चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत में हादसे: यमुनोत्री मार्ग पर दो श्रद्धालुओं की मौत, स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी

चारधाम यात्रा के पहले दिन यमुनोत्री मार्ग पर 2 श्रद्धालुओं की मौत। एक महिला घोड़े से गिरी, बुजुर्ग की सांस फूलने से मौत। प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने कहा।

Uttarakhand में चारधाम यात्रा के पहले दिन यमुनोत्री धाम मार्ग पर दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। एक महिला घोड़े से गिरकर और बुजुर्ग की सांस फूलने से जान गई, प्रशासन ने सतर्कता की अपील की।

उत्तरकाशी: उत्तराखंड में शुरू हुई चारधाम यात्रा के पहले ही दिन दो अलग-अलग घटनाओं में श्रद्धालुओं की मौत ने यात्रा को दुखद शुरुआत दी है। ये दोनों हादसे यमुनोत्री धाम की चढ़ाई के दौरान हुए, जहां हर साल हजारों लोग कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर दर्शन करने पहुंचते हैं।

घोड़े से गिरने से महिला की मौत

मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली 40 वर्षीय महिला प्रतिमा मिश्रा अपने पति के साथ यात्रा पर आई थीं। यमुनोत्री ट्रैक के एक खतरनाक मोड़ ‘19 कैंची’ के पास घोड़े से संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे गिर गईं।

गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट लगी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया।

चढ़ाई के दौरान बुजुर्ग श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ी

दूसरी घटना में नासिक के 67 वर्षीय उदम तांबे की मौत हो गई। वे पैदल यात्रा कर रहे थे और चढ़ाई के दौरान अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी।

परिजनों और प्रशासन की मदद से उन्हें जानकीचट्टी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। प्रारंभिक जांच में हाई ब्लड प्रेशर और ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी को संभावित कारण बताया गया है।

ऊंचाई पर यात्रा क्यों बनती है जोखिम भरी?

हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान शरीर को कम ऑक्सीजन और कम तापमान का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जिन लोगों को पहले से हृदय, फेफड़े या ब्लड प्रेशर की समस्या होती है, उनके लिए जोखिम और बढ़ जाता है।

चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत में हादसे: यमुनोत्री मार्ग पर दो श्रद्धालुओं की मौत, स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी

प्रशासन की एडवाइजरी: इन बातों का रखें ध्यान

स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुभाष चंद के अनुसार:

यात्रा से पहले पूरा मेडिकल चेकअप कराएं

  • दमा, बीपी या हृदय रोग से पीड़ित लोग डॉक्टर की सलाह जरूर लें
  • चढ़ाई धीरे-धीरे करें, जल्दबाजी न करें
  • पर्याप्त पानी और जरूरी दवाइयां साथ रखें
  • थकान महसूस होने पर तुरंत आराम करें
  • चारधाम यात्रा 2026: प्रमुख तिथियां

इस वर्ष यात्रा की शुरुआत 20 अप्रैल को हुई, जब

  • गंगोत्री धाम
  • यमुनोत्री धाम
  • के कपाट खोले गए।

संतुलन जरूरी

चारधाम यात्रा आस्था का बड़ा केंद्र है, लेकिन यह शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण भी है। हर साल लाखों लोग यहां आते हैं, लेकिन कई बार स्वास्थ्य और मौसम की अनदेखी भारी पड़ जाती है।

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