बिहार में कांग्रेस ने संगठन को दोबारा मजबूत करने के लिए Revival Mode शुरू किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जिलों में जाकर बूथ और पंचायत स्तर पर संगठन की समीक्षा करेंगे और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे।
Patna: बिहार की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस पार्टी खुद को मजबूती से खड़ा करने की तैयारी में दिख रही है। लंबे समय से कमजोर माने जा रहे संगठन को दोबारा सक्रिय करने के लिए कांग्रेस ने Revival Mode ऑन कर दिया है। खरमास समाप्त होते ही पार्टी ने जमीनी स्तर पर बड़ा संगठनात्मक अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। इस अभियान के तहत कांग्रेस के दिग्गज और अनुभवी नेता जिलों में डेरा डालेंगे, कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करेंगे और संगठन की वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे।
संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की तैयारी
बिहार कांग्रेस का यह अभियान केवल औपचारिक दौरे तक सीमित नहीं होगा। पार्टी का साफ लक्ष्य है कि पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाए। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि जब तक बूथ और पंचायत स्तर पर पार्टी मजबूत नहीं होगी, तब तक चुनावी सफलता हासिल करना मुश्किल है। इसी सोच के साथ जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर संगठन की समीक्षा की जाएगी।
विधानसभा चुनाव की हार के बाद आत्ममंथन
पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस पराजय के बाद पार्टी के भीतर यह स्पष्ट हो गया कि संगठनात्मक कमजोरी सबसे बड़ी समस्या रही है। सूत्रों के अनुसार, इसी अनुभव से सीख लेते हुए पार्टी ने अब ground level पर काम करने की रणनीति बनाई है। यह अभियान उसी आत्ममंथन का परिणाम माना जा रहा है।
जिलों में डेरा डालेंगे दिग्गज नेता
कांग्रेस की योजना के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की टीम बारी-बारी से सभी जिलों में जाएगी। ये नेता कुछ दिनों तक जिले में रुककर संगठन की स्थिति को नजदीक से समझेंगे। जिला कांग्रेस कमेटी, प्रखंड स्तर की इकाइयों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें की जाएंगी। इससे यह पता लगाया जाएगा कि संगठन कहां मजबूत है और कहां कमजोर।
बूथ लेवल पर फोकस
इस अभियान का एक अहम हिस्सा बूथ स्तर की समीक्षा होगी। पार्टी यह देखेगी कि कितने बूथों पर सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद हैं, कहां संगठन निष्क्रिय पड़ा है और किन इलाकों में पार्टी की पकड़ कमजोर हो गई है। सदस्यता अभियान की प्रगति, बूथ कमेटियों की स्थिति और स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता को भी बारीकी से परखा जाएगा।

कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद
कांग्रेस नेतृत्व इस बार ऊपर से नीचे नहीं, बल्कि नीचे से ऊपर की रणनीति पर काम कर रहा है। जिला कैंपों के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं को खुलकर अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। कार्यकर्ता अपनी समस्याएं, सुझाव और क्षेत्रीय मुद्दे सीधे वरिष्ठ नेताओं के सामने रख सकेंगे। पार्टी का मानना है कि बिना कार्यकर्ताओं की बात सुने संगठन को मजबूत नहीं किया जा सकता।
कमजोर क्षेत्रों में होगा पुनर्गठन
अभियान के दौरान यह भी तय किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में संगठन पूरी तरह कमजोर हो चुका है। ऐसे इलाकों में संगठन के पुनर्गठन की योजना बनेगी। निष्क्रिय पदाधिकारियों की पहचान कर उन्हें बदला जा सकता है। वहीं, जो कार्यकर्ता जमीन पर सक्रिय हैं, उन्हें आगे लाने और जिम्मेदारी देने पर जोर रहेगा।
Youth Congress और Mahila Congress को मिलेगी नई भूमिका
कांग्रेस इस अभियान में युवा और महिला नेतृत्व को भी खास महत्व देने जा रही है। Youth Congress और Mahila Congress को अधिक प्रभावी बनाने की योजना है। पार्टी का मानना है कि युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाए बिना संगठन का विस्तार संभव नहीं है। पंचायत और प्रखंड स्तर पर इन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपने की तैयारी है।
पंचायत स्तर पर नियमित गतिविधियों की योजना
कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व का कहना है कि यह अभियान सिर्फ समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। पंचायत स्तर पर नियमित बैठकें, जनसंपर्क कार्यक्रम और मुद्दा आधारित आंदोलन तेज किए जाएंगे। स्थानीय समस्याओं को लेकर जनता के बीच जाने की रणनीति बनाई जा रही है। इससे पार्टी को दोबारा जनता से जोड़ने में मदद मिलेगी।
जनता तक पहुंचाई जाएंगी पार्टी की नीतियां
अभियान के दौरान कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा को जनता तक पहुंचाने पर भी जोर रहेगा। वरिष्ठ नेता और स्थानीय कार्यकर्ता मिलकर यह बताएंगे कि कांग्रेस की सोच क्या है और वह बिहार के लिए क्या करना चाहती है। पार्टी का मानना है कि सही संवाद के अभाव में जनता से दूरी बढ़ी है, जिसे अब कम किया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में अभियान
यह संगठनात्मक अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे बिहार में चलेगा। एक जिले की समीक्षा पूरी होने के बाद अगले जिले में टीम भेजी जाएगी। इससे हर क्षेत्र पर समान रूप से ध्यान दिया जा सकेगा। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि इस प्रक्रिया से संगठन की असल तस्वीर सामने आएगी।










