फ्रेंच ओपन 2026 में बुधवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी Aryna Sabalenka को हार का सामना करना पड़ा।
स्पोर्ट्स न्यूज़: फ्रेंच ओपन 2026 में महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल मुकाबले ने टेनिस जगत को चौंका दिया, जब दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी Aryna Sabalenka को रूस की डायना श्नाइडर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। तीन सेटों तक चले इस रोमांचक मुकाबले में श्नाइडर ने 3-6, 7-5, 6-0 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस हार के साथ सबालेंका का रोलां गैरो खिताब जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया।
मैच का रुख कैसे बदला?
मैच की शुरुआत में सबालेंका ने मजबूत प्रदर्शन किया और पहले सेट को आसानी से अपने नाम किया। उनकी आक्रामक सर्विस और बेसलाइन गेम ने उन्हें शुरुआती बढ़त दिलाई। लेकिन दूसरे सेट से मुकाबले की दिशा पूरी तरह बदल गई। डायना श्नाइडर ने धीरे-धीरे खेल पर नियंत्रण हासिल किया और लगातार लंबी रैलियों में सबालेंका को गलतियां करने पर मजबूर किया। दूसरे सेट को 7-5 से जीतने के बाद श्नाइडर ने तीसरे सेट में पूरी तरह दबदबा बना लिया और 6-0 से सेट जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
हार के बाद भावुक हुईं सबालेंका
मैच के बाद आर्यना सबालेंका बेहद निराश और भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि इस हार ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया है और उस समय उनके दिमाग में कई नकारात्मक विचार चल रहे थे। सबालेंका ने अपने बयान में कहा कि इस समय वे बेहद निराश महसूस कर रही हैं और यहां तक कि उन्होंने टेनिस छोड़ने जैसे विचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने स्वीकार किया कि मैच के दौरान उनकी एकाग्रता टूट गई और लगातार गलतियों ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया।
उन्होंने भावनात्मक प्रतिक्रिया में यह भी कहा कि कभी-कभी खिलाड़ी मानसिक दबाव को कम करने के लिए आक्रोश व्यक्त करते हैं, लेकिन इसका वास्तविक समाधान समय के साथ ही मिलता है।
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शानदार फॉर्म के बावजूद निराशाजनक नतीजा
इस टूर्नामेंट से पहले सबालेंका को खिताब की सबसे बड़ी दावेदारों में से एक माना जा रहा था। कई शीर्ष खिलाड़ियों के शुरुआती दौर में बाहर होने के बाद उनके लिए यह खिताब जीतने का सुनहरा मौका माना जा रहा था। ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन जैसे ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकीं सबालेंका ने इस सीजन में भी शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन फ्रेंच ओपन में उनकी चुनौती इस बार क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गई।
रूस की युवा खिलाड़ी डायना श्नाइडर ने इस मुकाबले में अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। शुरुआती सेट हारने के बाद उन्होंने मानसिक मजबूती और रणनीतिक खेल का शानदार प्रदर्शन किया। श्नाइडर ने लंबी रैलियों में धैर्य बनाए रखा और सबालेंका की गलतियों का पूरा फायदा उठाया। तीसरे सेट में उनका दबदबा पूरी तरह स्पष्ट था, जहां उन्होंने बिना कोई गेम गंवाए 6-0 से सेट और मैच जीत लिया।
ग्रास कोर्ट सीजन पर नजरें
फ्रेंच ओपन में मिली इस हार के बावजूद सबालेंका के पास आगे वापसी का अवसर मौजूद है। अब टेनिस सर्किट का ध्यान ग्रास कोर्ट सीजन की ओर बढ़ेगा, जिसकी शुरुआत आगामी विम्बलडन से होगी। विम्बलडन 29 जून से शुरू होने जा रहा है और वहां सबालेंका एक बार फिर खिताब की मजबूत दावेदारों में शामिल होंगी। उनके करियर में अब तक चार ग्रैंड स्लैम खिताब शामिल हैं और वे घास के मैदान पर अपनी पहली बड़ी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी।









