तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके (Dravida Munnetra Kazhagam) के मुखपत्र ‘मुरासोली’ में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला किया गया है।
नई दिल्ली: तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके (DMK) के मुखपत्र मुरासोली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस लेख में राहुल गांधी पर “पीठ में छुरा घोंपने” जैसे आरोप लगाए गए, जिससे विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं। अब इस मामले पर कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
‘डीएमके ने कांग्रेस के खिलाफ ही अपनी राजनीति शुरू की’
संदीप दीक्षित ने कहा कि डीएमके का राजनीतिक इतिहास कांग्रेस विरोध से भी जुड़ा रहा है, लेकिन आज की परिस्थितियों में पुराने मतभेदों को बार-बार उठाना सही नहीं है। उन्होंने कहा, “डीएमके ने कांग्रेस के खिलाफ ही अपनी राजनीति को एक समय में मजबूत किया था। उन्होंने अतीत में कांग्रेस के खिलाफ कई सख्त और तीखी बातें भी कही थीं। लेकिन क्या हम अब उन सब बातों को ही याद करते रहेंगे? यह सही तरीका नहीं है।”
गठबंधन की राजनीति पर दिया जोर
दीक्षित ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु जैसे राज्यों में राजनीतिक गठबंधन हमेशा बदलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां किसी एक स्थायी राजनीतिक समीकरण की परंपरा नहीं रही है। उन्होंने आगे कहा, “तमिलनाडु में कभी डीएमके के साथ गठबंधन रहा, कभी एआईएडीएमके के साथ और कभी कांग्रेस के साथ। राजनीति वहां हमेशा परिस्थितियों के हिसाब से आगे बढ़ी है।”
संदीप दीक्षित ने विपक्षी एकता पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में दलों को व्यक्तिगत या पुराने विवादों से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर कोई पार्टी सेक्युलर है और बड़े लोकतांत्रिक लक्ष्य में योगदान दे सकती है, तो उसे साथ लेकर चलना चाहिए। छोटे-छोटे विवादों में उलझना समय की जरूरत नहीं है।”
![]()
राहुल गांधी के संदेश का जिक्र
पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि देश की राजनीति में कई दल समय-समय पर अलग-अलग गठबंधनों का हिस्सा रहे हैं, इसलिए किसी एक दल को लेकर स्थायी धारणा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “राजनीतिक इतिहास देखें तो कई दल ऐसे रहे हैं जो कभी एक गठबंधन में थे और कभी दूसरे में। ऐसे में किसी भी दल को स्थायी रूप से जज करना सही नहीं है।”
दीक्षित ने राहुल गांधी के हालिया राजनीतिक संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने हमेशा संवाद और सहयोग की राजनीति पर जोर दिया है।उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने कई बैठकों में यह बात कही है कि बड़े लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए और मतभेदों को संवाद से हल किया जा सकता है।” डीएमके के इस बयान के बाद विपक्षी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) में एक बार फिर तनाव की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतभेद स्वाभाविक हैं और इन्हें बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा।









