महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के ‘रिजीम चेंज’ संबंधी बयान पर निशाना साधा। उन्होंने शिवसेना में हुई टूट का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में सरकार का फैसला विरोध प्रदर्शनों से नहीं, बल्कि चुनावों से होता है।
महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर राजनीतिक हमला बोला है। फडणवीस ने कहा कि ठाकरे अपनी ही पार्टी में हुए सत्ता परिवर्तन को नहीं रोक पाए, ऐसे में उनकी ‘रिजीम चेंज’ संबंधी मांग पर सवाल उठते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में सरकारें संविधान और लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया के जरिए तय होती हैं, न कि सड़कों पर होने वाले प्रदर्शनों से।
उद्धव ठाकरे पर फडणवीस का राजनीतिक तंज
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन से जुड़े बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना में हुई टूट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ठाकरे अपनी ही पार्टी में सत्ता परिवर्तन नहीं रोक पाए और अब दूसरे स्तर पर बदलाव की बात कर रहे हैं।
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फडणवीस ने आरोप लगाया कि शिवसेना ने जब हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से दूरी बनाई, तब पार्टी में असंतोष बढ़ा। उनके मुताबिक, इसी घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर विभाजन हुआ और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में अलग गुट सामने आया।
मुख्यमंत्री का यह बयान जून 2022 में अविभाजित शिवसेना में हुई टूट के संदर्भ में आया। उस घटनाक्रम के बाद पार्टी दो प्रमुख गुटों में बंट गई। एक गुट का नेतृत्व उद्धव ठाकरे कर रहे हैं, जबकि दूसरे गुट की अगुवाई एकनाथ शिंदे करते हैं। फडणवीस ने इसी विभाजन को उद्धव ठाकरे के खिलाफ अपने तर्क का आधार बनाया।
सरकार बनाने का रास्ता चुनाव, सड़क पर प्रदर्शन नहीं: फडणवीस
फडणवीस ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का फैसला लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए होता है। उनके अनुसार, सरकार और देश से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले संविधान के दायरे में संसद तथा निर्धारित संस्थागत प्रक्रियाओं के माध्यम से लिए जाते हैं।
उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के जरिए सरकार बदलने की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को सत्ता हासिल करने के लिए जनता का समर्थन प्राप्त करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने संविधान के अनुरूप राजनीतिक प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया।
उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब देश में ‘रिजीम चेंज’ की मांग और विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी चल रही है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं।
2029 के चुनाव को लेकर भी जताया भरोसा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 2029 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए भरोसा जताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार फिर सत्ता में आएगी। उन्होंने विपक्ष को चुनावी मुकाबले के लिए जनता का समर्थन हासिल करने की चुनौती दी।
फडणवीस के बयान से स्पष्ट है कि ‘रिजीम चेंज’ को लेकर राजनीतिक बहस अब महाराष्ट्र की राजनीति और राष्ट्रीय चुनावी चर्चा से भी जुड़ रही है। जहां मुख्यमंत्री ने चुनाव को सत्ता परिवर्तन का संवैधानिक रास्ता बताया, वहीं उद्धव ठाकरे और विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों पर राजनीतिक विवाद जारी है।









