दिल्ली के बाहरी रिंग रोड पर स्थित मधुबन चौक और आशियाना चौक को अगले सप्ताह सिग्नल फ्री करने की तैयारी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को लंबे इंतजार और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
Delhi: राजधानी दिल्ली में यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बाहरी रिंग रोड के दो व्यस्त चौराहों मधुबन चौक और आशियाना चौक को सिग्नल फ्री बनाने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस बदलाव का उद्देश्य ट्रैफिक जाम कम करना और वाहनों की आवाजाही को अधिक तेज और व्यवस्थित बनाना है।
अगले सप्ताह बदल जाएगी ट्रैफिक व्यवस्था
दिल्ली के बाहरी रिंग रोड पर स्थित मधुबन चौक और आशियाना चौक जल्द ही सिग्नल फ्री यातायात व्यवस्था का हिस्सा बनने जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार दोनों चौराहों पर आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और अगले सप्ताह नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। इसके बाद वाहन चालकों को ट्रैफिक सिग्नल पर लंबे समय तक रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

मधुबन चौक राजधानी के सबसे व्यस्त यातायात केंद्रों में गिना जाता है, जहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। यहां कई बार वाहन चालकों को सिग्नल पर दो मिनट से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है।
यू-टर्न आधारित होगा नया ट्रैफिक मॉडल
सिग्नल हटाने के बाद यातायात संचालन के लिए यू-टर्न आधारित प्रणाली अपनाई जाएगी। इसके तहत विभिन्न दिशाओं में जाने वाले वाहनों को निर्धारित स्थानों पर बनाए गए यू-टर्न का उपयोग करना होगा। अधिकारियों के अनुसार मधुबन चौक के आसपास कई यू-टर्न पहले ही तैयार किए जा चुके हैं, जबकि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
नई व्यवस्था के तहत वाहन सीधे चलते रहेंगे और जरूरत पड़ने पर आगे जाकर यू-टर्न लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकेंगे। ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल से सिग्नल पर रुकने का समय कम होगा और यातायात का प्रवाह लगातार बना रहेगा।
एनएसपी-रिठाला कॉरिडोर को पूरी तरह सिग्नल फ्री बनाने की योजना
मधुबन और आशियाना चौक को सिग्नल फ्री करना एक बड़े ट्रैफिक सुधार अभियान का हिस्सा है। इस परियोजना का लक्ष्य नेताजी सुभाष प्लेस (NSP) से रिठाला मेट्रो स्टेशन तक के पूरे मार्ग को सिग्नल फ्री बनाना है। लगभग छह किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर अधिकांश ट्रैफिक सिग्नलों को पहले ही हटाया जा चुका है और उनकी जगह यू-टर्न आधारित व्यवस्था लागू की गई है।
पिछले कुछ वर्षों में इस मार्ग के कई प्रमुख चौराहों पर सिग्नल फ्री व्यवस्था लागू की गई, जिसके बाद यातायात की गति में सुधार दर्ज किया गया। अब मधुबन और आशियाना चौक को भी इस नेटवर्क में शामिल किया जा रहा है।
वाहन चालकों को मिलेगा सीधा लाभ
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा रोजाना इस मार्ग का उपयोग करने वाले वाहन चालकों को मिलेगा। सिग्नल पर लंबे इंतजार की समस्या कम होने से यात्रा का समय घट सकता है। साथ ही लगातार रुकने और चलने की स्थिति कम होने से ईंधन की बचत और प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारी ट्रैफिक वाले क्षेत्रों में यदि यातायात का प्रवाह लगातार बना रहे तो जाम की स्थिति स्वतः कम हो जाती है। यही वजह है कि कई बड़े शहरों में सिग्नल फ्री कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं।
सड़क किनारे पार्किंग बनी चुनौती
हालांकि नई व्यवस्था के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क किनारे खड़े वाहन और अवैध पार्किंग कई स्थानों पर यातायात को प्रभावित करते हैं। विशेष रूप से यू-टर्न के आसपास खड़े वाहन ट्रैफिक की रफ्तार को धीमा कर सकते हैं।
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि सिग्नल फ्री व्यवस्था की सफलता के लिए सड़क किनारे पार्किंग पर नियंत्रण और नियमित निगरानी जरूरी होगी। यदि इन समस्याओं का समाधान किया जाता है तो नई व्यवस्था का पूरा लाभ लोगों तक पहुंच सकेगा।
जाम मुक्त दिल्ली की दिशा में एक और कदम
दिल्ली में बढ़ते वाहन दबाव को देखते हुए यातायात प्रबंधन को आधुनिक बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। मधुबन चौक और आशियाना चौक को सिग्नल फ्री बनाने की पहल भी इसी प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस पूरे कॉरिडोर पर ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर होगा और हजारों दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी।












