फाजिल्का में 30 किलो हेरोइन सहित 3 अरेस्ट: STF का बड़ा एक्शन, कार में लाए थे नशे की खेप; अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत करोड़ों

फाजिल्का के जलालाबाद में STF ने 30.672 किलो हेरोइन के साथ 3 युवकों को गिरफ्तार किया। कार से लाई जा रही खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों है।
फाजिल्का में 30 किलो हेरोइन सहित 3 अरेस्ट: STF का बड़ा एक्शन, कार में लाए थे नशे की खेप; अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत करोड़ों
Photo Credit / Attribution: Google

फाजिल्का जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान STF को बड़ी कामयाबी मिली है। जलालाबाद इलाके में कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स ने करीब 30.672 किलो हेरोइन बरामद की है। इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी एक कार के जरिए नशे की बड़ी खेप लेकर जा रहे थे। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ पकड़े जाने के बाद पुलिस ने पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

STF की यह कार्रवाई जलालाबाद में जालंधर? नहीं, जलालाबाद-फाजिल्का हाईवे पर की गई। पुलिस को नशे की खेप के बारे में पहले से इनपुट मिला था। इसके आधार पर ANTF फाजिल्का रेंज की तकनीकी जानकारी और खुफिया सूचना को आधार बनाकर टीम ने संदिग्ध वाहन की निगरानी शुरू की। इसके बाद हरि कृष्ण सिनेमा के पास हाईवे पर कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हंसप्रीत, आकाश सिंह और अनमोलप्रीत के रूप में हुई है। आरोपियों की उम्र करीब 20 से 25 वर्ष के बीच बताई गई है। इनमें दो आरोपी फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा गुलाम पधरा गांव का निवासी बताया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन उन्हें किसने उपलब्ध कराई थी और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था।

जांच एजेंसियों के लिए यह बरामदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि एक साथ 30 किलो से अधिक हेरोइन मिलना किसी छोटे स्तर के सप्लायर की बजाय बड़े ड्रग नेटवर्क की ओर इशारा कर सकता है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए इस खेप के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश करेगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि आरोपी पहले से किसी आपराधिक या नशा तस्करी के मामले में शामिल रहे हैं या नहीं।

फाजिल्का पंजाब का सीमावर्ती जिला है और यहां से पाकिस्तान सीमा अपेक्षाकृत नजदीक होने के कारण सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती रही है। हाल के वर्षों में BSF, पंजाब पुलिस, STF और खुफिया एजेंसियों ने इस क्षेत्र में हेरोइन की कई बड़ी खेप पकड़ी हैं। अगस्त 2026 में ही फाजिल्का में BSF और पंजाब पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब 30 किलो हेरोइन की एक अलग खेप बरामद हुई थी। उस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था और जांच में सीमा पार के तस्करों से संपर्क की आशंका भी सामने आई थी।

हालांकि मौजूदा मामले में पुलिस की शुरुआती जांच जलालाबाद-फाजिल्का हाईवे पर पकड़ी गई कार और तीन आरोपियों के नेटवर्क पर केंद्रित है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद रिमांड हासिल करने की कोशिश की जाएगी। रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि हेरोइन कहां से लाई गई थी, किस व्यक्ति ने उन्हें खेप सौंपी और इसे पंजाब के किस इलाके या दूसरे राज्य में पहुंचाया जाना था।

नशे की इस बड़ी खेप की बरामदगी ने एक बार फिर पंजाब में ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर ध्यान खींचा है। पुलिस लगातार यह दावा करती रही है कि नशे के खिलाफ अभियान में छोटे सप्लायरों के साथ-साथ बड़े नेटवर्क और उनके हैंडलर्स तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। किसी भी बड़ी बरामदगी के बाद जांच का अगला चरण यही होता है कि पकड़े गए आरोपियों के पीछे कौन लोग काम कर रहे थे और उनके तार कहां तक जुड़े हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों, आर्थिक लेनदेन और वाहन से जुड़ी जानकारी की भी जांच की जा सकती है। यदि जांच में किसी बड़े नेटवर्क के संकेत मिलते हैं तो आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपी खुद इस खेप के मालिक थे या केवल इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत को लेकर भी चर्चा है। अधिकारियों ने बरामद खेप को करोड़ों रुपये की कीमत का बताया है। हालांकि किसी प्रतिबंधित नशीले पदार्थ की कीमत अलग-अलग बाजारों और परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है, इसलिए पुलिस द्वारा बताई गई अनुमानित कीमत को आधिकारिक जांच के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

फाजिल्का में इससे पहले भी बड़ी मात्रा में हेरोइन पकड़ी जाती रही है। जून 2026 में फाजिल्का पुलिस ने एक अलग कार्रवाई में 1.8 किलो से अधिक हेरोइन बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस मामले में पुलिस ने कथित तौर पर ड्रग सप्लाई नेटवर्क के स्रोत और आगे की सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने की बात कही थी।

इसी तरह अगस्त में BSF और पंजाब पुलिस की कार्रवाई में करीब 30 किलो हेरोइन के साथ दो लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। उस ऑपरेशन में 53 पैकेटों में रखी हेरोइन बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। इससे संकेत मिलता है कि फाजिल्का और आसपास का सीमावर्ती इलाका नशा तस्करी के नेटवर्क के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है।

मौजूदा मामले में पुलिस की कार्रवाई का अहम पहलू यह है कि सूचना के आधार पर संदिग्ध वाहन को रोका गया और तलाशी के दौरान खेप पकड़ी गई। इससे पुलिस को आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। अगर आरोपियों से पूछताछ में खेप के हैंडलर या मुख्य सप्लायर का पता चलता है तो यह कार्रवाई केवल 30 किलो हेरोइन की बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिल सकती है।

पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपी इस नेटवर्क में कितने समय से जुड़े थे। उनकी पिछली गतिविधियों, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया संपर्क और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच की जा सकती है। यदि उनके संपर्क दूसरे राज्यों या सीमा पार मौजूद तस्करों से मिलते हैं तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रहा है। राज्य सरकार और पुलिस की ओर से ड्रग्स के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का दावा किया जाता है। दूसरी ओर विपक्ष और सामाजिक संगठनों की ओर से नशे की समस्या को पूरी तरह खत्म करने के लिए और सख्त कदम उठाने की मांग होती रही है। ऐसे में इतनी बड़ी हेरोइन की बरामदगी पुलिस के लिए बड़ी कार्रवाई जरूर है, लेकिन इसके साथ यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि इस खेप के पीछे मौजूद नेटवर्क तक कितनी जल्दी पहुंचा जाता है।

ड्रग तस्करी के मामलों में केवल खेप बरामद करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता। मुख्य चुनौती उस सप्लाई चेन को तोड़ना होती है, जिसमें नशीला पदार्थ सीमा पार से देश में आता है, फिर अलग-अलग लोगों के माध्यम से शहरों और गांवों तक पहुंचाया जाता है। पुलिस की जांच अब इसी दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है।

पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद नशे की खेप के स्रोत और आगे की सप्लाई के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। यदि आरोपियों के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज मिलता है तो उससे जांच एजेंसियों को उनके नेटवर्क के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है।

फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिले में सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती और भी बड़ी है। ड्रग तस्करी में कई बार सीमा पार बैठे हैंडलर्स स्थानीय युवकों को नेटवर्क में शामिल करते हैं। इसके बाद नशीली खेप को अलग-अलग माध्यमों से आगे पहुंचाया जाता है। पुलिस और BSF लगातार ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई करती रही हैं। अगस्त में 30 किलो हेरोइन की एक अलग बरामदगी के साथ हथियार और पाकिस्तानी ड्रोन मिलने की घटना भी सामने आई थी, जिससे सीमा पार तस्करी के बहुआयामी नेटवर्क की चिंता सामने आती है।

अब इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस की कोशिश होगी कि पूछताछ के लिए पर्याप्त रिमांड मिले, ताकि बरामद खेप के पूरे नेटवर्क की जानकारी हासिल की जा सके। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट होगा कि कार का इस्तेमाल केवल परिवहन के लिए किया जा रहा था या आरोपी खुद सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा थे।

आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या बरामदगी होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अगर पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य ठिकानों पर छापेमारी करती है तो इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोग भी गिरफ्त में आ सकते हैं। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस का फोकस नशे की इस बड़ी खेप के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचने पर है।

कुल मिलाकर, फाजिल्का के जलालाबाद में STF ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 30.672 किलो हेरोइन बरामद की है और तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कार के जरिए यह खेप लेकर जा रहे थे। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई गई है। अब जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि खेप कहां से आई थी और इसे किसे सौंपा जाना था। पुलिस की नजर इस कार्रवाई के जरिए केवल आरोपियों तक सीमित न रहकर पूरे सप्लाई नेटवर्क और उसके हैंडलर्स तक पहुंचने पर है।

Leave a comment