरी नाराजगी है। उन्होंने बताया कि वह खुद भी हिजाब पहनती हैं और अगर उनके साथ ऐसा कुछ होता तो वह चुप नहीं बैठतीं। उनके अनुसार, यह मामला महिलाओं के सम्मान से जुड़ा हुआ है।
लखनऊ पुलिस में शिकायत
सुमैया राना ने कैसरबाग थाने में लिखित शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में बिहार के मुख्यमंत्री के कथित कृत्य और संजय निषाद की टिप्पणियों को अभद्र और आपत्तिजनक बताया गया है।
उन्होंने पुलिस पर मामले में टालमटोल करने का आरोप लगाया। सुमैया के अनुसार, पहले उन्हें कैसरबाग थाने से गौतमपल्ली थाने भेजा गया, लेकिन बाद में उनकी शिकायत स्वीकार की गई। पुलिस ने उन्हें बताया कि जांच के बाद ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
कैसरबाग के सहायक पुलिस आयुक्त रत्नेश सिंह ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस की ओर से अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिससे समाजवादी पार्टी नाराज है। कांग्रेस ने भी इस विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भाजपा और उसके सहयोगियों की मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने इसे घोर महिला विरोधी टिप्पणी करार दिया।
कांग्रेस ने संजय निषाद से बिना शर्त माफी की मांग की है। पार्टी का कहना है कि अगर मंत्री ने माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी का आरोप है कि संजय निषाद पहले भी इस तरह की बेहूदा टिप्पणियां कर चुके हैं। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता डिंपल यादव ने भी मंत्री के बयान की कड़ी निंदा की है।











