दिल्ली में गर्मी बढ़ने से बिजली मांग 7500 मेगावाट पार, कटौती का खतरा बढ़ा

दिल्ली में बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की मांग 7500 मेगावाट पार पहुंची। तापमान बढ़ने से खपत बढ़ी, आने वाले दिनों में मांग 8000 MW तक जा सकती है।

दिल्ली में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के साथ बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। मांग 7500 मेगावाट से अधिक हो गई है और आने वाले दिनों में इसके 8000 मेगावाट पार जाने की संभावना जताई जा रही है।

 नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बढ़ती गर्मी का असर बिजली खपत पर साफ दिखाई देने लगा है। तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के बाद एसी और कूलर के इस्तेमाल में तेजी आई है, जिसके चलते बिजली की मांग 7500 मेगावाट से अधिक दर्ज की गई है। ऊर्जा कंपनियां बढ़ते लोड के बीच निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रही हैं।

बढ़ती गर्मी के साथ तेजी से बढ़ी बिजली खपत

दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है। राजधानी के अधिकांश इलाकों में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। मौसम में बढ़ती गर्मी के कारण लोगों की निर्भरता एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों पर बढ़ गई है, जिससे बिजली की खपत में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

पिछले सप्ताह तक राजधानी में बिजली की अधिकतम मांग छह हजार से साढ़े छह हजार मेगावाट के बीच बनी हुई थी। हालांकि, तापमान में बढ़ोतरी के साथ यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा और अब 7500 मेगावाट से ऊपर पहुंच गया है। बिजली क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह गर्म मौसम बना रहा तो मांग 8000 मेगावाट का स्तर भी पार कर सकती है।

बिजली कंपनियों के सामने बढ़ी चुनौती

बढ़ती मांग ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की चिंता बढ़ा दी है। गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने से नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में डिस्कॉम के लिए हर क्षेत्र में बिना रुकावट बिजली उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के दौरान सबसे अधिक लोड शाम और रात के समय देखने को मिलता है, जब बड़ी संख्या में लोग एक साथ कूलिंग उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की गई है ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

घनी आबादी वाले इलाकों में बढ़ सकती है परेशानी

हालांकि बिजली कंपनियों का दावा है कि पर्याप्त बिजली उपलब्ध है, लेकिन अधिक लोड की स्थिति में कुछ क्षेत्रों में तकनीकी समस्याएं सामने आ सकती हैं। विशेष रूप से घनी आबादी वाले इलाकों में ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों पर दबाव बढ़ने से ट्रिपिंग की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

अधिकारियों के अनुसार, लोड बढ़ने पर कुछ स्थानों पर अस्थायी बिजली कटौती या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति बन सकती है। हालांकि, ऐसी समस्या होने पर मरम्मत और आपूर्ति बहाल करने के लिए टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है मांग

मौसम विभाग की ओर से फिलहाल तापमान में किसी बड़ी गिरावट के संकेत नहीं हैं। ऐसे में राजधानी में बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जून के दूसरे और तीसरे सप्ताह में गर्मी और बढ़ी तो बिजली खपत नए रिकॉर्ड बना सकती है।

बिजली वितरण कंपनियां फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। साथ ही उपभोक्ताओं से भी अपील की जा रही है कि बिजली का उपयोग जरूरत के अनुसार करें और अनावश्यक उपकरणों को बंद रखें, ताकि नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव कम किया जा सके।]

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