कनाडा में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी ने तीन संसदीय उपचुनावों में जीत हासिल की। क्यूबेक की सीट विपक्षी कंजर्वेटिवों से छीनकर लिबरल ने अपनी स्थिति मजबूत की। अमेरिका के साथ व्यापार तनाव के बीच परिणाम कार्नी के लिए राजनीतिक बढ़त माने जा रहे हैं
टोरंटो: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी ने सोमवार को हुए तीन संसदीय उपचुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी सीटों पर जीत दर्ज की। इनमें सबसे महत्वपूर्ण जीत क्यूबेक प्रांत की चिकोटिमी-ले फ्योर्ड सीट पर मिली, जहां लिबरल उम्मीदवार डेनियल गोबेल ने विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी से सीट छीन ली। अन्य दो सीटों पर भी लिबरल उम्मीदवारों ने अपनी पार्टी की पिछली स्थिति बरकरार रखी। इन नतीजों को कार्नी सरकार के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को लेकर तनाव बना हुआ है।
तीन उपचुनावों ने मजबूत किया लिबरल पार्टी का बहुमत
सोमवार को हुए उपचुनाव तीन सांसदों के इस्तीफे के बाद कराए गए थे। क्यूबेक में लिबरल पार्टी ने अपेक्षाओं से बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि ओंटारियो और ब्रिटिश कोलंबिया में पार्टी ने अपनी मौजूदा सीटें बचा लीं। इन परिणामों के बाद कार्नी की सरकार को हाउस ऑफ कॉमन्स में अपना बेहद मामूली बहुमत बनाए रखने में मदद मिली है।
क्यूबेक की चिकोटिमी-ले फ्योर्ड सीट का परिणाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। यहां लिबरल उम्मीदवार डेनियल गोबेल ने कुल मतों में आधे से अधिक हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने ब्लॉक क्यूबेक्वा और कंजर्वेटिव उम्मीदवारों को पीछे छोड़ दिया। पिछली बार इस सीट पर मुकाबला तीन प्रमुख दलों के बीच बेहद करीबी रहा था।
गोबेल पेशे से डेयरी किसान हैं। जीत के बाद फ्रेंच भाषा में समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कनाडा की एकता पर जोर दिया और कहा कि यह जीत पूरे देश में राष्ट्रीय एकता को मजबूत रखने का संदेश देती है।
ओंटारियो और ब्रिटिश कोलंबिया में भी लिबरल उम्मीदवार जीते
अन्य दो उपचुनावों में ओंटारियो की बीचेज-ईस्ट यॉर्क सीट से तनवीर शहनवाज ने जीत हासिल की। वहीं ब्रिटिश कोलंबिया की नॉर्थ वैंकूवर-कैपिलानो सीट पर ब्रेडन कैली विजयी रहे। दोनों सीटों पर लिबरल पार्टी की जीत का अनुमान चुनाव से पहले लगाए जा रहे सर्वेक्षणों में भी लगाया गया था।
तीनों परिणामों ने कार्नी के नेतृत्व वाली सरकार को तत्काल राजनीतिक राहत दी है। खास तौर पर क्यूबेक में कंजर्वेटिव पार्टी से सीट हासिल करना विपक्षी नेता पियरे पोइलिव्रे के लिए झटका माना जा रहा है।
अमेरिका के साथ व्यापार तनाव के बीच कार्नी को फायदा
कार्नी की राजनीतिक स्थिति में सुधार ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका के साथ कनाडा के व्यापार संबंध तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। हाल ही में कनाडाई प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता को समाप्त करने का फैसला किया था। उन्होंने अमेरिकी प्रस्तावित शर्तों को कनाडा के लिए अनुचित बताया था।
इस फैसले के बाद कनाडा में कार्नी की लोकप्रियता में बढ़ोतरी देखी गई। उपचुनाव के नतीजे भी इसी राजनीतिक माहौल के बीच सामने आए हैं। चुनाव परिणामों के बाद कार्नी ने तीनों विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि बदलती दुनिया में कनाडा की परीक्षा हो रही है और कनाडाई नागरिक इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। उनका यह संदेश देश के सामने मौजूद आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों की ओर संकेत करता है।
सर्वेक्षणों में लिबरल पार्टी को करीब 10 अंकों की बढ़त
कनाडा की राजनीति में हालिया जनमत सर्वेक्षण भी कार्नी के पक्ष में जाते दिखाई दे रहे हैं। एबाकस डेटा के हालिया आंकड़ों के अनुसार लिबरल पार्टी ने कंजर्वेटिव पार्टी पर लगभग 10 प्रतिशत अंकों की बढ़त बना रखी है। सरकार की स्वीकृति और प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत लोकप्रियता स्तर में भी हाल के सप्ताहों में सुधार दर्ज किया गया है।
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एबाकस डेटा के संस्थापक डेविड कोलेटो के अनुसार कार्नी की लोकप्रियता बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति कनाडाई जनता की कम लोकप्रिय धारणा और अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता से पीछे हटने के कार्नी के फैसले के बाद पैदा हुआ राष्ट्रीय समर्थन प्रमुख हैं।
इसका प्रभाव क्यूबेक में सबसे अधिक दिखाई दे रहा है। कोलेटो के अनुसार कार्नी की व्यक्तिगत लोकप्रियता क्यूबेक में देश के अन्य हिस्सों की तुलना में मजबूत है।
ट्रंप की टैरिफ नीति से क्यूबेक पर बड़ा दबाव
क्यूबेक उन कनाडाई प्रांतों में शामिल है जिन पर अमेरिकी व्यापार नीतियों का बड़ा असर पड़ने की आशंका है। अमेरिका ने कनाडा के कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक के नए टैरिफ लागू किए हैं। यह कदम व्यापार वार्ता विफल होने के बाद उठाया गया।
क्यूबेक की अर्थव्यवस्था में विनिर्माण, कृषि और निर्यात की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए अमेरिकी बाजार में कनाडाई वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से प्रांत के कारोबार और उत्पादन पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
वैश्विक आर्थिक पूर्वानुमान संस्था ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ने एक हालिया रिपोर्ट में अनुमान लगाया कि अमेरिकी टैरिफ और व्यापार तनाव के कारण क्यूबेक को 2028 तक हर वर्ष लगभग 2 अरब कनाडाई डॉलर के आर्थिक उत्पादन का नुकसान हो सकता है।
कंजर्वेटिव पार्टी के लिए लगातार चुनौतियां
पिछले साल हुए संघीय चुनाव के बाद कंजर्वेटिव पार्टी लिबरल पार्टी के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन हालिया राजनीतिक आंकड़े उसके लिए चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। पार्टी के नेता पियरे पोइलिव्रे ने जनवरी में नेतृत्व से जुड़ी परीक्षा में बड़ी जीत हासिल की थी, लेकिन इसके बाद बदलते राजनीतिक माहौल में उनकी रणनीति को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
कंजर्वेटिव पार्टी के कई सांसद भी पिछले कुछ समय में लिबरल खेमे में चले गए हैं। अप्रैल 2025 के संघीय चुनाव के बाद चार सांसदों ने पार्टी बदलकर सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी का समर्थन किया। इसके अलावा कंजर्वेटिव पार्टी के तीन सांसद या तो इस्तीफा दे चुके हैं या पद छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं।
क्यूबेक की सीट से पूर्व कंजर्वेटिव सांसद रिचर्ड मार्टेल का इस्तीफा भी इसी राजनीतिक बदलाव का हिस्सा रहा। मार्टेल ने पिछले महीने पद छोड़ा था, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्नी ने उन्हें कनाडा की सीनेट में नियुक्त किया। कनाडा में सीनेट के सदस्य सीधे चुनाव के जरिए नहीं चुने जाते।
कार्नी के लिए उपचुनाव परिणाम क्यों महत्वपूर्ण हैं?
तीनों सीटों पर जीत प्रधानमंत्री कार्नी के लिए सिर्फ संख्यात्मक सफलता नहीं है, बल्कि यह उनकी सरकार के प्रति मतदाताओं के मौजूदा रुझान का संकेत भी देती है। खासकर क्यूबेक में विपक्षी सीट पर कब्जा करना बताता है कि लिबरल पार्टी व्यापार तनाव और अमेरिकी दबाव के बीच राष्ट्रीय हित की राजनीति को प्रभावी ढंग से पेश करने में सफल हो सकती है।
कार्नी के सामने हालांकि चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। अमेरिका के साथ व्यापार विवाद कनाडाई अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा जोखिम बना हुआ है। टैरिफ का असर निर्यात, औद्योगिक उत्पादन और रोजगार पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में सरकार को आर्थिक दबाव और घरेलू राजनीतिक अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाना होगा।
उपचुनावों से मिली सरकार को राहत
सोमवार के परिणामों ने फिलहाल कार्नी सरकार को राजनीतिक राहत दी है। तीनों सीटों पर जीत से लिबरल पार्टी ने संसद में अपनी स्थिति कायम रखी है और क्यूबेक में विपक्ष को झटका दिया है। अमेरिका के साथ व्यापार तनाव के बीच जनता का समर्थन कार्नी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक पूंजी बन सकता है।
हालांकि इन उपचुनावों को पूरे देश के अगले आम चुनाव का सीधा संकेत मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन परिणाम यह जरूर दिखाते हैं कि लिबरल पार्टी फिलहाल कंजर्वेटिव चुनौती पर बढ़त बनाए हुए है। आने वाले समय में कार्नी सरकार की लोकप्रियता इस बात पर काफी हद तक निर्भर करेगी कि वह अमेरिकी टैरिफ, कनाडा की अर्थव्यवस्था और दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को किस तरह संभालती है।










