देवघर में प्रेम मंदिर की थीम पर बनेगा दुर्गा पूजा पंडाल, 1.5 करोड़ रुपये होंगे खर्च

देवघर के ऊपर बिलासी में दुर्गा पूजा पंडाल प्रेम मंदिर की थीम पर बनेगा। 1.5 करोड़ रुपये के बजट वाले आयोजन में बंगाल के कारीगर और चंदननगर की लाइटिंग खास होगी।

झारखंड के देवघर में ऊपर बिलासी दुर्गा पूजा समिति 54वां उत्सव मना रही है। इस बार पंडाल को प्रेम मंदिर की थीम पर तैयार किया जा रहा है। निर्माण में बंगाल के कारीगर और चंदननगर की खास लाइटिंग आकर्षण बढ़ाएगी।

झारखंड: ऊपर बिलासी दुर्गा पूजा समिति इस साल दुर्गा पूजा का 54वां उत्सव मनाने जा रही है। यहां 1972 से तांत्रिक विधि-विधान के अनुसार मां दुर्गा की पूजा की परंपरा चली आ रही है। इस बार श्रद्धालुओं के लिए प्रेम मंदिर की थीम पर भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। आयोजन पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि पंडाल की सजावट के लिए बंगाल के कारीगरों और चंदननगर की रोशनी का सहारा लिया जाएगा।

प्रेम मंदिर की थीम पर तैयार होगा भव्य पंडाल

देवघर के ऊपर बिलासी इलाके में दुर्गा पूजा की तैयारियां चल रही हैं। ऊपर बिलासी दुर्गा पूजा समिति इस बार अपने 54वें आयोजन को खास बनाने के लिए प्रेम मंदिर की थीम पर पंडाल तैयार करवा रही है। इस सजावट के जरिए श्रद्धालुओं को अलग तरह का धार्मिक और कलात्मक अनुभव देने की योजना है।

पंडाल के निर्माण और सजावट में करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है। आयोजन की भव्यता को देखते हुए निर्माण से जुड़े कामों में विशेष डिजाइन और सजावटी तत्वों पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पंडाल के आकार, निर्माण की विस्तृत समयसीमा और उद्घाटन की तारीख का उल्लेख नहीं है।

बंगाल के कारीगर करेंगे निर्माण, चंदननगर की लाइटिंग होगी खास

पंडाल को आकर्षक रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल के कारीगरों की मदद ली जा रही है। पंडाल की थीम के अनुरूप सजावट और संरचना तैयार करने में उनकी भूमिका रहेगी। इसके साथ ही चंदननगर की प्रसिद्ध लाइटिंग व्यवस्था को भी आयोजन का हिस्सा बनाया जाएगा।

रंग-बिरंगी रोशनी और पंडाल की कलात्मक सजावट श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण बन सकती है। दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों की थीम और रोशनी उत्सव के अनुभव को खास बनाती हैं। इसी वजह से समिति इस बार निर्माण और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रही है।

1972 से तांत्रिक विधि-विधान से हो रही पूजा

ऊपर बिलासी दुर्गा पूजा समिति के आयोजन का इतिहास 1972 से जुड़ा है। यहां मां दुर्गा की पूजा तांत्रिक विधि-विधान के अनुसार की जाती है। इस परंपरा के चलते पूजा समिति का आयोजन स्थानीय धार्मिक गतिविधियों में अपनी अलग पहचान रखता है।

54वें उत्सव के अवसर पर समिति धार्मिक परंपरा को जारी रखते हुए पंडाल की थीम और सजावट में नया आकर्षण जोड़ रही है। प्रेम मंदिर की थीम, बंगाल के कारीगरों की कलाकारी और चंदननगर की रोशनी इस आयोजन को खास बनाने की तैयारी का हिस्सा हैं।

करीब डेढ़ करोड़ रुपये के बजट वाला यह पंडाल देवघर में दुर्गा पूजा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है। हालांकि, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन से जुड़ी अन्य तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध समाचार अंश में नहीं दी गई है।

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