एंजेलो मैथ्यूज ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा, 17 वर्षों की कहानी का भावुक अंत

श्रीलंका के दिग्गज ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज ने टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास। 17 वर्षों की बेहतरीन करियर यात्रा का हुआ भावुक समापन। जानें उनके यादगार लम्हे,

श्रीलंका के दिग्गज ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज ने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। 37 वर्षीय मैथ्यूज ने 23 मई को यह जानकारी साझा की कि उनका आखिरी टेस्ट मैच जून में बांग्लादेश के खिलाफ होगा। 

Angelo Mathews Retirement: क्रिकेट की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो खेल से ज़्यादा एक भावना बन जाते हैं। श्रीलंका के एंजेलो मैथ्यूज का नाम भी उनमें से एक है। अपने शांत स्वभाव, समर्पण और ऑलराउंड प्रतिभा के लिए मशहूर इस खिलाड़ी ने अब टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला कर लिया है। 23 मई को उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक संदेश के साथ यह घोषणा की कि जून में बांग्लादेश के खिलाफ होने वाला टेस्ट मुकाबला उनका आखिरी होगा।

गाले से शुरू होकर गाले में समाप्त

किसी भी खिलाड़ी के लिए अपने करियर की शुरुआत और अंत एक ही मैदान पर होना एक खास संयोग होता है। एंजेलो मैथ्यूज ने 2009 में पाकिस्तान के खिलाफ गाले के मैदान पर टेस्ट डेब्यू किया था और अब 2025 में, करीब 17 साल बाद, वह इसी ऐतिहासिक मैदान पर अंतिम बार सफेद कपड़ों में श्रीलंका के लिए उतरेंगे। श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज 17 जून से शुरू होगी और मैथ्यूज केवल गाले में होने वाला पहला मैच खेलेंगे।

एंजेलो मैथ्यूज ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा, 17 वर्षों की कहानी का भावुक अंत

आंकड़े नहीं, एक मिसाल हैं मैथ्यूज

मैथ्यूज की टेस्ट उपलब्धियाँ उन्हें श्रीलंका के महान खिलाड़ियों की सूची में ऊंचा स्थान दिलाती हैं। उन्होंने 118 टेस्ट मैचों में 8,167 रन बनाए हैं। यह आंकड़ा उन्हें श्रीलंका के तीसरे सबसे बड़े टेस्ट स्कोरर के रूप में स्थापित करता है। उनसे आगे सिर्फ दिग्गज कुमार संगाकारा (12,400 रन) और महेला जयवर्धने (11,814 रन) हैं।

लेकिन मैथ्यूज सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि एक संपूर्ण ऑलराउंडर थे। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 33 विकेट भी झटके हैं और कई बार कठिन परिस्थितियों में टीम को संभाला है।

देशसेवा सबसे बड़ा गौरव

अपने रिटायरमेंट मैसेज में मैथ्यूज ने लिखा, श्रीलंका की जर्सी पहनना और देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा गर्व रहा है। जब आप राष्ट्र के लिए खेलते हैं, तो वह भावना देशसेवा से कम नहीं होती। उनका यह संदेश लाखों फैंस के दिलों को छू गया और सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें लिजेंड और साइलेंट वॉरियर जैसे नामों से नवाज़ा।

एंजेलो मैथ्यूज ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा, 17 वर्षों की कहानी का भावुक अंत

वनडे और टी20 का सफर अब भी बाकी

गौरतलब है कि मैथ्यूज ने केवल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया है। वह अभी भी वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करेंगे। अब तक 226 वनडे में उन्होंने 5,916 रन और 126 विकेट लिए हैं, वहीं 90 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1,416 रन और 45 विकेट उनके नाम हैं। मैथ्यूज का इंटरनेशनल करियर कुल मिलाकर 15,499 रन और 204 विकेट का गवाह है। उन्होंने 19 अंतरराष्ट्रीय शतक और 91 अर्धशतक जड़े हैं। 

लेकिन आंकड़े उनके योगदान की पूरी कहानी नहीं कहते। जब टीम संकट में होती थी, तब मैथ्यूज संकटमोचक बनकर उभरते थे—चाहे वह बल्लेबाजी हो, गेंदबाजी या फिर कप्तानी की भूमिका। भले ही मैथ्यूज ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लिया हो, लेकिन उनका अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ी के लिए एक विरासत बनकर रहेगा। उन्हें देख कई युवा खिलाड़ियों ने यह सीखा है कि खेल केवल स्कोरबोर्ड की बात नहीं, बल्कि संयम, समर्पण और साहस की परीक्षा है।

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