Eternal के शेयर पर ब्रोकरेज का भरोसा, तिमाही नतीजों के बाद बढ़े टारगेट प्राइस

Eternal के शेयर पर ब्रोकरेज का भरोसा, तिमाही नतीजों के बाद बढ़े टारगेट प्राइस

तिमाही नतीजों के बाद Eternal के शेयर पर ब्रोकरेज हाउस बुलिश हो गए हैं। मजबूत मुनाफा और क्विक कॉमर्स ग्रोथ के चलते कई ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस बढ़ाए हैं और शेयर में 52 प्रतिशत तक तेजी की संभावना जताई है।

Share Market: तिमाही नतीजों के बाद जोमैटो और ब्लिंकइट की मूल कंपनी Eternal के शेयर निवेशकों के बीच चर्चा में हैं। मजबूत नतीजों और क्विक कॉमर्स कारोबार में तेजी के चलते कई बड़े ब्रोकरेज हाउसेस ने Eternal के शेयर पर अपने टारगेट प्राइस बढ़ा दिए हैं। कुछ ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा स्तर से शेयर में 52 प्रतिशत तक की तेजी की संभावना बनती है। यही वजह है कि निवेशक यह समझना चाहते हैं कि Eternal के नतीजों में ऐसा क्या खास रहा और आगे शेयर को लेकर क्या रणनीति बन सकती है।

Eternal Share Price में हलचल

बुधवार को दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद Eternal के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर करीब 6 प्रतिशत तक चढ़कर 300 रुपये प्रति शेयर के ऊपर निकल गया। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते बाद में शेयर में कुछ नरमी आई। सुबह करीब 10 बजे Eternal का शेयर बीएसई पर 1.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 287.05 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। इसी दौरान सेंसेक्स भी मजबूती के साथ 0.93 प्रतिशत की तेजी में था।

नतीजों के बाद आई इस तेजी ने साफ कर दिया कि बाजार Eternal के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक संकेत देख रहा है। खासतौर पर क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी से जुड़े कारोबार ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।

क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी बना ग्रोथ का आधार

वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में Eternal के प्रदर्शन में सबसे बड़ी भूमिका उसके Quick Commerce कारोबार की रही। ब्लिंकइट के जरिए कंपनी ने तेजी से बढ़ते इंस्टेंट डिलीवरी सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। ब्रोकरेज हाउसेस का मानना है कि फूड डिलीवरी कारोबार फिलहाल स्थिर बना हुआ है, जबकि क्विक कॉमर्स आने वाले वर्षों में ग्रोथ का बड़ा इंजन बन सकता है।

Eternal का बिजनेस मॉडल अब केवल फूड डिलीवरी तक सीमित नहीं रहा। किराना, रिटेल और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में बदलते उपभोक्ता व्यवहार का फायदा कंपनी को मिल रहा है। यही वजह है कि ब्रोकरेज इसे लॉन्ग टर्म निवेश के नजरिए से आकर्षक मान रहे हैं।

Motilal Oswal का Eternal पर नजरिया

मोतीलाल ओसवाल ने Eternal पर अपनी BUY रेटिंग को बरकरार रखा है। हालांकि, ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस को 420 रुपये से घटाकर 360 रुपये कर दिया है। इसके बावजूद मौजूदा भाव से यह करीब 27 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिखाता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि Eternal का फूड डिलीवरी बिजनेस स्थिर है और ब्लिंकइट के जरिए कंपनी रिटेल और ई-कॉमर्स में हो रहे बड़े बदलावों का हिस्सा बन रही है। हालांकि, बढ़ती प्रतिस्पर्धा, डार्क स्टोर के विस्तार और इंस्टेंट कॉमर्स में ब्रांडिंग व मार्केटिंग पर बढ़ते खर्च को देखते हुए वित्त वर्ष 2027 और 2028 के अनुमान में करीब 15 प्रतिशत की कटौती की गई है।

नेतृत्व में हो रहे बदलावों को लेकर मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि यह प्रक्रिया फिलहाल संतुलित दिखती है। हालांकि, प्रबंधन और बोर्ड के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है। इससे कारोबार में कुछ अनिश्चितता जरूर जुड़ती है, लेकिन रोजमर्रा के कामकाज पर इसका बड़ा असर पड़ने की संभावना कम है।

Nuvama का बड़ा दांव

नुवामा ने Eternal पर अपनी BUY सलाह को कायम रखते हुए टारगेट प्राइस 400 रुपये से बढ़ाकर 430 रुपये कर दिया है। इस हिसाब से शेयर में करीब 52 प्रतिशत तक की तेजी की संभावना जताई गई है।

ब्रोकरेज के अनुसार, Eternal ने ब्लिंकइट और हाइपरप्योर जैसे कारोबार में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। दोनों सेगमेंट ने अनुमान से पहले ही एडजस्टेड ऑपरेशंस प्रॉफिट के स्तर पर लागत संतुलन हासिल कर लिया है। यही वजह है कि ब्रोकरेज ने कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर अपने अनुमान बढ़ाए हैं।

नुवामा का मानना है कि दीपिंदर गोयल कंपनी की प्रमुख जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, भले ही उनके पास अब औपचारिक रूप से मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद न हो। बेहतर मुनाफे की संभावना को देखते हुए ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2026 और 2027 के लिए प्रति शेयर आय के अनुमान में क्रमशः 41 प्रतिशत और 2.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।

Nomura का आकलन

नोमुरा ने भी Eternal पर अपनी खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 370 रुपये से बढ़ाकर 380 रुपये कर दिया है। मौजूदा भाव से यह करीब 34 प्रतिशत से ज्यादा का संभावित रिटर्न दर्शाता है।

नोमुरा का कहना है कि ब्लिंकइट के क्विक कॉमर्स कारोबार में लागत संतुलन उम्मीद से पहले हासिल हो जाना एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि ब्लिंकइट का शुद्ध ऑर्डर मूल्य 13,300 करोड़ रुपये रहा, जो उसके अनुमान से थोड़ा कम था। इसके बावजूद कंपनी की दिशा को लेकर ब्रोकरेज आशावादी बना हुआ है।

Eternal के Q3 नतीजे

वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में Eternal के नतीजे मजबूत रहे। अक्टूबर से दिसंबर के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 72.8 प्रतिशत बढ़कर 102 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 59 करोड़ रुपये था। तिमाही आधार पर भी मुनाफा 65 करोड़ रुपये से बढ़कर 102 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी की आय में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। इस तिमाही में Eternal की आय सालाना आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़कर 16,315 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 5,405 करोड़ रुपये थी। पिछली तिमाही में कंपनी की आय 13,590 करोड़ रुपये थी, यानी तिमाही आधार पर भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।

परिचालन लाभ की बात करें तो यह सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर 364 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही में परिचालन लाभ 224 करोड़ रुपये था, यानी तिमाही आधार पर इसमें 63 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई।

नकदी स्थिति और निवेश की चुनौतियां

क्विक कॉमर्स कारोबार में लगातार निवेश और बढ़ती कार्यशील पूंजी की जरूरत के चलते कंपनी की नकदी में थोड़ी कमी आई है। दूसरी तिमाही में Eternal के पास 18,314 करोड़ रुपये की नकदी थी, जो तीसरी तिमाही में घटकर 17,820 करोड़ रुपये रह गई। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा नकदी स्थिति कंपनी की विकास योजनाओं के लिए फिलहाल पर्याप्त है।

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