बॉलीवुड में इन दिनों सीक्वल और फ्रेंचाइजी फिल्मों का दौर जारी है और अजय देवगन भी इस ट्रेंड के सबसे बड़े चेहरों में शामिल हैं। 'गोलमाल', 'सिंघम', 'दृश्यम', 'दे दे प्यार दे' और 'रेड' जैसी सफल फ्रेंचाइजी के बाद अब वह 'धमाल 4' के साथ बड़े पर्दे पर लौटे हैं।
- मूवी रिव्यू: धमाल 4
- ऐक्टर: अजय देवगन,अरशद वारसी,रितेश देशमुख,जावेद जाफरी,रवि किशन,संजीदा शेख,अंजली आनंद,ईशा गुप्ता,संजय मिश्रा,उपेंद्र लिमये
- श्रेणी: Hindi, Comedy
- डायरेक्टर: इंद्र कुमार
- रेटिंग: 2.5/5
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड की लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘धमाल’ एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट आई है। अजय देवगन स्टारर ‘धमाल 4’ 10 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म में एक बार फिर बड़े स्टार कास्ट, तेज-तर्रार कॉमेडी और अजीबोगरीब परिस्थितियों का वही फॉर्मूला देखने को मिलता है, जिसने इस फ्रेंचाइजी को पहचान दिलाई थी।
हालांकि, इस बार फिल्म की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि दर्शकों को हंसाने के लिए इस्तेमाल किए गए कई पुराने तरीके अब उतने प्रभावी नहीं लगते। फिल्म कुछ जगहों पर मनोरंजन करती है, लेकिन कई हिस्सों में इसकी कॉमेडी पुरानी और दोहराव वाली महसूस होती है।
‘धमाल 4’ की कहानी: खजाने की तलाश में शुरू होती है पागलपंती
फिल्म की कहानी पिछली फिल्मों की तरह ही लालच, पैसे और खजाने की खोज के इर्द-गिर्द घूमती है। इस बार भी अलग-अलग किरदार एक छिपे हुए खजाने तक पहुंचने की कोशिश करते हैं और इस सफर में उन्हें कई खतरनाक और हास्यास्पद परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कहानी में तीन अलग-अलग समूह हैं, जिनमें कुल आठ प्रमुख किरदार शामिल हैं। पहला समूह गुड्डू (अजय देवगन), उसके दोस्त जॉनी (संजय मिश्रा) और आलिया (ईशा गुप्ता) का है। गुड्डू आलिया से शादी करना चाहता है और इसी सफर में खजाने की तलाश का हिस्सा बन जाता है।
दूसरे समूह में आदित्य (अरशद वारसी), मानव (जावेद जाफरी) और आदित्य की पत्नी (संजीदा शेख) शामिल हैं। यह तिकड़ी फिल्म के कई मजेदार हिस्सों की जिम्मेदारी संभालती है। तीसरे समूह में लल्लन (रितेश देशमुख) है, जो अपनी किस्मत बदलने और अमीर बनने की कोशिश में खजाने की खोज में निकल पड़ता है।
इसके साथ पारो (अंजली आनंद) का किरदार भी कहानी में शामिल है। इन सभी किरदारों के अलावा समुद्री लुटेरे अधूरा के रूप में रवि किशन भी नजर आते हैं, जो अपनी अलग ही शैली में कहानी में कॉमेडी का तड़का लगाते हैं।
निर्देशन और कॉमेडी: पुराना फॉर्मूला, सीमित असर
फिल्म का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है, जो इससे पहले भी कई सफल कॉमेडी फिल्मों का हिस्सा रहे हैं। ‘धमाल 4’ में उन्होंने वही पुराना अंदाज अपनाया है, जिसमें गलतफहमियां, भागदौड़ और एक के बाद एक हास्यास्पद घटनाएं दिखाई जाती हैं। लेकिन समस्या यह है कि फिल्म की कई कॉमेडी स्थितियां आज के दर्शकों के लिए उतनी नई नहीं लगतीं।
कई चुटकुले और मजाक पुराने अंदाज के हैं, जिनका असर सीमित रह जाता है। कुछ जगहों पर फिल्म की कॉमेडी ऑफ एरर्स दर्शकों को हंसाने में सफल होती है, लेकिन कई दृश्यों में कहानी जरूरत से ज्यादा खींची हुई महसूस होती है।

एक्टिंग: अरशद-जावेद की जोड़ी ने संभाला मोर्चा
अभिनय की बात करें तो फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी इसकी मल्टी-स्टार कास्ट है। अरशद वारसी, जावेद जाफरी और संजीदा शेख की तिकड़ी कई मौकों पर फिल्म को मजेदार बनाती है। उनके बीच की टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को आकर्षित करती है। संजय मिश्रा का अंदाज भी फिल्म में मनोरंजन जोड़ता है।
अजय देवगन ने अपने किरदार को सहज तरीके से निभाया है, जबकि रितेश देशमुख का कॉमिक अंदाज कुछ जगहों पर प्रभावी है, हालांकि उनका किरदार थोड़ा ज्यादा लाउड नजर आता है। बाकी कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय करने की कोशिश की है।
VFX और तकनीकी पक्ष
फिल्म का तकनीकी पक्ष मिला-जुला नजर आता है। बड़े स्तर पर बनाई गई इस फिल्म में कई जगहों पर VFX उम्मीद के मुताबिक प्रभावशाली नहीं दिखता। खजाने की खोज, एक्शन और रोमांचक दृश्यों में तकनीकी गुणवत्ता को और बेहतर किया जा सकता था। हालांकि, फिल्म का तेज रफ्तार वाला स्क्रीनप्ले और कलाकारों की कॉमिक टाइमिंग कई कमजोरियों को छिपाने की कोशिश करती है।
क्या ‘धमाल 4’ देखने लायक है?
‘धमाल 4’ उन दर्शकों के लिए बनाई गई फिल्म है जो हल्की-फुल्की कॉमेडी और बिना ज्यादा सोच-विचार के मनोरंजन पसंद करते हैं। अगर आप इस फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों के प्रशंसक हैं और पुराने अंदाज की कॉमेडी का आनंद लेना चाहते हैं, तो फिल्म आपको पसंद आ सकती है। लेकिन जो दर्शक नई तरह की कॉमेडी, मजबूत कहानी और ताजा हास्य की उम्मीद लेकर जाएंगे, उन्हें फिल्म कुछ जगहों पर निराश कर सकती है।
‘धमाल 4’ एक स्टार-स्टडेड कॉमेडी फिल्म है, जिसमें हंसी के कई मौके हैं, लेकिन यह फ्रेंचाइजी के पुराने जादू को पूरी तरह दोहरा नहीं पाती। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके कलाकार हैं, जबकि कमजोर कहानी और पुराने चुटकुले इसकी कमी बन जाते हैं। अगर आप बिना ज्यादा दिमाग लगाए हल्की-फुल्की कॉमेडी फिल्म देखना चाहते हैं, तभी ‘धमाल 4’ आपके लिए सही विकल्प हो सकती है।











