चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठनात्मक तैयारियों को तेज करते हुए चार नई समितियों का गठन किया है। एचएस लक्की को प्रचार समिति का अध्यक्ष और चंद्र मुखी शर्मा को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का संयोजक बनाया गया है।
चंडीगढ़: दिसंबर में प्रस्तावित नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियों को गति दी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की मंजूरी के बाद चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लिए चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय, प्रचार, घोषणा पत्र और अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़ी चार समितियां गठित की गई हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य चुनावी गतिविधियों में तालमेल बढ़ाना और वार्ड स्तर पर संगठन को सक्रिय करना है।
कांग्रेस ने चुनाव के लिए गठित की चार समितियां
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर जिम्मेदारियों का बंटवारा कर दिया है। पार्टी की ओर से 17 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति, प्रचार समिति, घोषणा पत्र समिति और अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का गठन किया गया है। इसके साथ ही राजनीतिक मामलों की समिति और प्रदेश चुनाव समिति में भी नए सदस्यों को शामिल किया गया है।
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सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। दिसंबर में प्रस्तावित चुनाव को देखते हुए इन समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी को शहर के 35 वार्डों में उम्मीदवारों के चयन, चुनाव प्रचार की रणनीति बनाने और स्थानीय समस्याओं को चुनावी मुद्दों के रूप में सामने रखने की तैयारी करनी होगी।
एचएस लक्की को प्रचार, चंद्र मुखी शर्मा को चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी
चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की को प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस समिति में एएस गुजराल और मोहम्मद सादिक को सदस्य बनाया गया है। समिति की जिम्मेदारी चुनाव प्रचार की योजना तैयार करने, पार्टी का संदेश जनता तक पहुंचाने और स्थानीय मुद्दों को अभियान में प्रमुखता देने की होगी।
वहीं, चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का संयोजक चंद्र मुखी शर्मा को बनाया गया है। इस समिति में रविंदर सिंह पाली, मीनाक्षी चौधरी, दयाल प्रताप सिंह रंधावा, संदीप कपूर, अमित जायसवाल, अच्छेलाल गौर, आनंद वालिया, गुरदर्शन सिंह, जीशान उल हक और मनोज फूल सिंह को शामिल किया गया है।
यह समिति चुनाव से जुड़ी संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन और नेताओं के बीच तालमेल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
घोषणा पत्र और अनुशासन के लिए भी अलग समिति
कांग्रेस ने घोषणा पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी राजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली समिति को सौंपी है। इसमें जीएस काम्बोज, मीनाक्षी चौधरी, जतिन सिंह, इमरान मंसूरी, यदविंदर मेहता और रितु छाबड़ा को शामिल किया गया है। समिति के सामने शहर की नागरिक सुविधाओं, स्थानीय समस्याओं और मतदाताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पार्टी का चुनावी एजेंडा तैयार करने की जिम्मेदारी होगी।
इसके अलावा, अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति में पवन शर्मा, सुरिंदर सिंह, जतिंदर भाटिया, एनके नंदा, अच्छेलाल गौर, अनीता शर्मा और बीएम खन्ना को जगह दी गई है। पार्टी ने राजनीतिक मामलों और प्रदेश चुनाव समिति में भी अतिरिक्त सदस्यों को शामिल किया है।
गुटबाजी और वार्ड स्तर की चुनौती पर रहेगी नजर
समितियों के गठन के साथ पार्टी के भीतर अलग-अलग नेताओं के समर्थकों को प्रतिनिधित्व मिलने का मुद्दा भी चर्चा में है। खबर के मुताबिक, सांसद मनीष तिवारी और प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की से जुड़े नेताओं को समितियों में जगह मिली है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के खेमे के नेताओं को इनमें प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
आगामी चुनाव में कांग्रेस के सामने संगठन को एकजुट रखने, मजबूत उम्मीदवार चुनने और स्थानीय मुद्दों पर प्रभावी अभियान चलाने की चुनौती होगी। नई समितियां इन तैयारियों को व्यवस्थित करने में मदद कर सकती हैं, लेकिन चुनावी प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि पार्टी अपनी रणनीति को वार्ड स्तर पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू करती है।









