बिहार कैबिनेट ने 19 प्रस्ताव मंजूर किए, जिसमें तीन नए विभाग युवा, रोजगार एवं कौशल विकास, उच्च शिक्षा और सिविल विमानन, का गठन शामिल है। वेतन-पेंशन बढ़े, गया और मुंगेर को नागरिक सुरक्षा जिले घोषित किया गया।
Patna: बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसमें तीन नए विभागों के गठन का निर्णय भी शामिल है। यह कदम विशेष रूप से युवाओं को रोजगार देने और राज्य में शिक्षा, कौशल विकास तथा नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
तीन नए विभागों का गठन
अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि सरकार के कार्यों में विस्तार और आमजन के प्रति जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए वर्तमान में कार्यरत 45 विभागों के अतिरिक्त तीन नए विभाग बनाए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं – युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और सिविल विमानन विभाग।
युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का उद्देश्य युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना और उन्हें कौशल से लैस करना है। उच्च शिक्षा विभाग को शिक्षा विभाग से अलग किया जा रहा है ताकि राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर और गुणवत्ता में सुधार किया जा सके। वहीं, सिविल विमानन विभाग का गठन राज्य में वायु यातायात को सुगम बनाने और सिविल विमानन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए किया गया है।
तीन विभागों के नामों में बदलाव
कैबिनेट ने तीन विभागों के नाम बदलने की भी स्वीकृति दी है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का नाम बदलकर डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, श्रम संसाधन विभाग का नाम बदलकर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग और कला संस्कृति एवं युवा विभाग का नाम बदलकर कला एवं संस्कृति विभाग कर दिया गया है। यह बदलाव विभागों के कार्यों और उद्देश्य को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने के लिए किया गया है।
गया और मुंगेर को नागरिक सुरक्षा जिला घोषित
![]()
कैबिनेट ने गया और मुंगेर जिलों को नागरिक सुरक्षा जिले के रूप में घोषित किया है। गया शहर को धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के कारण महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, मुंगेर में औद्योगिक संस्थानों के कारण इसे रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया है। इन दोनों जिलों में प्राकृतिक आपदाओं और सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए नागरिक सुरक्षा इकाइयों के लिए 14 नए पदों का सृजन किया गया है।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के लिए फैसले
कैबिनेट ने पटना जू में पार्क प्रवेश शुल्क, दंड शुल्क, आयोजन, अनुदान और दान दत्तक निधि जैसे संसाधनों को बढ़ाने के लिए समिति का गठन करने की स्वीकृति दी है। इसके अलावा, बिहार में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के लिए वाल्मीकि व्यग्र आरक्षण फाउंडेशन का गठन किया गया है। इसके लिए 15 करोड़ रुपये की राशि को कॉरपस फंड के रूप में स्वीकृत किया गया है।
पेंशन में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने षष्ठम वेतनमान में वेतन और पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ता में पांच फीसदी की वृद्धि की मंजूरी दी है। पंचम वेतनमान में वेतन और पेंशन पाने वालों के महंगाई भत्ते में आठ फीसदी की वृद्धि की भी स्वीकृति दी गई है। विशेष रूप से यह वृद्धि उन कर्मचारियों के लिए भी लागू होगी जो 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
निवेश संबंधित निर्णय
नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लिमिटेड के माध्यम से राज्य की विभिन्न परियोजनाओं में सहायता देने हेतु एमओयू की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही विद्यार्थियों और युवाओं के सशक्तिकरण हेतु ऑनलाइन और ऑफलाइन वेबिनार और सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। राज्य में निवेशक जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों, लाभुकों और व्यवसायिक लोगों में कौशल और जानकारी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड, मुंबई ने बिहार सरकार के साथ एमओयू किया है।
समाज कल्याण और भिक्षावृत्ति निवारण योजना
समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना को भी जारी रखा गया है। इसके तहत महिला भिक्षुकों के लिए 'शांति कुटिर' और पुरुष भिक्षुकों के लिए 'सेवा कुटिर' गृह संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा बिहार दस्तावेज लेखक अनुज्ञप्ति (संशोधित) नियमावली 2025 लागू की गई है, जिससे लेपर प्रभावित व्यक्तियों को भी अनुज्ञप्ति मिलने का अधिकार प्राप्त होगा।
नगर निकायों के विद्युत बकाया के लिए 400 करोड़ रुपये स्वीकृत
कैबिनेट ने राज्य के नगर निकायों द्वारा विद्युत कंपनियों को बकाया विद्युत भुगतान के लिए 400 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। यह राशि नगर निकायों के बिजली बिलों के भुगतान और सेवाओं की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उपयोग की जाएगी।









