Donald Trump का दावा! ईरान जल्द आत्मसमर्पण करेगा, G7 नेताओं को बताया ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की सफलता

ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को नष्ट कर दिया। ईरानी नेता खामेनेई ने बदला।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान जल्द आत्मसमर्पण करेगा। G7 नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक में उन्होंने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की सफलता का दावा किया। ईरान-खाड़ी तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार और सुरक्षा चिंतित है।

America: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने G7 नेताओं से कहा कि ईरान जल्द ही आत्मसमर्पण करने वाला है। यह जानकारी G7 देशों के तीन अधिकारियों ने दी, जिन्हें इस चर्चा की जानकारी थी। ट्रंप ने वर्चुअल कॉल में अपने हालिया सैन्य अभियान "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" के नतीजों को एक बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान से ईरान की सैन्य और आर्थिक क्षमता कमजोर हो गई है।

खाड़ी देशों पर ईरानी हमले 

ईरान ने शुक्रवार तड़के खाड़ी के अरब देशों पर कई हमले किए। सऊदी अरब ने बताया कि सुबह अलग-अलग समय पर लगभग 50 ड्रोन मार गिराए गए। ओमान में दो ड्रोन गिरने से औद्योगिक इलाके में दो लोगों की मौत हुई। वहीं, दुबई में एक औद्योगिक क्षेत्र से काला धुआं उठता देखा गया। अधिकारियों के अनुसार, मिसाइल या ड्रोन को रोकने के बाद गिरे मलबे से आग लगी, जिससे दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर की इमारत को नुकसान हुआ।

इस हमले के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को बड़े जवाबी हमले की चेतावनी दी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना नष्ट हो चुकी हैं, उनके मिसाइल और ड्रोन सिस्टम खत्म हो गए हैं और ईरान के नेताओं का नामोनिशान मिटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के आतंकी शासन को हर तरीके से नष्ट कर रहा है।

वर्चुअल कॉल में ट्रंप की टिप्पणियां

G7 देशों के नेताओं के साथ हुई वर्चुअल बैठक में ट्रंप ने कहा कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई से उन्हें एक ऐसे खतरे से निजात मिली जो सभी देशों के लिए जोखिम था। उन्होंने इसे "एक कैंसर को खत्म करने" जैसा बताया और कहा कि अभियान के सकारात्मक परिणामों से सभी सहयोगी देशों को फायदा होगा।

ट्रंप ने अपने ट्वीट में लिखा कि अमेरिका 47 वर्षों से निर्दोष लोगों को मारने वाले ईरान के शासन के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और इसे रोकना उनका सम्मानजनक कर्तव्य है।

खतरे की चेतावनी

अमेरिका के इस कड़े रुख के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने भी खून का बदला लेने का संकल्प जताया है। उन्होंने खाड़ी देशों को चेताया कि अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान ने कहा कि अमेरिकी सुरक्षा की धारणा केवल भ्रम है और वे अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे।

ईरान और इजराइल के हमले, वैश्विक संकट

इजराइल ने शुक्रवार को बताया कि पिछले 24 घंटे में उसकी वायुसेना ने ईरान में 200 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इसमें मिसाइल लॉन्चर, रक्षा प्रणालियां और हथियार उत्पादन स्थल शामिल हैं। ईरान ने खाड़ी देशों में हमले जारी रखे, जिससे तेल और बुनियादी ढांचे पर खतरा बढ़ गया। 

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अब तक अमेरिका के सात सैनिक मारे गए और आठ गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ईरानी अधिकारियों ने 1,300 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी दी है।

ईरान की राजधानी तेहरान में शुक्रवार तड़के फलस्तीनियों के समर्थन में आयोजित होने वाले वार्षिक कुद्स दिवस कार्यक्रम के लिए रैलियां शुरू होने वाली थीं। हमलों के समय लोगों में भारी तनाव देखा गया। प्रशासन ने रैलियों और जनसमूह को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए थे।

ऊर्जा सुरक्षा पर असर

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी देखा जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में हमलों के कारण तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और शिपिंग मार्ग अस्थिर हो गए हैं। विश्व बाजार में ऊर्जा सुरक्षा की चिंता बढ़ी है और निवेशक भी सतर्क हो गए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह संघर्ष बढ़ता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

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