NEET छात्रा हत्याकांड को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि सार्वजनिक बयान के बाद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें चुप रहने का दबाव बनाया।
Patna: NEET छात्रा हत्याकांड को लेकर बिहार की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र के आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। भाई वीरेंद्र ने दावा किया है कि इस हत्याकांड पर सार्वजनिक बयान देने के बाद उन पर पुलिस अधिकारियों की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से चुप रहने की सलाह दी जा रही है, जिससे पूरे प्रकरण पर सवाल और गहरे हो गए हैं।
बयान के बाद पुलिस कॉल का दावा
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने साफ शब्दों में कहा कि जैसे ही उन्होंने NEET छात्रा हत्याकांड पर मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर बयान दिया, उसके कुछ ही समय बाद पुलिस अधिकारियों के फोन आने लगे। उन्होंने बताया कि इन कॉल्स में अधिकारी उनसे यह पूछते रहे कि वह इस संवेदनशील मामले पर बयान क्यों दे रहे हैं। विधायक का आरोप है कि इन बातचीतों का मकसद उन्हें आगे बोलने से रोकना था।
‘ऐसे बयान मत दीजिए’ का आरोप
भाई वीरेंद्र के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने उनसे कहा कि “सर, आप इस मामले पर बयान क्यों दे रहे हैं, ऐसे बयान मत दीजिए।” विधायक ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया। उनका कहना है कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की आवाज उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है। यदि इस अधिकार को दबाने की कोशिश की जा रही है, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने का आरोप
भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ उनके साथ नहीं, बल्कि विपक्ष के कई नेताओं के साथ होता रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई जनप्रतिनिधि सरकार या प्रशासन से सवाल करता है, तो उसे दबाने की कोशिश की जाती है। उनका कहना है कि पुलिस का काम जांच करना है, न कि नेताओं को यह बताना कि उन्हें क्या बोलना चाहिए और क्या नहीं।
जांच की निष्पक्षता पर उठे सवाल
राजद विधायक ने NEET छात्रा हत्याकांड की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होती, तो बयान देने पर किसी को चुप कराने की जरूरत नहीं पड़ती। पुलिस अधिकारियों की ओर से इस तरह के फोन आने से यह आशंका पैदा होती है कि मामले में कुछ छिपाने की कोशिश की जा रही है।
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सरकार और प्रशासन की भूमिका पर संदेह
भाई वीरेंद्र ने सीधे तौर पर सरकार और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि NEET छात्रा की हत्या एक गंभीर अपराध है, जो छात्र सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे मामलों में सरकार को जवाबदेह होना चाहिए, लेकिन यहां उल्टा सवाल पूछने वालों पर ही दबाव बनाया जा रहा है। इससे जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है।
धमकाने की राजनीति का आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि यह डराने और धमकाने की राजनीति का हिस्सा है। उनका कहना है कि सरकार की आलोचना करने वालों को चुप कराने की कोशिश की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने न आ सके। उन्होंने कहा कि अगर जनप्रतिनिधि ही डर जाएंगे, तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा।
छात्र सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल
भाई वीरेंद्र ने कहा कि NEET छात्रा की हत्या सिर्फ एक घटना नहीं है। यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है। छात्राएं देश के भविष्य का हिस्सा हैं और उनकी सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में राजनीति से ऊपर उठकर सच्चाई सामने लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर इस मुद्दे पर सवाल उठाने से नेताओं को रोका जाएगा, तो इससे हालात और बिगड़ेंगे।
विपक्ष की भूमिका पर जोर
राजद विधायक ने कहा कि विपक्ष का काम ही सरकार से सवाल पूछना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि जनता के हित में यह मुद्दा उठा रहे हैं। उनका कहना है कि NEET छात्रा के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और इसके लिए हर स्तर पर दबाव बनाना जरूरी है।
दबाव के आगे न झुकने का ऐलान
भाई वीरेंद्र ने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने ऐलान किया कि चाहे कितने भी फोन आएं या दबाव बनाया जाए, वह NEET छात्रा हत्याकांड पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे।








