सफलता के लिए नेतृत्व और असफलताओं से सीखना जरूरी: डेविड स्कैथ

बेंगलुरु की गार्डन सिटी यूनिवर्सिटी में डेविड स्कैथ ने विद्यार्थियों को नेतृत्व, व्यावहारिक अनुभव और असफलताओं से सीखने का महत्व बताया। GCU और uoy के बीच समझौता।

यॉर्क एंड नॉर्थ यॉर्कशायर के मेयर डेविड स्कैथ ने बेंगलुरु की गार्डन सिटी यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को नेतृत्व, व्यावहारिक अनुभव और असफलताओं से सीखने की सलाह दी। कार्यक्रम में GCU और यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क के बीच समझौता हुआ।

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित गार्डन सिटी यूनिवर्सिटी (GCU) में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में यॉर्क एंड नॉर्थ यॉर्कशायर के मेयर डेविड स्कैथ ने विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और असफलताओं से सीखने का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि करियर में आगे बढ़ने और चुनौतियों का सामना करने के लिए केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव, पेशेवर संपर्कों का निर्माण और गलतियों से सीखने की क्षमता भी सफलता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

विश्वविद्यालय के नॉलेज पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम का हिस्सा IGNITE Expert Talk Series थी। संवाद के दौरान स्कैथ ने अपनी नेतृत्व यात्रा और यॉर्क एंड नॉर्थ यॉर्कशायर के पहले मेयर के रूप में सामने आई चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने करियर की शुरुआत से ही सीखने के अवसर तलाशने, काम के अनुभव को महत्व देने और कठिन परिस्थितियों को विकास के अवसर के रूप में देखने की सलाह दी।

नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर

डेविड स्कैथ ने अपने संबोधन में नेतृत्व को सफलता का एक महत्वपूर्ण आधार बताया। उनके अनुसार, किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए व्यक्ति को चुनौतियों का सामना करने, परिस्थितियों से सीखने और अपने अनुभवों का उपयोग बेहतर निर्णय लेने में करना चाहिए।

नेतृत्व केवल किसी पद पर रहने तक सीमित नहीं है। इसमें जिम्मेदारी निभाना, समस्याओं को समझना, लोगों के साथ मिलकर काम करना और कठिन परिस्थितियों में समाधान तलाशना भी शामिल है। विद्यार्थियों के लिए इन क्षमताओं का विकास खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें पेशेवर जीवन में विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

स्कैथ ने अपनी नेतृत्व यात्रा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि नई जिम्मेदारियों के साथ कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं। ऐसे अनुभवों से सीखना व्यक्ति को अधिक व्यावहारिक और जिम्मेदार दृष्टिकोण विकसित करने में मदद कर सकता है।

असफलताओं को सीखने का अवसर मानें

कार्यक्रम में असफलताओं से सीखने की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। स्कैथ ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे असफलताओं को अपनी प्रगति में स्थायी बाधा मानने के बजाय उनसे सीखने का अवसर समझें।

किसी कार्य में अपेक्षित परिणाम न मिलने पर उसके कारणों को समझना, अपनी रणनीति की समीक्षा करना और आगे के लिए बेहतर तैयारी करना उपयोगी हो सकता है। यह प्रक्रिया व्यक्ति को अपनी कमजोरियों की पहचान करने और निर्णय लेने की क्षमता सुधारने में मदद करती है।

विद्यार्थियों के लिए यह दृष्टिकोण शिक्षा और करियर दोनों में उपयोगी हो सकता है। पढ़ाई, प्रशिक्षण, नौकरी या किसी नई परियोजना के दौरान आने वाली चुनौतियां व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर देती हैं। जरूरी यह है कि व्यक्ति अनुभवों से सीखने के लिए तैयार रहे और सुधार की दिशा में लगातार प्रयास करे।

व्यावहारिक अनुभव से मिलेगा करियर में लाभ

डेविड स्कैथ ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कार्य अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक कार्यस्थल पर मिलने वाले अनुभव से पेशेवर जिम्मेदारियों, टीम के साथ काम करने और समस्याओं का समाधान खोजने की समझ विकसित होती है।

कक्षा में प्राप्त ज्ञान किसी विषय की बुनियादी जानकारी देता है, लेकिन उसे वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने के लिए अभ्यास की जरूरत होती है। इंटर्नशिप, प्रशिक्षण, परियोजनाओं और अन्य व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थी अपने ज्ञान को इस्तेमाल करना सीख सकते हैं।

व्यावहारिक अनुभव से विद्यार्थियों को यह समझने में भी मदद मिलती है कि उनकी रुचि और कौशल किस क्षेत्र के लिए उपयुक्त हैं। इससे भविष्य में करियर से जुड़े फैसले लेने और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार होने में सहायता मिल सकती है।

स्कैथ की सलाह का मुख्य संदेश यही था कि विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक योग्यता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें अनुभव हासिल करने, नई जिम्मेदारियां लेने और अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए।

पेशेवर नेटवर्किंग का महत्व

कार्यक्रम में मजबूत पेशेवर नेटवर्क बनाने की जरूरत भी रेखांकित की गई। करियर में आगे बढ़ने के लिए अपने क्षेत्र के लोगों से संवाद करना, अनुभव साझा करना और नए अवसरों के बारे में जानकारी हासिल करना उपयोगी हो सकता है।

पेशेवर संपर्क विद्यार्थियों को उद्योग की अपेक्षाओं को समझने, विशेषज्ञों से सीखने और भविष्य के अवसरों की पहचान करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, नेटवर्किंग का उद्देश्य केवल अवसर प्राप्त करना नहीं है। इसके माध्यम से विचारों का आदान-प्रदान, सहयोग और अलग-अलग अनुभवों से सीखने का अवसर भी मिलता है।

विश्वविद्यालयों में आयोजित विशेषज्ञ संवाद कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे आयोजनों में विद्यार्थियों को अनुभवी लोगों के विचार सुनने और अपने सवालों के जवाब प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग से बढ़ेंगे अवसर

डेविड स्कैथ ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि छात्र विनिमय कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालय ज्ञान, तकनीकी विशेषज्ञता और नए विचारों को साझा कर सकते हैं।

विदेशी विश्वविद्यालयों में अध्ययन या शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने से विद्यार्थियों को अलग-अलग शैक्षणिक वातावरण और कार्यशैलियों को समझने का अवसर मिलता है। इससे उनका दृष्टिकोण व्यापक हो सकता है और वे अपने विषय को नए नजरिए से देख सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग का लाभ केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहता। विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी से शिक्षकों, शोधकर्ताओं और संस्थानों को भी ज्ञान साझा करने तथा संयुक्त गतिविधियों की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिलता है।

आज शिक्षा और तकनीक से जुड़े कई क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित हो रहे हैं। ऐसे में विभिन्न देशों के शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग विद्यार्थियों को व्यापक अनुभव प्रदान कर सकता है।

GCU में नए संस्थानों का उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान डेविड स्कैथ और यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क के प्रतिनिधिमंडल ने गार्डन सिटी यूनिवर्सिटी के नॉलेज पार्क में GCU Oval का उद्घाटन किया। यह विश्वविद्यालय का क्रिकेट स्टेडियम है।

इसके साथ ही GCU Bio Resource Centre का भी उद्घाटन किया गया। यह केंद्र यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क के सहयोग से स्थापित किया गया है। इन पहलों को दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और संस्थागत सहयोग के संदर्भ में देखा जा रहा है।

कार्यक्रम में GCU के चांसलर डॉ. जोसेफ वी.जी., कुलपति डॉ. एम. रामचंद्र गौड़ा और रणनीति एवं योजना निदेशक डॉ. क्रिस्टो जोसेफ भी उपस्थित रहे।

नए केंद्रों और सुविधाओं का उद्देश्य विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को आगे बढ़ाने और सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करने से जुड़ा है। क्रिकेट स्टेडियम खेल गतिविधियों के लिए स्थान उपलब्ध कराता है, जबकि बायो रिसोर्स सेंटर के जरिए संबंधित शैक्षणिक और सहयोगात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने की संभावना है।

क्रिकेट अकादमी और यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क के बीच समझौता

कार्यक्रम के समापन पर GCU Cricket Academy और University of York के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना और भविष्य में शैक्षणिक गतिविधियों, खेल तथा ज्ञान के आदान-प्रदान से जुड़े अवसरों की तलाश करना है।

इस समझौते से दोनों संस्थानों को आपसी सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर काम करने का आधार मिलेगा। हालांकि, सहयोग की विशिष्ट गतिविधियां और उनका क्रियान्वयन आगे की योजनाओं तथा संबंधित संस्थानों के निर्णयों पर निर्भर करेगा।

यह पहल विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी को व्यापक बनाने की दिशा में एक कदम है। शैक्षणिक सहयोग के साथ खेल और ज्ञान साझा करने पर जोर देने से विद्यार्थियों को अलग-अलग क्षेत्रों में अनुभव प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं।

विद्यार्थियों के लिए प्रमुख संदेश

गार्डन सिटी यूनिवर्सिटी में आयोजित इस संवाद का केंद्र नेतृत्व, व्यावहारिक अनुभव, असफलताओं से सीखना और पेशेवर संबंध विकसित करना रहा। डेविड स्कैथ ने विद्यार्थियों को अपने करियर के लिए सक्रिय रूप से तैयारी करने और नई परिस्थितियों से सीखने की सलाह दी।

कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग पर हुई चर्चा और GCU तथा University of York से जुड़ी पहलों ने संस्थागत साझेदारी की भूमिका को भी रेखांकित किया। नए केंद्रों के उद्घाटन और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के जरिए दोनों संस्थानों के बीच भविष्य में सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।

कुल मिलाकर, कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि सफलता के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ नेतृत्व क्षमता, वास्तविक अनुभव, निरंतर सीखने की आदत और पेशेवर संपर्क भी महत्वपूर्ण हैं। असफलताओं से सीखना और नए अवसरों के प्रति खुले रहना करियर विकास में सहायक हो सकता है।

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