बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने नकली पनीर के मुद्दे पर लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी है। एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना जरूरी है कि वे क्या खा रहे हैं और केवल सरकार के भरोसे नहीं रहना चाहिए।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के नेता और कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली डेयरी उत्पादों को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता को लेकर लोगों को केवल सरकार और प्रशासन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें खुद भी जागरूक रहना जरूरी है।
बृजभूषण शरण सिंह ने यह टिप्पणी नकली पनीर और एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर चल रही चर्चा के बीच की। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि वे जो खाद्य पदार्थ खरीद रहे हैं, उसकी गुणवत्ता और वास्तविकता को लेकर कितने जागरूक हैं। उनके मुताबिक, उपभोक्ताओं को अपनी खाद्य आदतों और बाजार में उपलब्ध उत्पादों के बारे में खुद जानकारी रखनी चाहिए।
‘सरकार के भरोसे मत रहिए’
बृजभूषण शरण सिंह ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के मुद्दे पर कहा कि लोगों को केवल सरकारी कार्रवाई का इंतजार नहीं करना चाहिए। उन्होंने लोगों से खुद यह तय करने की बात कही कि उन्हें क्या खाना है और खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने मिलावटखोरी के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि यदि देशभर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया जाए तो इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
पूर्व सांसद ने देश में दूध की उपलब्धता को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने दूध उत्पादन और उसकी मांग के बीच अंतर का जिक्र करते हुए नकली या वैकल्पिक डेयरी उत्पादों के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई।

नकली पनीर और एनालॉग डेयरी उत्पादों पर चर्चा
देश के अलग-अलग हिस्सों में नकली पनीर और अन्य मिलावटी खाद्य उत्पादों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। त्योहारों और शादी के सीजन में दूध, पनीर, खोया और दूसरे डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा और उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता भी बढ़ती है।एनालॉग डेयरी उत्पाद ऐसे खाद्य उत्पाद होते हैं जिन्हें पारंपरिक डेयरी उत्पादों के विकल्प के तौर पर तैयार किया जाता है।
इनकी संरचना और सामग्री पारंपरिक दूध से बने उत्पादों से अलग हो सकती है। ऐसे उत्पादों की पहचान और लेबलिंग को लेकर उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता महत्वपूर्ण है।
सरकार की कार्रवाई पर भी बोले बृजभूषण
बृजभूषण शरण सिंह ने केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से नकली तथा मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से नकली खाद्य पदार्थों और एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स के मुद्दे पर अपनी बात रखते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सरकार की कार्रवाई की सराहना करते हुए यह भी कहा कि आम लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उनके बयान का मुख्य संदेश यही रहा कि खाद्य सुरक्षा केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी जागरूक और सतर्क रहना चाहिए।











