दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। AQI 600 पार होने के बाद GRAP स्टेज 4 लागू कर दिया गया। निर्माण कार्य और वाहनों पर रोक लगाई गई, नागरिकों को घर में रहने और मास्क पहनने की सलाह दी गई।
नई दिल्ली: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप ले चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मंगलवार सुबह 344 तक पहुंच गया है। वहीं, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में वायु प्रदूषण बेहद गंभीर हो गया है और AQI 600 के पार पहुंच चुका है।
इस स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने GRAP (Graded Response Action Plan) स्टेज 4 लागू कर दिया है। यह सबसे कड़ा स्तर है, जिसमें प्रदूषण को कम करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।
GRAP स्टेज 4 के तहत लागू किए गए कड़े नियम
GRAP स्टेज 4 के तहत दिल्ली और एनसीआर में कई कड़े कदम उठाए गए हैं। सबसे पहले, वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण लगाया गया है। ट्रकों का प्रवेश दिल्ली में पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। केवल जरूरी सामान ले जाने वाले वाहन, या जो CNG, LNG, BS-VI डीजल और इलेक्ट्रिक वाहन हैं, उन्हें अनुमति दी गई है।
निर्माण कार्यों पर भी रोक लगाई गई है। सभी सरकारी और सार्वजनिक परियोजनाओं में निर्माण गतिविधि बंद कर दी गई है। इसके साथ ही अन्य गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
कमर्शियल वाहनों पर भी सख्त नियम लागू हैं। केवल CNG और BS-VI डीजल वाहन ही शहर में प्रवेश कर सकते हैं। अन्य सभी गैर-जरूरी कमर्शियल वाहनों का प्रवेश निषेध किया गया है।
वर्क-फ्रॉम-होम (Work from Home) की सिफारिश भी लागू की गई है। सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों का 50 प्रतिशत हिस्सा घर से काम करेगा, ताकि सड़क पर ट्रैफिक कम हो और प्रदूषण में कमी लाई जा सके।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। मास्क पहनना अनिवार्य है और बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’
राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार सुबह वायु गुणवत्ता काफी खराब रही। सीपीसीबी के अनुसार, बवाना, वजीरपुर, जहांगीरपुरी और विवेक विहार जैसे चार इलाके ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।
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AQI के अनुसार वायु गुणवत्ता को छह श्रेणियों में बांटा गया है। AQI 0-50 को ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बेहद खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ माना जाता है।
मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो इस मौसम के औसत से 2.7 डिग्री कम है। अधिकतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। ठंडी हवाओं और हवा की गति कम होने के कारण वायु प्रदूषण और बढ़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि इस समय धूल, धुआं और जीवाश्म ईंधन के जलने से हवा में PM2.5 और PM10 प्रदूषण के स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गए हैं।
विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बाहर निकलते समय N95 मास्क का उपयोग करें। बच्चों, बुजुर्गों और श्वास रोगियों को घर के अंदर रहना चाहिए। अगर घर से निकलना अनिवार्य है, तो लोगों को सांस लेने की गति धीमी रखनी चाहिए और बाहरी गतिविधियों को कम करना चाहिए।
प्रदूषण कम करने के उपाय
प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। अधिकारियों ने कहा कि GRAP स्टेज 4 लागू करने का उद्देश्य केवल प्रदूषण को कम करना नहीं है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
उन्होंने वर्क-फ्रॉम-होम के आदेश के साथ कार्यालयों और स्कूलों में भी आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। निर्माण कार्य और वाहनों पर रोक लगाने से शहर में धूल और धुआं कम होगा।
सार्वजनिक वाहनों के संचालन में सुधार और CNG या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाना भी प्रशासन की प्राथमिकता में है। विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकों की जागरूकता और प्रशासनिक कार्रवाई दोनों ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद करेंगे।
नागरिकों से अपील
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और मास्क का उपयोग करें। घर में रहकर भी वेंटिलेशन का ध्यान रखें। घर में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करना लाभकारी है।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देना चाहिए। अगर सांस लेने में परेशानी या खांसी-जुकाम जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। नागरिकों को चाहिए कि वे अपने वाहन और ट्रैफिक गतिविधियों में कमी लाएं ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।










