ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी, मशहद में होगा दफन; 2 करोड़ लोगों के जुटने की संभावना

ईरान मे पूर्व सुप्रीम अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों की खबरें है। मशहद में दफन और लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना को लेकर व्यापक चर्चा है।

ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। प्रशासन के अनुसार अंतिम संस्कार का मुख्य आयोजन तेहरान में किया जाएगा, जिसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक शहर कुम और फिर मशहद ले जाया जाएगा, जहां उन्हें दफनाने की योजना है।

तेहरान: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी अंतिम विदाई करीब चार महीने बाद आयोजित की जाएगी और उन्हें उनके अंतिम इच्छा के अनुसार ईरान के पवित्र शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

अधिकारियों का अनुमान है कि इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में लगभग 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े जनाजों में से एक बन सकता है।

तेहरान से शुरू होकर मशहद तक अंतिम यात्रा

जानकारी के अनुसार, खामेनेई का मुख्य अंतिम संस्कार समारोह राजधानी तेहरान में आयोजित किया जाएगा, जो लगभग 24 घंटे तक चल सकता है। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर धार्मिक शहर कुम ले जाया जाएगा और फिर मशहद पहुंचाया जाएगा।

मशहद में स्थित इमाम रजा के पवित्र दरगाह परिसर के पास उन्हें दफनाने की योजना है, जो शिया इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है।

अधिकारियों के अनुसार, अंतिम यात्रा के दौरान पार्थिव शरीर को तेहरान, कुम और मशहद की प्रमुख सड़कों से होकर ले जाया जाएगा, जहां लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकेंगे।

IRGC को सौंपी गई अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी

इस पूरे अंतिम संस्कार आयोजन की जिम्मेदारी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को सौंपी गई है। IRGC और स्थानीय प्रशासन मिलकर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और कार्यक्रम के संचालन की तैयारी कर रहे हैं।

तेहरान नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, अंतिम संस्कार को लेकर तीन दिनों तक सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि आम लोग अंतिम दर्शन कर सकें।

2 करोड़ लोगों की भीड़ की आशंका, सुरक्षा बड़ी चुनौती

अधिकारियों का अनुमान है कि इस अंतिम संस्कार में लगभग 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो यह ईरान के इतिहास का सबसे बड़ा जनसमूह आयोजन होगा।

1989 में ईरान के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार में लगभग 1 करोड़ लोग शामिल हुए थे, जिसमें भगदड़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हुई थी।

इस बार प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की होगी, खासकर ऐसे समय में जब देश युद्ध और तनाव के बाद के हालात से गुजर रहा है।

ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी, मशहद में होगा दफन; 2 करोड़ लोगों के जुटने की संभावना

मशहद में दफन क्यों महत्वपूर्ण है?

खामेनेई को मशहद में दफन करने का निर्णय धार्मिक और प्रतीकात्मक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और शिया इस्लाम का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। यहां स्थित इमाम रजा का दरगाह दुनिया के सबसे पवित्र शिया स्थलों में से एक माना जाता है।

इमाम रजा, बारह इमामों की शिया परंपरा के आठवें इमाम थे, और उनका दरगाह हर साल करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। ऐसे स्थान पर दफन होने से खामेनेई का नाम शिया इतिहास के सबसे सम्मानित धार्मिक व्यक्तित्वों से जुड़ जाएगा।

युद्ध और तनाव के बीच अंतिम संस्कार में देरी

अधिकारियों के अनुसार, खामेनेई के अंतिम संस्कार में देरी असामान्य परिस्थितियों के कारण हुई है। सामान्य इस्लामी परंपरा के अनुसार, किसी भी व्यक्ति का अंतिम संस्कार 1–2 दिनों के भीतर कर दिया जाता है।

लेकिन ईरानी अधिकारियों का कहना है कि युद्ध जैसे हालात, सुरक्षा चिंताओं और विशाल भीड़ की संभावना को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि अंतिम संस्कार बाद में किया जाएगा।

1989 के खुमैनी जनाजे से तुलना

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अनुमानित 2 करोड़ लोग अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं, तो यह 1989 में खुमैनी के जनाजे से भी बड़ा होगा।

उस समय तेहरान में लगभग 1 करोड़ लोग शामिल हुए थे, और भीड़ इतनी अधिक थी कि भगदड़ मच गई थी, जिसमें कई लोगों की मौत और हजारों घायल हुए थे।

इस बार प्रशासन पहले से ही ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की योजना बना रहा है।

अमेरिका-इजराइल हमलों से जुड़ी पृष्ठभूमि

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि खामेनेई की मौत फरवरी में हुए अमेरिका-इजराइल संयुक्त सैन्य ऑपरेशन के दौरान हुई थी, जब तेहरान सहित कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए गए थे।

इन हमलों में ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, सुरक्षा कर्मी और वैज्ञानिक भी मारे गए थे। हालांकि ईरान सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

तीन दिवसीय सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम

ईरानी अधिकारियों ने घोषणा की है कि अंतिम संस्कार से पहले और बाद में तीन दिनों तक सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आम नागरिकों को अंतिम दर्शन का अवसर देना और राष्ट्रीय शोक को सामूहिक रूप से व्यक्त करना है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ा ध्यान

खामेनेई के अंतिम संस्कार की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि भू-राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा।

ईरान की आंतरिक स्थिरता, क्षेत्रीय राजनीति और वैश्विक संबंधों पर भी इसके प्रभाव की संभावना जताई जा रही है।

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