बिहार विधान परिषद में दरभंगा रेप केस पर हंगामा, बहस के बीच नीतीश कुमार का माइक हुआ बंद

दरभंगा रेप केस पर बिहार विधान परिषद में भारी हंगामा हुआ। बहस के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का माइक बंद होने से सियासी विवाद गहराया और विपक्ष ने सवाल उठाए।

दरभंगा रेप केस पर बिहार विधान परिषद में विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का माइक बंद हो गया। इस घटना से सदन में सियासी विवाद बढ़ा और सरकार पर लोकतांत्रिक मर्यादा तोड़ने के आरोप लगे।

Patna: बिहार विधान परिषद में दरभंगा के छह साल की बच्ची के रेप केस को लेकर सोमवार को भारी हंगामा देखने को मिला। सदन के अंदर विपक्षी दलों ने सरकार पर महिला सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया और डिप्टी सीएम के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसी हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का माइक बंद होने का मामला सामने आया, जिसने राजनीतिक विवाद को और गहरा कर दिया।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद मंत्री अशोक चौधरी का एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिसे देख दें, वह भस्म हो जाएगा। यह बयान न सिर्फ विपक्ष बल्कि सत्तारूढ़ दल के भीतर भी चर्चा का विषय बन गया है।

दरभंगा रेप केस पर विपक्ष का आक्रोश

दरभंगा में छह साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस मामले को लेकर विधान परिषद में राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विपक्षी सदस्य वेल तक पहुंच गए और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग करने लगे।

विपक्ष का कहना था कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है और महिलाओं की सुरक्षा केवल बयानबाजी तक सीमित रह गई है। इसी मुद्दे पर सदन में नारेबाजी और शोरगुल लगातार बढ़ता चला गया।

नीतीश कुमार ने संभाला मोर्चा

हंगामा बढ़ता देख मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद खड़े हुए और विपक्ष को जवाब देने लगे। उन्होंने सीधे तौर पर राजद पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने सत्ता में रहते हुए कोई काम नहीं किया, वे आज फालतू आरोप लगा रहे हैं।

नीतीश कुमार के इस बयान के बाद माहौल और ज्यादा गर्म हो गया। विपक्षी सदस्य लगातार बोलते रहे और मुख्यमंत्री की बात को बीच-बीच में टोका जाने लगा।

नीतीश और राबड़ी देवी के बीच तीखी बहस

इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों के बीच तू-तू मैं-मैं होने लगी, जिससे सदन का माहौल और बिगड़ गया।

इसी बहस के दौरान अचानक नीतीश कुमार का माइक बंद हो गया। माइक बंद होते ही सदन में नया विवाद खड़ा हो गया और विपक्ष ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

माइक किसके इशारे पर बंद हुआ

राजद एमएलसी सुनील सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का माइक किसके इशारे पर बंद किया गया। उनका कहना था कि यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और मुख्यमंत्री की आवाज को दबाने की कोशिश है। इस आरोप के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया। विपक्ष ने इसे साजिश बताते हुए हंगामा जारी रखा।

अशोक चौधरी का बयान हुआ वायरल

माइक बंद होने के सवाल पर जब मंत्री अशोक चौधरी से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री की इतनी औकात नहीं है कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का माइक बंद करा दे।

अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार एक बार किसी को जोर से देख भी लें तो वह भस्म हो जाएगा, खासकर मंत्री। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

विपक्ष पर पलटवार

अशोक चौधरी ने विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद अपनी महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर पाए, जो अपनी बहू-बेटियों को सुरक्षित नहीं रख सके, वही आज विधान परिषद में महिला सुरक्षा को लेकर हाय-हाय कर रहे हैं।

उनका कहना था कि विपक्ष को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, फिर सरकार पर सवाल उठाने चाहिए।

अशोक चौधरी ने यह भी कहा कि हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन विधान परिषद नियमावली से चलती है। सदन में हंगामा और शोर-शराबा लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।

अन्य मुद्दों का जिक्र

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि कुछ लोग नीट जैसे मुद्दों को भी बार-बार उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नीट का मामला उलझ गया था, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए उसे सीबीआई को सौंप दिया गया। उनका कहना था कि अगर सीबीआई जांच नहीं दी जाती, तो यही लोग सरकार पर सवाल उठाते। सरकार हर मामले में पारदर्शिता के साथ काम कर रही है।

दरभंगा मामले में त्वरित कार्रवाई का दावा

दरभंगा रेप केस को लेकर अशोक चौधरी ने कहा कि इस मामले में सरकार ने तेजी से कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि आधे घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई थी। सरकार महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

वोट चोरी के आरोप पर जवाब

वोट चोरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि यह पूरी तरह बेसलेस आरोप हैं। अगर विपक्ष को लगता है कि इनमें सच्चाई है, तो उन्हें कोर्ट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना सबूत के आरोप लगाना सिर्फ राजनीति का हिस्सा है और इससे जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।

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