मुंबई की लोकल ट्रेन में हुए हमले में देवरिया निवासी 32 वर्षीय मोहम्मद वसीम खान की मौत हो गई। ड्यूटी से लौटते समय हुए विवाद के बाद उन पर हमला किया गया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
Deoria: मुंबई की लोकल ट्रेन में हुए एक हिंसक हमले में देवरिया के रहने वाले युवक की मौत हो गई। घटना की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक मुंबई में नौकरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे और घटना के समय ड्यूटी से लौट रहे थे।
लोकल ट्रेन में हुए हमले ने छीनी युवक की जान
देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र के सीतापट्टी गांव के निवासी 32 वर्षीय मोहम्मद वसीम खान की मुंबई में एक दर्दनाक घटना में मौत हो गई। वसीम मुंबई के कुर्ला क्षेत्र में रहकर एक निजी कंपनी में कार्यरत थे और अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात ड्यूटी समाप्त करने के बाद वह लोकल ट्रेन से अपने आवास लौट रहे थे। इसी दौरान ट्रेन में कुछ युवकों के साथ उनका विवाद हो गया, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया।
विवाद के बाद हुआ जानलेवा हमला
परिजनों को मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन के भीतर किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और कुछ युवकों ने वसीम पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने लोहे की रॉड से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों और रेलवे अधिकारियों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताई और इलाज शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपित युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ और हमला किन परिस्थितियों में हुआ।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
वसीम खान की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव सीतापट्टी पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वसीम अपने परिवार के सबसे बड़े बेटे थे और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर थी। उनके पिता का करीब दस वर्ष पहले निधन हो चुका था। परिवार में उनकी मां, पत्नी और डेढ़ वर्षीय बेटी हैं। वसीम की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मासूम बेटी के सिर से उठा पिता का साया
मोहम्मद वसीम खान अपने पीछे पत्नी शकीला खातून और डेढ़ साल की बेटी इनाया को छोड़ गए हैं। परिवार और गांव के लोगों का कहना है कि वसीम मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति थे, जो बेहतर भविष्य के लिए मुंबई में नौकरी कर रहे थे। उनकी मौत से सबसे बड़ा झटका उनकी छोटी बेटी को लगा है, जिसने इतनी कम उम्र में अपने पिता को खो दिया। गांव में हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।
गांव में शोक का माहौल
वसीम तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं। गांव में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग परिवार के घर पहुंचकर संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वसीम का स्वभाव मिलनसार था और उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। अब परिवार को पुलिस जांच पूरी होने और न्याय मिलने का इंतजार है।










