गुजरात विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। बजट सत्र से पहले परिसर खाली कराया गया। पुलिस और बम स्क्वॉड जांच में जुटे हैं, हालांकि अब तक कुछ संदिग्ध नहीं मिला।
Gujarat Assembly Budget Session: गुजरात में बजट सत्र शुरू होने से ठीक पहले एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गुजरात विधानसभा परिसर को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परिसर को खाली कराया और जांच शुरू कर दी।
ईमेल के जरिए मिली धमकी
अधिकारियों के अनुसार, यह धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि विधानसभा परिसर में बम रखा गया है। यह सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया और किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए तुरंत कदम उठाए गए। धमकी का समय भी बेहद संवेदनशील था, क्योंकि उसी दिन सुबह बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होनी थी। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह मामला और गंभीर हो गया।
समय से पहले रोकी गई कार्यवाही
जानकारी के मुताबिक, विधानसभा की कार्यवाही सुबह 9 बजे शुरू होनी थी। लेकिन सुबह करीब 8:45 बजे अधिकारियों को इस धमकी भरे ईमेल की जानकारी मिली।
इसके तुरंत बाद एहतियात के तौर पर कार्यवाही को रोक दिया गया और सभी विधायकों, कर्मचारियों और मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रशासन ने इस दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया।
पुलिस और बम स्क्वॉड की सघन जांच
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और बम स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए। Piyush Vanda, जो इस मामले में पुलिस उपाधीक्षक हैं, ने बताया कि ईमेल मिलते ही सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
पूरे परिसर को घेरकर हर कोने की जांच की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि कहीं कोई विस्फोटक पदार्थ मौजूद तो नहीं है।
अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला
प्रारंभिक जांच के दौरान अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। अधिकारियों ने कहा है कि तलाशी अभियान जारी है और हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। हालांकि, ऐसी घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जाता, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
इस घटना के बाद विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर टीम भी जांच में जुट गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह धमकी कहां से भेजी गई और इसके पीछे किसका हाथ है।









