मधेपुरा में किसानों के लिए FFS ऐप आधारित उर्वरक बुकिंग व्यवस्था शुरू की गई है। किसान मोबाइल से खाद की बुकिंग कर QR कोड के जरिए अधिकृत विक्रेता से उर्वरक ले सकेंगे। व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ाने और बिचौलियों पर रोक लगाने का लक्ष्य है।
मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा में किसानों के लिए उर्वरक खरीद की डिजिटल व्यवस्था शुरू की गई है। अब किसान FFS ऐप के माध्यम से घर बैठे अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग के बाद मोबाइल पर मिलने वाले QR कोड और बुकिंग विवरण के आधार पर अधिकृत विक्रेता से खाद प्राप्त की जा सकेगी।
FFS ऐप से घर बैठे होगी खाद की बुकिंग
किसानों को उर्वरक की आसान और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मधेपुरा जिला कृषि कार्यालय में खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को FFS ऐप की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। जिला कृषि पदाधिकारी रितेश रंजन ने बताया कि किसान अब अपनी जरूरत के अनुसार ऐप के जरिए उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे।
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किसान ऐप पर पंजीकरण और लॉगिन करने के बाद अपनी जमीन और फसल से संबंधित जानकारी दर्ज करेंगे। इसके बाद उपलब्धता और पात्रता के अनुसार यूरिया, DAP, NPK जैसे उर्वरकों का प्रकार और आवश्यक मात्रा चुनी जा सकेगी। ऐप पर आसपास के अधिकृत विक्रेताओं की सूची भी दिखाई देगी, जहां उपलब्ध स्टॉक के आधार पर किसान आउटलेट का चयन कर सकेंगे।
QR कोड से अधिकृत विक्रेता से मिलेगा खाद
बुकिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान के मोबाइल पर QR कोड, टोकन नंबर और बुकिंग आईडी उपलब्ध होगी। किसान निर्धारित समय में चयनित अधिकृत उर्वरक विक्रेता के पास जाकर QR कोड दिखाकर खाद प्राप्त कर सकेंगे।
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने विक्रेताओं को QR कोड के माध्यम से POS मशीन पर उर्वरक बिक्री की प्रक्रिया की जानकारी दी। QR कोड के सत्यापन के बाद निर्धारित मात्रा के अनुसार ही किसान को खाद उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उर्वरक वितरण का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा।
फार्मर रजिस्ट्री ID या आधार से लॉगिन
FFS ऐप में लॉगिन के लिए किसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री ID का इस्तेमाल कर सकते हैं। फार्मर रजिस्ट्री ID से लॉगिन करने पर उपलब्ध भूमि संबंधी जानकारी स्वतः प्रदर्शित हो सकती है। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री ID नहीं बनी है, वे आधार नंबर के माध्यम से लॉगिन कर अपनी जमीन का विवरण जोड़ सकते हैं।
लॉगिन के बाद किसान को संबंधित प्लॉट और वर्तमान फसल की जानकारी दर्ज करनी होगी। जमीन और फसल के विवरण के आधार पर ऐप पर पूरे फसल सीजन के लिए प्रस्तावित उर्वरक मात्रा प्रदर्शित की जाएगी। किसान अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध मात्रा में खाद की बुकिंग कर सकेंगे।
तीन दिन तक मान्य रहेगा QR कोड
बुकिंग के बाद जारी किया गया QR कोड तीन दिनों तक मान्य रहेगा। किसान को इसी अवधि के भीतर चयनित अधिकृत विक्रेता से खाद का उठाव करना होगा। तय अवधि में खाद नहीं लेने पर QR कोड स्वतः निरस्त हो जाएगा और किसान को दोबारा बुकिंग करनी होगी।
कृषि विभाग ने किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही उर्वरक बुक करने की अपील की है। साथ ही बिचौलियों के माध्यम से खाद खरीदने से बचने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता आएगी और किसानों को अनावश्यक रूप से दुकानों के बाहर कतार में खड़े होने से राहत मिलेगी।










