दिल्ली AI समिट में यूथ कांग्रेस का शर्टलेस प्रदर्शन, इंटरनेट पर भड़के नेटिजेंस, जानिए पूरा मामला

दिल्ली AI समिट में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन ने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर विवादित प्रभाव।

दिल्ली में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे समिट में व्यवधान पैदा हुआ। प्रदर्शन ने सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चा में हलचल मचा दी।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में शुक्रवार को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शर्टलेस प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। विरोध प्रदर्शन में युवा कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपने विरोध का असामान्य तरीका अपनाया। प्रदर्शन का उद्देश्य अमेरिका के साथ हुए हालिया व्यापार समझौते और उससे जुड़े मुद्दों पर असहमति जताना था, लेकिन यह सीधे समिट हॉल में व्यवधान का कारण बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता नारे लगाने लगे और खड़े होकर कार्यक्रम में मौजूद प्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान लगभग 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अब यह जांच रही है कि प्रदर्शन के समय सभी के पास वैध प्रवेश पास था या नहीं।

इंटरनेट पर कांग्रेस की आलोचना

यूथ कांग्रेस के इस कृत्य के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। इंटरनेट यूजर्स ने इसे वैश्विक मंच पर देश का अपमान करने के प्रयास के रूप में देखा। कई लोगों ने कहा कि भारत की छवि को धूमिल करने वाले इस प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

एक यूजर ने लिखा, "ये बेशर्मी, बदतमीज़ी और जहालत है। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता आधे नंगे होकर AI समिट में प्रदर्शन कर रहे हैं। देश की सड़कें कम पड़ गई थी क्या? या विरोध का उद्देश्य सिर्फ बदनामी करना था?"

एक अन्य यूजर ने कहा, "AI समिट में सोशल मीडिया पर भारत को बदनाम करने में असफल रहने के बाद यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता भारत मंडपम में ड्रामा करके देश की छवि खराब कर रहे हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि यह देशविरोधी प्रवृत्ति खत्म हो।"

तीसरे यूजर ने लिखा, "आप नीतियों और नेतृत्व पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन वैश्विक प्रतिनिधियों के सामने देश को शर्मिंदा करना किसी भी लोकतांत्रिक अधिकार में शामिल नहीं है। यह सक्रियता नहीं, असुरक्षा है।"

भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला

भाजपा के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने इस प्रदर्शन की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'राष्ट्रीय कलंक' बताया। उन्होंने कहा कि भारत जब एक प्रतिष्ठित वैश्विक AI शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपनी क्षमता दिखा रहा है, तब कांग्रेस ने गरिमा की जगह व्यवधान चुना। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिखर सम्मेलन स्थल पर नग्न होकर हंगामा किया, जो स्पष्ट रूप से भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदा करने के उद्देश्य से किया गया।

मालवीय ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन जब देश वैश्विक तकनीकी नेतृत्व स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, तब ऐसे प्रदर्शन केवल उन लोगों के हित में होता है जो भारत को कमजोर देखना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इससे बेहतर का हकदार है और ऐसे कृत्यों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

रक्षा मंत्री ने जताई नाराजगी

दिल्ली AI समिट में यूथ कांग्रेस का शर्टलेस प्रदर्शन, इंटरनेट पर भड़के नेटिजेंस, जानिए पूरा मामला

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब पूरा विश्व भारत को नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करते हुए देख रहा था और देश के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व का साक्षी बन रहा था, उस समय कांग्रेस ने आयोजन में व्यवधान उत्पन्न किया। उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा इस तरह अनुचित व्यवहार करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास भी है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने इस कृत्य के माध्यम से देश के हितों की जगह राजनीतिक लाभ लेना प्राथमिकता बना लिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की जनता भली-भांति जानती है कि कौन देश को सशक्त बनाने में लगा है और कौन बार-बार उसकी छवि को धूमिल करने का प्रयास करता है।

CM योगी ने प्रदर्शन को घृणित बताया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी यूथ कांग्रेस के इस प्रदर्शन की निंदा की। उन्होंने कहा कि भारत मंडपम में कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई हरकत घृणित और शर्मनाक थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की कीमत पर ऐसी कार्रवाई करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा की गई अराजकता ने भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर किया और यह केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया गया कृत्य था।

CM योगी ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध करना अलग है, लेकिन वैश्विक मंच पर देश को अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस तरह की हरकतों को समझें और पहचानें कि कौन देश के सम्मान के पक्ष में है और कौन राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्र की छवि को चोट पहुँचाने में लगा है।

मनजिंदर सिंह सिरसा का बयान

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में किया गया प्रदर्शन भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को धूमिल करने वाला था। उन्होंने इसे 'नंगा नाच' बताया और कहा कि यह प्रदर्शन विदेशों में भारत के प्रति अपमानजनक था।

सिरसा ने कहा कि प्रोटेस्ट करना अलग बात है, लेकिन ऐसा प्रदर्शन जिसमें अपने देश को छोटा दिखाया जा रहा हो और उसकी छवि खराब की जा रही हो, उसे लोकतांत्रिक अधिकार के तहत स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस और गांधी परिवार को याद दिलाया कि देश की छवि और सम्मान को वैश्विक मंच पर बनाए रखना कितना जरूरी है।

प्रदर्शन का अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य

AI इम्पैक्ट समिट में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित थे। यह पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन AI के भविष्य, नवाचार और वैश्विक तकनीकी सहयोग पर केंद्रित था। यूथ कांग्रेस का यह शर्टलेस प्रदर्शन न केवल भारत के आंतरिक राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर रहा है बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अपने असंतोष को व्यक्त करने के लिए हिंसक या खतरनाक तरीके नहीं अपनाए, लेकिन शर्ट उतारना और नारेबाजी करना वैश्विक नेताओं और विशेषज्ञों के सामने अनुचित और अपमानजनक माना गया।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर कांग्रेस के इस कदम पर भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूजर्स ने इसे देश का अपमान और वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को खराब करने का प्रयास बताया। ट्वीट्स और पोस्ट में कहा गया कि यह प्रदर्शन न केवल देश का अपमान है बल्कि लोकतांत्रिक विरोध की मर्यादा का उल्लंघन भी है।

कुछ यूजर्स ने लिखा कि भारत की प्रतिष्ठा और गौरव के लिए देशवासियों को ऐसी हरकतों से सचेत रहना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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