केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने सबरीमाला की वार्षिक तीर्थयात्रा से पहले तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को काम तेजी से पूरा करने, प्रगति रिपोर्ट देने और पार्किंग, सफाई, सुरक्षा व श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
तिरुवंतपुरम: केरल में सबरीमाला अयप्पा मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा से पहले राज्य सरकार ने तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 17 अक्टूबर 2026 को पंपा में अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि सन्निधानम, पंपा, निलक्कल और अन्य तीर्थयात्रा केंद्रों पर चल रहे सभी जरूरी कार्य जल्द से जल्द पूरे किए जाएं। साथ ही, संबंधित विभागों को अपने सचिवों के माध्यम से सरकार को काम की प्रगति रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
सबरीमाला मंदिर में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन, परिवहन, पार्किंग, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकार का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान अनावश्यक परेशानी न हो और सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें।
31 अक्टूबर तक तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य
सबरीमाला तीर्थयात्रा के लिए बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्थाओं को समय पर तैयार करना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे पहले त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) ने यात्रा से जुड़ी तैयारियां 31 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य बताया था। बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार ने तैयारियों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और देवस्वम मंत्री के. मुरलीधरन को देने की बात कही थी।
मुख्यमंत्री ने भी संबंधित विभागों को काम में तेजी लाने और किसी भी लंबित कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। इस समीक्षा का उद्देश्य केवल निर्माण कार्यों की स्थिति जानना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि मंदिर परिसर और आसपास के प्रमुख पड़ाव श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हों।
सबरीमाला की मुख्य मंडलम तीर्थयात्रा 16 नवंबर 2026 से शुरू होने वाली है। इससे पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन के पास सीमित समय है।
21 पार्किंग स्थलों को व्यवस्थित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड को तीर्थयात्रा मार्ग और उससे जुड़े क्षेत्रों में स्थित सभी 21 पार्किंग स्थलों की सफाई और उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में निजी वाहन और अन्य परिवहन साधन निलक्कल जैसे प्रमुख पड़ावों तक पहुंचते हैं। ऐसे में पार्किंग की व्यवस्था सुचारु रहना भीड़ और यातायात नियंत्रण के लिए जरूरी है।
पार्किंग स्थलों पर साफ-सफाई, वाहनों की आवाजाही और यात्रियों के लिए सुविधाओं का ध्यान रखने से जाम तथा अव्यवस्था की आशंका कम हो सकती है। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पार्किंग और परिवहन से जुड़े निर्देश श्रद्धालुओं तक स्पष्ट रूप से पहुंचें।
निलक्कल सबरीमाला यात्रा का एक प्रमुख आधार शिविर है। यहां से श्रद्धालु आगे की यात्रा के लिए बसों और अन्य निर्धारित परिवहन व्यवस्थाओं का उपयोग करते हैं। इसलिए इस स्थान पर वाहनों का संचालन, यात्रियों की आवाजाही और भीड़ का नियमन पूरे यात्रा मार्ग के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
निलक्कल में 6,000 श्रद्धालुओं के लिए आश्रय की व्यवस्था
भीड़ बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए निलक्कल में लगभग 6,000 श्रद्धालुओं को ठहराने की क्षमता वाला आश्रय इस्तेमाल करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंपा में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास की व्यवस्था व्यवस्थित की जाएगी।
यह व्यवस्था विशेष रूप से उन परिस्थितियों में उपयोगी हो सकती है, जब एक समय में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की ओर बढ़ते हैं। निर्धारित स्थानों पर यात्रियों को ठहराने और उनकी आवाजाही को नियंत्रित करने से भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, किसी भी भीड़ प्रबंधन योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि पुलिस, परिवहन विभाग और मंदिर प्रशासन के बीच तालमेल कितना प्रभावी रहता है। श्रद्धालुओं को समय पर जानकारी देना, कतारों का प्रबंधन करना और आपात स्थिति में मदद उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी होगा।
सफाई और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने पंपा में सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान शौचालयों और सफाई व्यवस्था में कमियां सामने आने के बाद अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। पंपा क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और नदी से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं।
तीर्थयात्रा के दौरान कचरे का उचित निपटान, शौचालयों की नियमित सफाई और नदी के आसपास प्रदूषण रोकने के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है। श्रद्धालुओं द्वारा इस्तेमाल किए गए धार्मिक वस्त्रों और अन्य सामग्री का अनुचित निपटान पर्यावरणीय समस्या पैदा कर सकता है। ऐसे में प्रशासन को कचरा संग्रहण, पृथक्करण और सुरक्षित निपटान पर ध्यान देना होगा।
स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाएं केवल यात्रा के दिनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को नियमित निरीक्षण के जरिए यह सुनिश्चित करना होगा कि सुविधाएं लगातार काम करती रहें और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई हो।
पुलिस, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी
सबरीमाला यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में विभागीय समन्वय, भीड़ नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
परिवहन व्यवस्था के तहत केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की लगभग 461 बसों की तैनाती की योजना का भी उल्लेख किया गया है। बस सेवाओं का प्रभावी संचालन श्रद्धालुओं को प्रमुख पड़ावों तक पहुंचाने और भीड़ के दबाव को कम करने में मदद कर सकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी तीर्थयात्रा प्रबंधन का अहम हिस्सा है। लंबी यात्रा, पैदल चढ़ाई, भीड़ और मौसम की परिस्थितियों के कारण कुछ श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए चिकित्सा केंद्रों, आपात सहायता और संबंधित कर्मचारियों की उपलब्धता पर ध्यान देना जरूरी होगा।
मंदिर में प्रसाद की उपलब्धता को लेकर आश्वासन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के अनुष्ठानों और प्रसाद से संबंधित व्यवस्थाएं त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के नियंत्रण में हैं। बोर्ड अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि इस वर्ष अप्पम और अरवना जैसे प्रसाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रसाद की तैयारी, वितरण और उपलब्धता का प्रबंधन पहले से करना जरूरी है। इसके लिए मांग का आकलन, उत्पादन क्षमता और वितरण व्यवस्था में तालमेल बनाए रखना होगा। मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए श्रद्धालुओं को सुविधाजनक सेवा उपलब्ध कराई जाए।
भविष्य में तिरुपति की तर्ज पर सुविधाएं विकसित करने की योजना
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि मौजूदा तीर्थयात्रा सीजन समाप्त होने के बाद सबरीमाला में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दीर्घकालिक कार्य शुरू किए जाएंगे। उन्होंने मंदिर परिसर को तिरुपति की तर्ज पर विकसित करने की योजना का उल्लेख किया। इसका उद्देश्य सबरीमाला को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में बेहतर सुविधाओं वाला केंद्र बनाना है।
इस तरह की योजना में परिवहन, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन और डिजिटल सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसे पहलू शामिल हो सकते हैं। हालांकि, भविष्य की योजनाओं को लागू करने के लिए विस्तृत योजना, बजट, विभागीय जिम्मेदारियों और समयसीमा की जरूरत होगी।
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था पर सरकार का जोर
सबरीमाला की वार्षिक तीर्थयात्रा के मद्देनजर केरल सरकार का ध्यान तत्काल तैयारियों और भविष्य के बुनियादी ढांचे, दोनों पर है। मुख्यमंत्री ने विभागों को समयसीमा के भीतर काम पूरा करने और प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 31 अक्टूबर तक तैयारियां किस हद तक पूरी होती हैं और प्रशासन सफाई, पार्किंग, परिवहन, सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कैसे लागू करता है। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने में सरकारी विभागों और त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के बीच प्रभावी समन्वय निर्णायक साबित होगा।










