गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के बाद दिल्ली-एनसीआर का मौसम एक बार फिर बदल गया है। मंगलवार को राजधानी समेत आसपास के कई इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे लोगों ने ठिठुरन का सामना किया। हरियाणा के नारनौल में हुई ओलावृष्टि ने कड़ाके की ठंड लौटाई।
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के बाद दिल्ली और एनसीआर में मौसम फिर से बदल गया है। मंगलवार सुबह एनसीआर के कई इलाकों में बारिश हुई और कुछ क्षेत्रों में अभी भी वर्षा जारी है। वहीं, हरियाणा के नारनौल में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे कड़ाके की ठंड फिर लौट आई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली में भी मौसम का मिजाज बदल गया है। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई है और यह दौर दिनभर जारी रहने की संभावना है।
हालांकि, न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कल तापमान फिर से कम हो जाएगा और ठिठुरन का एहसास एक बार फिर बढ़ जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान और मौसम का हाल
मंगलवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कल तापमान में गिरावट आ सकती है और ठिठुरन का एहसास बढ़ जाएगा। दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में सुबह से तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे वातावरण ठंडा और नमी भरा हो गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिनभर बादल छाए रहेंगे और बारिश का दौर लगातार जारी रह सकता है। इस कारण धूप निकलने की संभावना बहुत कम है।
मौसम विभाग ने बताया कि हरियाणा के नारनौल में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। यह घटना वहां के निवासियों के लिए सर्दियों की कड़वाहट को महसूस कराने वाली रही। पश्चिमी विक्षोभ के कारण ऐसे मौसम की स्थिति बनी है, जो अगले 24-48 घंटों तक आसपास के राज्यों में भी जारी रहने की संभावना है।
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यलो अलर्ट जारी
दिल्ली-एनसीआर में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी का उद्देश्य नागरिकों को बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से सुरक्षित रहने के लिए सतर्क करना है। विशेषज्ञों ने कहा कि हल्की बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
इस दौरान दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी चिंताजनक बनी हुई है। मंगलवार सुबह 9 बजे सीपीसीबी ने एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 294 दर्ज किया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वायु गुणवत्ता अगले कई दिनों तक मध्यम से खराब श्रेणी में ही बनी रह सकती है। इस स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और वायु प्रदूषण से प्रभावित लोगों को बाहर जाने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।









