दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड: 21 लोग जिन्दा जल गए, आग से बचने को कूदे लोग

दिल्ली के मालवीय नगर में होटल-रेस्टोरेंट में आग से 21 लोगों की मौत हुई, जिनमें 17 विदेशी शामिल लोग शामिल हैं। दम घुटने और आग से झुलसने से मौत की आशंका।

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल-रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 17 विदेशी नागरिक शामिल हैं। आग बेसमेंट में लगी, जिससे लोग फंस गए और दम घुटने व झुलसने से मौत की आशंका जताई जा रही है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक होटल-सह-रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या आगे भी बढ़ सकती है क्योंकि कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।

यह दर्दनाक घटना उस समय हुई जब अधिकांश लोग इमारत के अंदर मौजूद थे, जिससे बचाव कार्य और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया।

बेसमेंट से लगी आग, तेजी से पूरी इमारत में फैली लपटें

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत इमारत के बेसमेंट से हुई थी। देखते ही देखते आग और धुआं पूरे होटल में फैल गया, जिससे अंदर मौजूद लोग बाहर निकलने में असमर्थ हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में पूरा भवन घने धुएं से भर गया और लोगों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी। कई लोग कमरों में फंस गए, जबकि कुछ ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से बाहर निकलने की कोशिश की।

होटल में अफरा-तफरी, लोग जान बचाने के लिए भागते रहे

आग लगते ही होटल में अफरा-तफरी मच गई। लोग चीखते-चिल्लाते हुए इमारत से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन धुआं और आग की तीव्रता के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल सके।

घटना के समय होटल में मौजूद कई लोगों ने बताया कि स्थिति बेहद भयावह थी। कुछ लोग अपने सामान छोड़कर भागे, जबकि कई लोग धुएं के कारण बेहोश होकर गिर पड़े। आग के कारण पूरे परिसर में दहशत का माहौल बन गया।

भयावह दृश्य: जान बचाने के लिए इमारत से कूदे लोग

घटनास्थल से सामने आए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शी बयानों के अनुसार, दो महिलाओं को आग और घने धुएं से बचने के लिए इमारत से कूदते हुए देखा गया। यह दृश्य अत्यंत भयावह था और मौके पर मौजूद लोगों ने इसे देखकर मदद के लिए आवाजें लगाईं।

हालांकि उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन यह घटना आग की भयावहता को दर्शाती है। कई लोग इसी तरह अपनी जान बचाने के लिए खतरनाक कदम उठाने को मजबूर हुए।

दमकल और बचाव दल का त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी गई। स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों ने भी बचाव कार्य में हिस्सा लिया।

दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड: 21 लोग जिन्दा जल गए, आग से बचने को कूदे लोग

दमकलकर्मियों ने इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हालांकि आग की तीव्रता और धुएं के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

21 लोगों की मौत, 37 लोगों को बचाया गया

अधिकारियों के अनुसार इस हादसे में अब तक कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतकों में कई विदेशी नागरिक शामिल हैं, जो नाइजीरिया, मोजाम्बिक, लाइबेरिया और बांग्लादेश जैसे देशों से थे। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय बन गई है।

दम घुटने और झुलसने से मौत की आशंका

चिकित्सकों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार अधिकांश मौतें दम घुटने (स्मोक इनहेलेशन) और गंभीर रूप से झुलसने के कारण हुई हैं। बेसमेंट से शुरू हुई आग और तेजी से फैले धुएं ने लोगों को बाहर निकलने का अवसर नहीं दिया।

फॉरेंसिक टीम और फायर विभाग की संयुक्त जांच जारी है, ताकि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

सुबह के समय हुआ हादसा, बढ़ी मुश्किलें

पुलिस के अनुसार कंट्रोल रूम को सुबह करीब 08:48 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। यह समय ऐसा था जब अधिकांश लोग होटल के कमरों में थे या सो रहे थे, जिससे उन्हें समय पर बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।

स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था।

जांच शुरू, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस दर्दनाक घटना के बाद भवन की सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या होटल में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास व्यवस्था मौजूद थी या नहीं।

प्रशासन ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों में दहशत और शोक का माहौल

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने इतने बड़े पैमाने पर आग की घटना पहले कभी नहीं देखी। कई परिवार अपने रिश्तेदारों की तलाश में अस्पतालों और राहत केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं।

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