देवेगौड़ा का पीएम मोदी से खास आग्रह: बोले- 'भगवान ही राज्य को बचा सकते हैं'

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कर्नाटक को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी से विशेष आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि अब भगवान ही राज्य को बचा सकते हैं। बयान के बाद

पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच. डी. देवेगौड़ा ने सोमवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास अपील की। देवेगौड़ा ने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस सरकार कर्नाटक का शासन चला रही है, ऐसे में राज्य को भगवान ही बचा सकते हैं।

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) के वरिष्ठ नेता एचडी देवेगौड़ा ने सोमवार को राज्यसभा में कर्नाटक की वर्तमान परिस्थितियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष अपील की। देवेगौड़ा ने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस सरकार कर्नाटक का शासन चला रही है, ऐसे में राज्य को भगवान ही बचा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य में उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।

सत्ता के भूखे नेता नहीं हैं देवेगौड़ा

राज्यसभा में विनियोग विधेयक (संख्या 2) पर चर्चा के दौरान देवेगौड़ा ने कहा कि वह सत्ता के पीछे नहीं भाग रहे हैं। उन्होंने कुछ लोगों द्वारा अपनी पार्टी के विलय की मांग को खारिज कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने सदन के अन्य नेताओं से अनुरोध किया कि एलपीजी गैस की कमी जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत हमला न किया जाए। उनका कहना था कि पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जटिलताओं के समाधान के लिए प्रधानमंत्री मोदी के पास पर्याप्त अनुभव और नेतृत्व क्षमता है।

पीएम मोदी को परिपक्व और सक्षम नेता बताया

देवेगौड़ा ने कहा, 

'प्रधानमंत्री मोदी बहुत ही परिपक्व नेता हैं। वह जानते हैं कि राज्यों और केंद्र सरकार के बीच संतुलन कैसे बनाना है। मैं उन सभी मित्रों से अपील करता हूं जो सरकार पर आरोप लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस प्रक्रिया में संयम बरतें।'

उनका यह बयान राजनीतिक परिपक्वता और केंद्रीय नेतृत्व के महत्व पर बल देता है, साथ ही यह संकेत भी देता है कि देवेगौड़ा प्रधानमंत्री के निर्णयों में विश्वास रखते हैं।

कर्नाटक के उद्योगों को बचाने की मांग

पूर्व प्रधानमंत्री ने कर्नाटक में उद्योगों के हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मेरे बेटे कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य के सात जिलों में औद्योगिक क्लस्टर बनाए। मैंने प्रधानमंत्री रहते हुए इस्पात कारखानों को बचाने के लिए 650 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। अब वहां केवल एक छोटी इकाई बची है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में उद्योग और रोजगार की गिरती स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। देवेगौड़ा ने कहा, "मैं सदन के नेता से, संसदीय कार्य मंत्री से और प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि कर्नाटक के लिए तत्काल कार्रवाई करें। राज्य की वर्तमान स्थिति और हालात बेहद खराब हैं। 

उन्होंने सरकार पर सीधे आरोप लगाने से बचते हुए राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कुमारस्वामी की सरकार शपथ लेने के 14 महीनों के भीतर गिर गई थी और इसके पीछे जिम्मेदारों की पहचान भी जरूरी है।

भगवान ही बचा सकते हैं – देवेगौड़ा

अपने गृह राज्य के हालात का जिक्र करते हुए देवेगौड़ा ने कहा, कर्नाटक में जो हालात हैं, ऐसे में भगवान ही राज्य को बचा सकते हैं। हमारे महान नेता मोदी साहब के नेतृत्व में देश और राज्य को इस संकट से उबारना संभव है। देवेगौड़ा ने सभी वर्गों का आभार व्यक्त किया, जिनमें तृणमूल कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं, और उन्होंने राजनीतिक सहयोग और सम्मान का उल्लेख किया।

इस बयान से स्पष्ट है कि कर्नाटक की राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियाँ न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण बन गई हैं। देवेगौड़ा का यह आग्रह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तत्काल नीति और औद्योगिक पुनर्जीवन की दिशा में कदम उठाने के लिए एक संदेश है।

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