भारत के पूर्वी हिस्से में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड (ओडिशा तट) से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैले 2,520 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया गया है। यह नोटम 17 से 20 दिसंबर 2025 के बीच लागू रहेगा।
नई दिल्ली: भारत के पूर्वी हिस्से में 2520 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए नोटम (Notice to Airmen) जारी किया गया है। यह नोटिस/डेंजर जोन एडवाइजरी डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड (ओडिशा तट) से लेकर बंगाल की खाड़ी के एक बड़े हिस्से तक फैले हुए क्षेत्र को कवर करती है। नोटम 17 से 20 दिसंबर के बीच प्रभावी रहेगा और इस दौरान इस क्षेत्र में मिसाइल टेस्ट होने की संभावना है।
2520 किलोमीटर का सुरक्षा कॉरिडोर
इस नोटम के तहत एयरस्पेस के इस बड़े हिस्से को टेम्पररी डेंजर ज़ोन घोषित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम सुरक्षा और एयर ट्रैफिक नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। पूरे क्षेत्र में हवाई जहाजों और ड्रोन संचालन पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस कॉरिडोर में सुपरसोनिक या स्ट्रेटेजिक मिसाइलों का परीक्षण हो सकता है, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत ने इससे पहले 6-8 दिसंबर 2025 के बीच बंगाल की खाड़ी के ऊपर 14,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में भी नो-फ्लाई जोन नोटम जारी किया था। उस समय यह क्षेत्र मिसाइल टेस्टिंग के लिए सुरक्षित बनाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, उस दौरान इंडियन आर्म्ड फोर्स ने पावरफुल सुपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण करने की तैयारी की थी।
इसके अलावा, भारत में राजस्थान के बाड़मेर और जोधपुर इलाके में भी जुलाई 2025 में सैन्य अभ्यास के लिए नोटम जारी किया गया था। इसका उद्देश्य रेगिस्तानी क्षेत्र में रणनीतिक तैयारी को बढ़ाना और किसी भी संभावित घुसपैठ को रोकना था। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर जैसे अनुभवों से मिली सीख का इस्तेमाल किया गया, जिसमें पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइल की कोशिशों को सफलतापूर्वक बेअसर किया गया था।
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NOTAM यानी नोटिस टू एयरमेन क्या है?
NOTAM (Notice to Airmen) एक अधिकारिक अलर्ट होता है, जिसे पायलट, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और अन्य एविएशन कर्मचारियों के साथ शेयर किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य हवाई यात्रा की सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है। नोटम तब जारी किया जाता है जब किसी एयरपोर्ट, एयरस्पेस या एविएशन सुविधा में टेम्पररी बदलाव, खतरा या विशेष स्थिति आती है। यह अलर्ट तेजी से वितरित किया जाता है ताकि फ्लाइट प्लानिंग में शामिल सभी लोग रूट या शेड्यूल को तुरंत बदल सकें।
इस नोटम के जरिए पायलटों को चेतावनी दी जाती है कि इस क्षेत्र में संभावित खतरनाक गतिविधियाँ या मिसाइल परीक्षण होने वाले हैं, जिससे किसी भी अप्रत्याशित हादसे से बचा जा सके। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड से बंगाल की खाड़ी तक यह नोटम भारतीय सशस्त्र बलों की पूर्वी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में मिसाइल परीक्षण करने का उद्देश्य रक्षा तकनीक में उन्नति और सुरक्षा कवच को मजबूत करना है।
वहीं, एयरस्पेस को अस्थायी तौर पर बंद करने से सिविल एविएशन और समुद्री गतिविधियों में समन्वय आवश्यक हो जाता है। भारतीय वायु सेना और रक्षा मंत्रालय इस प्रक्रिया को सुरक्षा, सटीकता और प्रभावी नियंत्रण के लिए मॉनिटर कर रहे हैं।









