Stockholm International Peace Research Institute (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में दुनिया के परमाणु हथियारों की संख्या में मामूली कमी दर्ज की गई है, जो वैश्विक स्तर पर कुछ राहत देने वाली खबर मानी जा रही है।
नई दिल्ली: दुनिया में परमाणु हथियारों की संख्या को लेकर स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की नवीनतम रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक परमाणु शस्त्रागार में मामूली कमी दर्ज की गई है, लेकिन कई देशों द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रमों के आधुनिकीकरण और विस्तार की प्रक्रिया जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि कुल संख्या में गिरावट के बावजूद वैश्विक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा कम नहीं हुई है।
SIPRI के अनुमान के मुताबिक, जनवरी 2026 तक दुनिया में कुल 12,187 परमाणु वॉरहेड्स मौजूद हैं। एक साल पहले 2025 में यह संख्या 12,241 थी। यानी वैश्विक भंडार में 54 वॉरहेड्स की कमी आई है।
रूस और अमेरिका के पास अब भी सबसे बड़ा परमाणु भंडार
रिपोर्ट के अनुसार, रूस और अमेरिका दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियां बने हुए हैं। दोनों देशों के पास वैश्विक परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा हिस्सा है, हालांकि उनके कुल भंडार में हल्की कमी का अनुमान लगाया गया है। रूस के परमाणु वॉरहेड्स की संख्या 2025 में 5,469 से घटकर 2026 में 5,420 रहने का अनुमान है।
वहीं, अमेरिका का भंडार 5,177 से घटकर 5,042 वॉरहेड्स तक पहुंच सकता है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देश अपने परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण पर लगातार निवेश कर रहे हैं।
भारत, चीन और फ्रांस ने बढ़ाई रणनीतिक क्षमता
SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ देशों ने अपने परमाणु भंडार में वृद्धि की है। चीन के परमाणु हथियारों की संख्या 600 से बढ़कर 620 होने का अनुमान है। वहीं, फ्रांस के शस्त्रागार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो 290 से बढ़कर 370 वॉरहेड्स तक पहुंच सकता है। भारत के लिए भी रिपोर्ट में वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। 2025 में भारत के पास अनुमानित 180 परमाणु वॉरहेड्स थे, जो 2026 में बढ़कर 190 हो सकते हैं। यह वृद्धि भारत की दीर्घकालिक रणनीतिक सुरक्षा नीति और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
दक्षिण एशिया के संदर्भ में भारत और पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रमों पर विशेष नजर रखी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के परमाणु हथियारों की अनुमानित संख्या 190 तक पहुंच सकती है, जबकि पाकिस्तान का परमाणु भंडार 170 वॉरहेड्स पर स्थिर रहने का अनुमान है। इस प्रकार, अनुमानित आंकड़ों के अनुसार भारत परमाणु हथियारों की संख्या के मामले में पाकिस्तान से आगे बना हुआ है। हालांकि, दोनों देश अपनी-अपनी सुरक्षा रणनीतियों के तहत रक्षा क्षमताओं को विकसित करने पर जोर दे रहे हैं।

अनुमानित परमाणु भंडार (2026)
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के पास अनुमानित 225 परमाणु वॉरहेड्स हैं और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। इजरायल के पास लगभग 90 परमाणु हथियार होने का अनुमान है, जबकि उत्तर कोरिया का भंडार 50 से बढ़कर 60 वॉरहेड्स तक पहुंच सकता है।
- रूस – 5,420
- अमेरिका – 5,042
- चीन – 620
- फ्रांस – 370
- ब्रिटेन – 225
- भारत – 190
- पाकिस्तान – 170
- इजरायल – 90
- उत्तर कोरिया – 60
हालांकि वैश्विक परमाणु हथियारों की कुल संख्या में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, SIPRI ने चेतावनी दी है कि यह प्रवृत्ति लंबे समय तक जारी रहना तय नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, कई देश नई परमाणु प्रणालियों के विकास, मिसाइल तकनीक के आधुनिकीकरण और परमाणु क्षमताओं के विस्तार पर तेजी से काम कर रहे हैं।











