दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर कड़ी कार्रवाई, 9 छात्र निष्कासित

दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर कड़ी कार्रवाई, 9 छात्र निष्कासित

दून मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में 9 सीनियर छात्रों को कॉलेज और हॉस्टल से निष्कासित किया गया। दो छात्रों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हुई।

जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला

बीती 12 जनवरी की रात एमबीबीएस 2025 बैच के दो जूनियर छात्रों के साथ सीनियर छात्रों ने रैगिंग की थी। आरोप है कि जूनियर छात्रों को बेल्ट से मारा गया। मामले की शिकायत मिलने के बाद कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच शुरू की।

जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राचार्य डॉक्टर गीता जैन ने सीनियर छात्रों के खिलाफ आदेश जारी किए। सात छात्रों को एक महीने के लिए कॉलेज और तीन महीने के लिए हॉस्टल से निष्कासित किया गया। दो छात्रों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं

कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर गीता जैन ने कहा कि कॉलेज में अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एंटी रैगिंग कमेटी ने दोषी छात्रों के बयान दर्ज किए और सख्त कार्रवाई की सिफारिश की।

कॉलेज प्रशासन ने बताया कि अगर किसी छात्र पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं, तो उसे सस्पेंड किया जा सकता है। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि छात्रों के लिए सुरक्षित और अनुशासित माहौल बना रहे।

रैगिंग कानून के तहत गंभीर अपराध

रैगिंग सुप्रीम कोर्ट, UGC और राज्य कानूनों के तहत गंभीर अपराध माना जाता है। दोषी छात्रों को जेल और जुर्माना दोनों का सामना करना पड़ सकता है। रैगिंग की गंभीरता के आधार पर सजा 2 साल तक की कैद से लेकर आजीवन कारावास और मृत्युदंड तक हो सकती है।

यूजीसी के नियमों के अनुसार, रैगिंग का दोषी छात्र स्थायी रूप से कॉलेज से निष्कासित भी किया जा सकता है। इससे छात्रों को चेतावनी मिलती है कि वे किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता में शामिल न हों।

छात्रों को सीख और चेतावनी

यह कार्रवाई कॉलेज प्रशासन की ओर से एक सख्त संदेश है कि रैगिंग को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देने के लिए एंटी रैगिंग कमेटी और डिसिप्लिन कमेटी लगातार निगरानी रखती हैं। जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए छात्रों और स्टाफ को भी सतर्क रहने और किसी भी घटना की रिपोर्ट देने की सलाह दी जाती है।

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