बरेली में कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के ठिकाने पर ED की छापेमारी, वित्तीय लेनदेन जांच के दायरे में

ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत बरेली के कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के ठिकाने पर छापेमारी की। वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच जारी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका में बरेली समेत छह स्थानों पर छापेमारी की है। बरेली में कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के आवास पर जांच एजेंसी ने दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की है।

 बरेली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बरेली के कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के घर पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर एक साथ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन का हिस्सा है। जांच एजेंसी वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

कई राज्यों में एक साथ हुई कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े संदिग्ध मामलों की जांच के तहत कई राज्यों में एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार पंजाब के लुधियाना और जालंधर, उत्तर प्रदेश के बरेली तथा दिल्ली-नोएडा क्षेत्र सहित कुल छह स्थानों पर कार्रवाई की गई।

जांच एजेंसी की टीमों ने उन आवासीय और व्यावसायिक परिसरों को निशाना बनाया है, जिनका संबंध जांच के दायरे में आए व्यक्तियों और कंपनियों से बताया जा रहा है। इस कार्रवाई का उद्देश्य वित्तीय लेनदेन और संभावित आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्य जुटाना है।

बरेली में कारोबारी के घर पहुंची ED टीम

बरेली के सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित आई क्रस्ट स्टोर से जुड़े कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के आवास पर भी ईडी की टीम सुबह पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने परिसर में प्रवेश करने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी और आवश्यक दस्तावेजों तथा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पड़ताल की।

कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने परिसर के भीतर आवाजाही को सीमित रखा। बताया जा रहा है कि टीम ने संचार उपकरणों और रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी भी अपने कब्जे में ली, ताकि जांच प्रभावित न हो।

वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की पड़ताल

ईडी की जांच का मुख्य फोकस वित्तीय लेनदेन, कारोबारी गतिविधियों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड पर है। अधिकारियों को उम्मीद है कि छापेमारी के दौरान ऐसे दस्तावेज या डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं, जो मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हों।

हालांकि एजेंसी की ओर से अभी तक मामले के संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए जांच के निष्कर्ष और संभावित आरोपों को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी रही कार्रवाई

छापेमारी के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए स्थानीय पुलिस बल को भी मौके पर तैनात किया गया। अधिकारियों ने पूरे परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और जांच एजेंसी को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया।

सूत्रों के अनुसार, जांच प्रक्रिया कई घंटों तक चल सकती है और जरूरत पड़ने पर दस्तावेजों तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के लिए जब्त भी किया जा सकता है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई ईडी की जांच रिपोर्ट और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी।

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