Election 2026 से पहले विपक्ष ने चुनाव आयोग पर हमला बोला। कांग्रेस और शिवसेना ने कहा कि आदर्श आचार संहिता BJP के प्रचार का औजार बन रही है। विपक्ष का आरोप है कि EC निष्पक्ष नहीं रह रहा।
Election 2026: चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान आगामी चुनावों का पूरा ब्यौरा सामने आ सकता है, जिसमें मतदान की तारीखें, चरणवार योजना और चुनाव से जुड़े अन्य जरूरी पहलू शामिल होंगे। चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा के बाद राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं और विपक्ष ने आयोग पर हमला बोलना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि चुनाव आयोग 2014 से आदर्श आचार संहिता (MCC) को मोदी के चुनाव प्रचार का पर्याय बनाकर पेश कर रहा है। उनका आरोप है कि इस आचार संहिता में मानहानि, गाली-गलौज, धमकियों और झूठ फैलाने जैसी घटनाओं को नजरअंदाज किया जाता है। जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इस बार भी आदर्श आचार संहिता सिर्फ BJP के प्रचार का औजार बन सकती है, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
संजय राउत का चुनाव आयोग पर हमला
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग आज जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में तारीखें घोषित करेगा, वह BJP के कार्यालय जैसी दिख रही है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग पूरी तरह से BJP के पक्ष में काम कर रहा है और जनता का भरोसा खो चुका है।

संजय राउत ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र चुनाव आयोग होना चाहिए, लेकिन इस तरह की घटनाएं चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं।
विपक्ष का डर: लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका खतरे में
पूर्व राज्यसभा सांसद मजीद मेमन ने BJP की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी का उद्देश्य देश के सभी राज्यों में सत्ता हासिल करना है और विपक्ष को कमजोर करना है। मेमन के अनुसार, अगर विपक्ष निष्क्रिय हो गया तो लोकतंत्र कमजोर हो जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का होना अनिवार्य है क्योंकि यह सत्ता को जवाबदेह बनाता है और जनता के अधिकारों की रक्षा करता है।
केंद्रीय मंत्री का दावा
वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगामी चुनावों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी की सरकार बनेगी। रिजिजू ने कहा कि चुनाव संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होंगे और पार्टी की रैलियों और प्रचार ने पहले ही रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उनका मानना है कि बीजेपी डबल इंजन सरकार का संदेश जनता तक पहुंचा रही है और चुनावी माहौल उसके पक्ष में है।
चुनावी माहौल और विपक्ष की चुनौतियां
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों का महत्व सिर्फ सत्ता बदलने तक सीमित नहीं है। ये चुनाव BJP और NDA के लिए राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक विस्तार का अवसर हैं। दक्षिण और पूर्व भारत में पार्टी का विस्तार अभी भी चुनौतीपूर्ण है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में विपक्ष का दबदबा मजबूत है। वहीं असम और पुडुचेरी में BJP की स्थिति बेहतर है।









