चित्तौड़गढ़ के भादसोड़ा क्षेत्र में पुलिया पर खड़े ट्रेलर से बाइक टकराने से 26 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ। पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखकर जांच शुरू की है।
चित्तौरगढ़: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें एक 26 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा भादसोड़ा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात उस समय हुआ जब तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर (ट्रक) से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक को संभलने या बचने का कोई मौका नहीं मिला और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार यह हादसा पुलिया के पास हुआ, जहां ट्रेलर पहले से ही सड़क किनारे खड़ा था।
तेज रफ्तार और खड़ा ट्रक बना मौत की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक युवक की पहचान ईरास गांव निवासी जसवंत भील (26), पुत्र अम्बालाल भील के रूप में हुई है। वह अपनी बाइक से भीलवाड़ा की ओर जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही युवक भादसोड़ा के पास पुलिया पर पहुंचा, उसकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे सड़क किनारे खड़े ट्रेलर के पीछे जा घुसी।
पुलिस अधिकारी ASI अमीचंद ने बताया कि बाइक की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण चालक को ब्रेक लगाने या वाहन को नियंत्रित करने का कोई अवसर नहीं मिला। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक का आगे का हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और युवक गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही दम तोड़ बैठा। यह हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास के लोग भी तुरंत कुछ समझ नहीं पाए।
हादसे के बाद पहचान में आई कठिनाई
हादसे के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी, क्योंकि उसके पास कोई स्पष्ट पहचान पत्र नजर नहीं आया था।
पुलिस ने जब शव की तलाशी ली तो उसकी जेब से एक आधार कार्ड मिला, जिससे उसकी पहचान जसवंत भील के रूप में हुई। पहचान की पुष्टि होते ही पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का कहना है कि जसवंत सामान्य दिन की तरह घर से निकला था और किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह उसकी आखिरी यात्रा साबित होगी।
ट्रेलर चालक मौके से फरार, जांच तेज
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जिस ट्रेलर से बाइक टकराई, उसका चालक घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। ट्रेलर को उदयपुर रजिस्ट्रेशन का बताया जा रहा है, जबकि बाइक शाहपुरा नंबर की थी।
फरार चालक की तलाश के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी भी की गई है। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि ट्रेलर और उसके चालक का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि ट्रेलर को बिना किसी चेतावनी संकेत या सुरक्षा उपाय के सड़क किनारे खड़ा करना भी हादसे का एक बड़ा कारण हो सकता है।

जन्मदिन से कुछ दिन पहले बुझ गया घर का चिराग
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस ने बताया कि मृतक जसवंत का जन्मदिन सिर्फ 6 दिन बाद आने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह दुर्घटना हो गई।
परिजनों के अनुसार जसवंत मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था, जो अपने परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए लगातार काम करता था। परिवार को यह विश्वास ही नहीं हो रहा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। गांव में भी इस हादसे के बाद शोक का माहौल है और लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवाया, पोस्टमार्टम की तैयारी
हादसे के बाद पुलिस ने शव को मंडफिया अस्पताल की मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखवाया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया परिजनों के पहुंचने के बाद पूरी की जाएगी।
भादसोड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ट्रेलर गलत तरीके से सड़क पर खड़ा था या किसी तकनीकी खराबी के कारण उसे वहीं रोका गया था।
सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल
यह हादसा एक बार फिर राजस्थान में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर भारी वाहनों का सड़क किनारे खड़ा रहना अक्सर ऐसे जानलेवा हादसों का कारण बनता है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुलिया और मोड़ों जैसे संवेदनशील स्थानों पर खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और रात के समय गश्त बढ़ाई जाए। इसके अलावा लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि ऐसे क्षेत्रों में चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टिव मार्किंग और लाइटिंग सिस्टम को बेहतर किया जाए ताकि हादसों को रोका जा सके।
तेज रफ्तार बनी जानलेवा समस्या
पुलिस के अनुसार इस हादसे में तेज रफ्तार भी एक बड़ा कारण रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में तेज रफ्तार वाहन अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
यदि बाइक की गति नियंत्रित होती तो संभव है कि यह हादसा टाला जा सकता था। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा जागरूकता की जरूरत को उजागर किया है।











