ईडी समन में अब अनिवार्य होगा QR कोड: सरकार का डिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए बड़ा कदम

सरकार ने डिजिटल धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए ईडी समन में QR कोड अनिवार्य कर दिया है। इस नई व्यवस्था से समन की सत्यता सुनिश्चित होगी और फर्जी नोटिस जारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है। अब से ईडी के सभी समन QR कोड और यूनिक पासकोड के साथ जारी किए जाएंगे। 

नई दिल्ली: देश में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब ईडी के सभी समन QR कोड के साथ जारी किए जाएंगे, जिससे आसानी से पुष्टि की जा सकेगी कि समन असली है या नकली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कई मामलों में जाली समन ईडी के असली समन के जैसे लगते हैं, जिससे असली और नकली में अंतर करना कठिन हो जाता है। नए QR कोड सिस्टम के लागू होने से इस धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

समन की प्रामाणिकता होगी आसान जांच के साथ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कई मामलों में जाली समन असली समन जैसे दिखते थे। इससे नागरिकों के लिए असली और नकली में अंतर करना मुश्किल हो जाता था। अब ईडी सिस्टम जनरेटेड समन जारी करेगा, जिस पर QR कोड और यूनिक पासकोड होगा। नागरिक इन समनों की प्रामाणिकता ईडी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या QR कोड स्कैन करके आसानी से जांच सकेंगे।

बयान में आगे कहा गया कि ईडी कभी भी डिजिटल या ऑनलाइन अरेस्ट नहीं करता, इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। ऑनलाइन खुद को ईडी अधिकारी बताने वाले जालसाजों के झांसे में न आएं।

डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामले

हाल के समय में डिजिटल अरेस्ट के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। कई जालसाज पुलिस, कस्टम, ईडी, सीबीआई और आरबीआई अधिकारियों का रूप धारण कर आम नागरिकों से पैसे ऐंठ रहे हैं। भारत के संविधान के सातवें शेड्यूल के अनुसार, 'पुलिस' और 'पब्लिक ऑर्डर' राज्य के विषय हैं। राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपनी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के जरिए साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट स्कैम की रोकथाम, जांच और मुकदमा चलाने के लिए जिम्मेदार हैं।

केंद्र सरकार ने अपनी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्कीम के तहत सलाह और फाइनेंशियल मदद देने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य वित्तीय धोखाधड़ी और जालसाजी को कम करना है। इसके अलावा, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर की सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के लिए ‘1600’ नंबरिंग सीरीज अपनाने को अनिवार्य किया है।

TRAI की इस पहल से यह सुनिश्चित होगा कि नागरिकों को वित्तीय संस्थाओं से सही और विश्वसनीय कॉल प्राप्त हों। दूरसंचार विभाग द्वारा 1600 नंबर की सीरीज BFSI सेक्टर को आवंटित की गई है, जिससे धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

QR कोड और यूनिक पासकोड की विशेषता

ईडी के नए सिस्टम के तहत जारी समनों में प्रत्येक समन का QR कोड और यूनिक पासकोड होगा। इसके फायदे इस प्रकार हैं:

  • नागरिक आसानी से समन की प्रामाणिकता जांच सकेंगे।
  • नकली समन तुरंत पहचान में आ जाएगा।
  • ईडी अधिकारी और आम नागरिक दोनों के लिए भरोसे का माहौल बनेगा।
  • डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं पर रोक लगेगी।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि ईडी कभी भी डिजिटल अरेस्ट या ऑनलाइन अरेस्ट नहीं करता। इसलिए नागरिकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी ईमेल, कॉल या मैसेज के माध्यम से स्वयं को ईडी अधिकारी बताने वाले जालसाजों के झांसे में न आएं।

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