बर्नहम और मैक्रों की मुलाकात, छोटी नावों पर कार्रवाई तेज करने पर सहमति

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अवैध प्रवासन, छोटी नावों, यूक्रेन और ब्रिटेन-ईयू संबंधों पर चर्चा की।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इंग्लिश चैनल में छोटी नावों से होने वाले अवैध प्रवासन पर कार्रवाई तेज करने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने यूक्रेन, ब्रिटेन-ईयू संबंध, मध्य-पूर्व और वेस्ट बैंक पर भी चर्चा की।

फ्रांस: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इंग्लिश चैनल के रास्ते होने वाले अवैध प्रवासन को रोकने के प्रयासों को और तेज करने पर सहमति जताई है। डाउनिंग स्ट्रीट में हुई बैठक बर्नहम के प्रधानमंत्री बनने के बाद किसी विदेशी नेता के साथ उनकी पहली आधिकारिक मुलाकात थी। दोनों नेताओं के बीच गुरुवार को हुई द्विपक्षीय वार्ता में इंग्लिश चैनल में छोटी नावों के जरिए ब्रिटेन पहुंचने वाले प्रवासियों, ब्रिटेन और यूरोप के बीच संबंध मजबूत करने, यूक्रेन में लंबी दूरी की मिसाइलों के उत्पादन और मध्य-पूर्व की स्थिति समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री बर्नहम ने बैठक के दौरान वेस्ट बैंक में इजरायल की नई बस्तियों की योजनाओं पर भी चिंता जताई और इन्हें "अस्वीकार्य" बताया।

मैक्रों को बताया सबसे करीबी पड़ोसी और मित्र

बर्नहम ने मैक्रों के ब्रिटेन दौरे को विशेष महत्व देते हुए कहा कि यह उनके लिए उचित है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मैक्रों उनके पहले विदेशी मेहमान हैं। उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति को ब्रिटेन का "सबसे करीबी पड़ोसी और करीबी मित्र" बताया।

बर्नहम ने कहा कि मैक्रों की यात्रा यह दिखाती है कि सहयोग क्या हासिल कर सकता है। उन्होंने यूक्रेन, छोटी नावों से होने वाले अवैध प्रवासन और ब्रिटेन-यूरोपीय संघ संबंधों को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया।

मैक्रों ने भी ब्रिटेन के साथ संबंधों को बेहद मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है और वह दोनों देशों को और करीब लाने की इच्छा तथा प्रतिबद्धता के साथ ब्रिटेन आए हैं।

छोटी नावों से अवैध प्रवासन पर आगे की रणनीति

बैठक का एक प्रमुख मुद्दा इंग्लिश चैनल में छोटी नावों से होने वाला अवैध प्रवासन रहा। डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, बर्नहम और मैक्रों ने माना कि छोटी नावों से होने वाली क्रॉसिंग को कम करने की दिशा में दोनों देश प्रगति कर रहे हैं, लेकिन अब इससे आगे जाकर प्रयासों को बढ़ाने की जरूरत है।

ब्रिटेन और फ्रांस लंबे समय से इंग्लिश चैनल में छोटी नावों के जरिए होने वाली अवैध क्रॉसिंग को रोकने के लिए सहयोग करते रहे हैं। ब्रिटेन के लिए फ्रांस के साथ सहयोग इस मुद्दे पर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में प्रवासी फ्रांसीसी तट से चैनल पार करने का प्रयास करते हैं।

इस बीच, गर्मियों के दौरान ब्रिटेन में छोटी नावों से पहुंचने वाले लोगों की संख्या सात साल के निचले स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि, हाल के महीनों में सामने आई बड़ी नावों की घटनाओं ने इस मुद्दे को फिर से प्रमुख राजनीतिक चुनौती बना दिया है।

'मेगा डिंगी' से नई चुनौती

इंग्लिश चैनल में अब सामान्य छोटी नावों के अलावा बेहद बड़ी नावों का इस्तेमाल भी चिंता का विषय बन रहा है। अगस्त की शुरुआत में करीब 15 मीटर लंबी एक नाव सामने आई थी, जिसमें रिकॉर्ड 230 प्रवासी ब्रिटेन की ओर जा रहे थे।

इन बड़ी नावों को लेकर ब्रिटिश अधिकारियों के सामने नई चुनौती खड़ी हुई है। ऐसे जहाज एक साथ बड़ी संख्या में लोगों को समुद्री मार्ग से ब्रिटेन पहुंचाने की क्षमता रखते हैं।

बर्नहम और मैक्रों की बातचीत में इस तरह की नावों के जरिए होने वाली क्रॉसिंग को रोकने के लिए आगे की कार्रवाई पर जोर दिया गया। दोनों देशों के लिए यह सहयोग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चैनल पार करने के प्रयासों को रोकने में एकतरफा कदमों की तुलना में संयुक्त कार्रवाई अधिक प्रभावी मानी जाती है।

ब्रिटेन-यूरोप संबंधों को मजबूत करने पर जोर

बैठक में ब्रिटेन के यूरोप के साथ संबंधों को और मजबूत करने की कोशिशों पर भी चर्चा हुई। बर्नहम पहले से ही यूरोपीय देशों के साथ करीबी संबंधों के समर्थक रहे हैं। उनके पूर्ववर्ती सर कीर स्टार्मर भी ब्रिटेन और यूरोप के बीच संबंधों को मजबूत करने की वकालत करते रहे हैं।

हालांकि, इस दिशा में आर्थिक हितों से जुड़ी कुछ चिंताएं भी सामने आईं। बर्नहम ने ब्रसेल्स में तैयार की जा रही "मेड इन यूरोप" खरीद योजना के संभावित प्रभाव पर चिंता जताई। इस योजना का उद्देश्य यूरोपीय उद्योगों की सुरक्षा और उन्हें सार्वजनिक खरीद में बढ़ावा देना है।

ब्रिटेन को आशंका है कि ऐसी नीति से उसके कुछ औद्योगिक और कारोबारी क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में ब्रिटेन-ईयू संबंधों को मजबूत करने की कोशिश के साथ व्यापारिक हितों का संतुलन बनाए रखना भी बर्नहम सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा।

यूक्रेन में लंबी दूरी की मिसाइल उत्पादन पर चर्चा

बर्नहम और मैक्रों ने यूक्रेन में लंबी दूरी की मिसाइलों के स्थानीय उत्पादन से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा की। बातचीत में स्कैल्प लंबी दूरी की मिसाइल के लिए यूक्रेन में स्थानीय असेंबली लाइन स्थापित करने की संभावना शामिल रही।

स्कैल्प फ्रांस की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल है, जो ब्रिटेन की स्टॉर्म शैडो क्रूज मिसाइल का फ्रांसीसी संस्करण है।

यूक्रेन को सैन्य समर्थन के मुद्दे पर ब्रिटेन और फ्रांस पहले से करीबी सहयोग कर रहे हैं। दोनों देशों की कोशिश यूक्रेन की रक्षा क्षमता मजबूत करने के साथ-साथ रूस के खिलाफ उसके सैन्य प्रयासों के लिए दीर्घकालिक समर्थन बनाए रखने की रही है।

बर्नहम और मैक्रों की मुलाकात, छोटी नावों पर कार्रवाई तेज करने पर सहमति

मध्य-पूर्व और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी चर्चा

दोनों नेताओं ने मध्य-पूर्व की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया। बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव कम करने और क्षेत्र में स्थिति को और बिगड़ने से रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

ब्रिटेन और फ्रांस ने यूक्रेन के साथ-साथ ईरान से जुड़े मुद्दों पर भी करीबी समन्वय किया है। दोनों देश अमेरिका के साथ बातचीत में अपनी संयुक्त स्थिति के जरिए प्रभाव डालने की कोशिश करते रहे हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए एक रणनीतिक मार्ग है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने की स्थिति में इसका असर व्यापक अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

वेस्ट बैंक में नई बस्तियों की योजना पर बर्नहम की आपत्ति

बर्नहम ने बातचीत के दौरान वेस्ट बैंक में इजरायल की ओर से नई बस्तियों के निर्माण के लिए निविदाएं खोलने की योजना का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने इस कदम को "अस्वीकार्य" बताया और कहा कि इससे दो-राष्ट्र समाधान की संभावनाएं कमजोर होती हैं। जिस क्षेत्र में निर्माण की योजना पर चर्चा हुई है, उसे E1 क्षेत्र के नाम से जाना जाता है।

E1 क्षेत्र वेस्ट बैंक के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिस्से में स्थित है। वहां निर्माण होने से वेस्ट बैंक के दो हिस्सों में बंटने और पूर्वी यरुशलम के अलग-थलग पड़ने की आशंका जताई जाती रही है।

इन बस्ती योजनाओं की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से आलोचना होती रही है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इजरायली बस्तियों को अवैध माना जाता है।

मैक्रों की ब्रिटेन यात्रा का मुख्य उद्देश्य

मैक्रों की ब्रिटेन यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य बायो टैपेस्ट्री को ब्रिटिश म्यूजियम में प्रदर्शित किए जाने से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। बुधवार को उन्होंने ब्रिटिश म्यूजियम में किंग चार्ल्स से मुलाकात की।

मध्यकालीन बायो टैपेस्ट्री को अगले सप्ताह से आम लोगों के लिए प्रदर्शित किया जाना है। इसी यात्रा के दौरान मैक्रों ने बर्नहम के साथ औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता भी की।

बर्नहम सरकार के लिए फ्रांस का बढ़ता महत्व

बर्नहम सरकार के शुरुआती दौर में मैक्रों की यात्रा को ब्रिटेन और फ्रांस के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक घटनाक्रम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री के रूप में बर्नहम के पहले विदेशी नेता के साथ संवाद में प्रवासन से लेकर सुरक्षा, यूक्रेन और यूरोपीय संबंधों तक कई मुद्दे शामिल रहे।

छोटी नावों से होने वाली क्रॉसिंग को और कम करने के लिए फ्रांस के साथ सहयोग ब्रिटेन के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा। साथ ही, यूरोप के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की बर्नहम सरकार की कोशिशों में भी पेरिस की भूमिका अहम हो सकती है।

इस प्रकार बर्नहम और मैक्रों की बैठक केवल अवैध प्रवासन के मुद्दे तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें ब्रिटेन की भविष्य की यूरोपीय नीति, यूक्रेन के लिए सैन्य सहयोग और मध्य-पूर्व की सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दों को भी जगह मिली।

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